अंतरराष्ट्रीय
जर्मनी में संभावित ओलंपिक मेजबानी को लेकर हुए जनमत संग्रह में “कोलोन-राइन-रूर” प्रस्ताव को बड़ा समर्थन मिला है. जर्मन ओलंपिक निकाय डीओएसबी के अनुसार, करीब 66 फीसदी मतदाताओं ने 2036, 2040 या 2044 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी के इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. इस योजना के तहत कोलोन को मुख्य शहर बनाया जाएगा, जबकि आसपास के कई शहर भी विभिन्न प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेंगे, जैसा कि हाल के वर्षों में आम तौर पर देखा गया है.
हालांकि, कोलोन को जर्मनी के भीतर ही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा. बर्लिन, म्यूनिख और हैम्बर्ग भी डीओएसबी के सामने अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. जो भी शहर चुना जाएगा, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कतर, तुर्की, भारत, चिली और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से मुकाबला करना होगा. डीओएसबी विशेष रूप से 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि रखता है, क्योंकि यह 1936 के बर्लिन ओलंपिक के 100 साल पूरे होने का प्रतीक होगा, जिसे नाजी तानाशाह हिटलर ने आयोजित किया था. कहा जा रहा है कि इसके जरिए बदले हुए आधुनिक जर्मनी को लोगों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा. (dw.com/hi)


