दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 28 दिसंबर। स्थानीय उद्योग, व्यापार एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सशक्त दिशा देने हेतु ‘उज्ज्वल उद्योग भविष्य ’ विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का सफल आयोजन विगत दिनों किया गया। इस अवसर पर ‘व्यापार से समृद्धि विजन 3.0 ’को केंद्र में रखते हुए व्यापारिक नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप संस्कृति एवं आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यशाला के दौरान वित्त मंत्री का विशेष संदेश उपस्थितजनों के लिए प्रेरणास्रोत रहा। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग देश की आर्थिक रीढ़ हैं। युवाओं को नवाचार, कौशल विकास और डिजिटल सोच के साथ आगे बढऩा चाहिए। सरकार द्वारा उद्योगों एवं व्यापारियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है।
उन्होंने ‘व्यापार से समृद्धि विजन 3.0 ’ को भारत के आर्थिक विकास का मजबूत रोडमैप बताते हुए कहा कि यह विजन व्यापारियों, युवाओं और उद्यमियों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यशाला में महामंत्री अजय भसीन व अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने उद्योगों की वर्तमान चुनौतियों, वित्तीय प्रबंधन, नई तकनीक, सोलर एवं ग्रीन एनर्जी, स्टार्टअप अवसरों और सरकारी नीतियों पर मार्गदर्शन दिया।
बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्योगपति, युवा उद्यमी एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापार और उद्योग जगत को एक साझा मंच प्रदान कर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम संयोजक भूपेंद्र नेमा,भोलानाथ सेठ ,सी ए राजेश बाफना रहे। कार्यक्रम सी ए बिल्डिंग सिविक सेंटर में सम्पन्न हुआ। आयोजन को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। यह जानकारी मिडिया प्रभारी शंकर सचदेव ने दी।


