दुर्ग
मनरेगा के कामों में गति नहीं, ग्रामीणों में रोष
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 7 जनवरी। जारी वित्तीय वर्ष के पंद्रहवें वित्त की राशि अब जारी नहीं होने से ग्राम पंचायतों में विकास ठप है। वहीं मनरेगा के कार्यों में भी गति नहीं आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है, जिससे सरपंचों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
पाटन सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के समक्ष ग्यारह सूत्रीय मांगें रखी है। संघ के अध्यक्ष विनय चंद्राकर, कुसुमलता, प्रियलता महिपाल, शैलेन्द्री सहित क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों का कहना है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों में नव-निर्वाचित सरपंच बने लगभग दस माह हो चुके हैं। समस्त ग्रामों की मूलभूत सुविधाओं एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए पंचायती राज व्यवस्था क्षीण हो चुकी है। शासन एवं प्रशासन के द्वारा अभी तक किसी की राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
उन्होंने मांग किया कि मनरेगा में मजदूरी कार्य पुन: जारी किया जाए, जिससे पंचायतों का विकास किया जा सकें। इसी प्रकार 15वें वित्त की वर्ष 2025-26 की राशि जारी किया जाए पंचायतों को मिलने वाली मूलभूत एवं 15वें वित्त आयोग की राशि 2011 की जनगणना के अनुसार आवंटित होता है उसे वर्तमान जनसंख्या के अनुसार आबंटित किया जाना चाहिए।
वहीं पूर्व में संचालित गौठान के सभी खातों की जानकारी सरपंचों को दिया जाए एवं शेष राशि पंचायतों के मूलभूत समस्याओं एवं विकास के लिए जारी हो एवं सरपंचों को इनकी राशि आहरण करने की अनुमति प्रदान किया जाए। गौण खनिज की राशि 2020-2021 तक की ही राशि प्राप्त हुई है शेष वर्ष की राशि अविलंब प्रदान करें।
सरपंच निधि के रूप में प्रत्येक ग्राम पंचायतों को पांच लाख रूपये विकास हेतु प्रतिवर्ष दी जाए। 15वें वित्त में जिला स्तर 10 प्रतिशत, जनपद स्तर 15 प्रतिशत को हटाकर शत प्रतिशत राशि ग्राम पंचायतों को प्रदाय होना चाहिए।
पाटन ब्लाक के समस्त ग्राम पंचायतों में, जल- जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माण कार्यों में हो रहे अनियमितता में सुधार लाई जावे। गांव में लगे सोलर संयंत्रों का मरम्मत तत्काल हो। प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर शहरों की तर्ज पर 2,50,000 किया जाए एवं हितग्राहियों की भूमि के आभाव पर प्रथम मंजिल पर प्रधानमंत्री आवास निर्माण करने की अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही सरपंच का वर्तमान मानदेय जो कि 4000 रू है बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 12000 रुपए किया जाए।


