धमतरी
बछड़े, बकरी और कुत्तों को बनाया शिकार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 7 मई। भोजन और पानी की तलाश में वन प्राणी जंगल छोड़ रिहायशी इलाकों में घुसने लगे हैं। पिछले दिनों धमतरी में भालू, नगरी क्षेत्र में हाथी और अब कुरुद के एक गाँव में तेंदुआ नजऱ आया है। जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। हालांकि वन अमला लगातार गश्त कर रहा है, संबंधित अधिकारियों को अब तक फुट मार्क और वीडियो फुटेज तो मिला है लेकिन तेंदुआ नजर नहीं आया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार कुरुद ब्लॉक अंतर्गत महानदी किनारे बसे ग्राम गुदगुदा में पिछले दो महीने से तेंदुए की आवाजाही की खबर मिल रही है। दिन में चरवाहों ने नदी कछार में झाडिय़ों के पास तेंदुए को देखा है। रात में गाँव के भीतर से आवारा कुत्तों का शिकार करने तेंदुए के आने के निशान मिले, जिसके चलते गाँव में कुत्ते की संख्या तेजी से कम होने लगी है।
सरपंच सोनम संजय साहू ने बताया कि कुछ पशु पालकों ने छोटे बछड़े एवं बकरियों के गायब होने की शिकायत की है। जिसमें चुम्मन निषाद के बकरा, मालिक ध्रुव की बकरी, अलीराम एवं केवल साहू के बछड़ों को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया है। हमने वन विभाग को इसकी जानकारी देते हुए पीडि़त किसानों को मुआवजा और लोगों को बुन्दी बाघ से बचाने की फरियाद की। तब से वन अमला कई बार गाँव आकर पत्तासाजी कर चुका है। जिसमें उन्हें तेंदुए के पदचिह्न मिले हैं, रात में कुछ युवकों ने अपने मोबाइल कैमरे पर गाँव में घुमते तेंदुए को कैद भी किया और फुटेज भी उपलब्ध है।

इस बारे में कुरुद सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी एरावत मधुकर ने बताया कि पिछले महिने गुदगुदा में तेंदुआ आने की खबर मिलते ही विभागीय टीम ने गाँव और नदी किनारे सघन निरीक्षण किया। लेकिन 8-10 फीट ऊंची युगोटोरियस घास की घनी झाडिय़ों के कारण तेंदुआ नहीं दिखाई दिया। लेकिन रेत पर उसके पंजे का निशान मिला है। चरवाहे और ग्रामीणों के बयान और पदचिन्ह के आधार पर हम कह सकते हैं कि वह 4-5 साल का नर तेंदुआ है। जो दक्षिण सिंगपुर के जंगलों से निकल राजपुर, मोहदी होते हुए नदी किनारे चल कर यहाँ पहुँचा होगा। हमने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है, जल्द ही धमतरी से बचाव टीम गाँव पहुंचेगी।
सोसायटी अध्यक्ष थानेश्वर साहू, युवा मोर्चा से जुड़े देवेंद्र साहू आदि ग्रामीणों ने जंगल विभाग से तेंदुए का बचाव कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है।


