धमतरी

अनाज भंडारण योजना में धमतरी की 4 समिति शामिल, 25 सौ मीट्रिक
07-May-2026 8:20 PM
अनाज भंडारण योजना में धमतरी की 4 समिति शामिल, 25 सौ मीट्रिक

टन चना भंडारण की क्षमता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 7 मई। ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिला उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कर रहा है। एनसीसीएफ रायपुर द्वारा कुरुद ब्लॉक की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों अंवरी, कोसमर्रा और धमतरी क्षेत्र की पोटियाडीह एवं कोलियारी को गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर जारी कर भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन ने इस वर्ष रबी में उत्पादित दलहन तिलहन फसलों को समर्थन मूल्य में खरीदने का निर्णय लिया। धमतरी जिला में प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया था। जिसमें से अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी की जा चुकी है, लक्ष्य के निकट पहुंचने के बावजूद खरीदी की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार इसे और बढ़ाया जा सकता है।

यहाँ पर यह बताना लाजमी होगा कि पूरे छत्तीसगढ़ में खरीदे गए चने का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले धमतरी जिले से खरीदा जाना जिले की कृषि क्षमता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। भारत सरकार द्वारा 31 मई 2023 से सहकारी क्षेत्र में शुरू की गई विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना का उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के माध्यम से गाँव स्तर पर गोदाम, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर बनाकर खाद्यान्न की बर्बादी को रोकना और किसानों को सही दाम दिलाना है

इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत धमतरी जिले में बनने वाले प्रत्येक गोदाम में 2500 मीट्रिक टन चना भंडारण की क्षमता होगी।

 इस संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले ने चना खरीदी और भंडारण व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि किसानों की सक्रिय भागीदारी, सहकारी समितियों की मेहनत और प्रशासन की सतत निगरानी का परिणाम है। हमारा प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और भंडारण की वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। आगे भी जिले में खरीदी और भंडारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

 उन्होंने बताया कि धमतरी जिले की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।

 


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