अंतरराष्ट्रीय
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में ''अमेरिकी सरकार के रवैये'' पर सवाल खड़े किए हैं.
पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, ''वादे निभाना ही सार्थक बातचीत का आधार है. अमेरिकी सरकार के रवैये को लेकर ईरान में गहरा ऐतिहासिक अविश्वास अब भी बना हुआ है.''
“अमेरिकी अधिकारियों से मिलने वाले गैर-रचनात्मक और विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं कि वे ईरान का समर्पण चाहते हैं. ईरानी लोग ज़ोर-ज़बरदस्ती के आगे नहीं झुकते.”
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में कहा ''वेनेज़ुएला, जिसके अंजाम के बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, उसी तरह ईरान में शानदार नतीजे होंगे.''
''अगर ईरान के नए नेता समझदार निकले, तो ईरान का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल और समृद्ध हो सकता है.''
एक तरफ पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित बातचीत की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच कड़वाहट भी लगातार जारी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान से शांति वार्ता के लिए उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जा रहा है, हालाँकि ख़बर लिखे जाने तक ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है.
ईरान का झंडा लगे मालवाहक जहाज़ पर अमेरिकी कब्ज़े के बाद यह कड़वाहट तेज़ी से बढ़ रही है. अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले किए हैं.
ईरान की सबसे बड़ी सैन्य कमांड इकाई ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने जवाबी कार्रवाई की पहले ही चेतावनी दी थी और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को कहा, "अमेरिका ने युद्धविराम की शुरुआत से ही उसका उल्लंघन किया." (bbc.com/hindi)


