अंतरराष्ट्रीय
-टॉम बेटमैन
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सफल बातचीत तब तक मुश्किल है, जब तक युद्धविराम नहीं होता.
अधिकारी ने कहा, "किसी भी चर्चा के लिए लड़ाई रुकनी चाहिए. अभी लड़ाई जारी है. 'युद्धविराम' ऐसी शर्त है, जिसके पूरे होने के बाद बातचीत हो सकती है."
सूत्र ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश बीते दो हफ़्तों से चल रही है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा गुप्त रखा गया है.
अधिकारी ने कहा, "ईरान तक संदेश पहुंचाना और समय पर जवाब लेना संभव नहीं है. औसतन जवाब आने में एक दिन लग जाता है."
रविवार को ट्रंप ने वेबसाइट एक्सियोस को बताया कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुश्नर ईरानियों के साथ "गंभीर बातचीत" कर रहे हैं.
उन्होंने और जानकारी नहीं दी, बस इतना कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ फिर से खोलने पर समझौता नहीं हुआ तो वह "सब कुछ उड़ा देंगे."
पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र भी मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल रहे हैं. बताया गया कि शनिवार को इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने विटकॉफ़ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बात की. (bbc.com/hindi)


