धमतरी
मगरलोड भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 31 मार्च। कुरुद एवं सिहावा विधानसभा के तहत आने वाले मधुबन धाम में मगरलोड भाजपा मंडल का दो दिवसीय दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान का शुभारंभ विधायक अजय चन्द्राकर ने किया। उन्होंने भगवान राम और श्री कृष्ण का उदाहरण देते हुए बताया कि गुरु से मार्ग दर्शन और प्रशिक्षण की जरूरत हर किसी को हर समय होती है।
महानदी के तट पर स्थित मधुबन में 30-31 मार्च को मगरलोड भाजपा मंडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। सोमवार को प्रथम सत्र का शुभारंभ करते हुए कुरुद विधायक अजय चन्द्राकर ने भाजपा ध्वज का ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले 200 कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्री चन्द्राकर ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ संगठन की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और टीम भावना का संचार होता है जिससे संगठन और अधिक कारगर बनता है।
उन्होंने पार्टी विचारधारा, सेवा और समर्पण भाव को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए बताया कि किसी को कभी भी यह गुमान नहीं होना चाहिए कि हम इतने सालों से संगठन और निर्वाचित पदों में काम कर रहे हैं, हमें अब किसी प्रशिक्षण की क्या जरूरत है ! आईटी के इस दौर में देश और दुनिया तेजी से बदल रही है, इसलिए कल जो सिखा था वो आज पुराना हो गया, गुरु के मार्ग दर्शन और प्रशिक्षण से तो भगवान भी अछूते नहीं रहे हैं। पूर्व मंत्री श्री चन्द्राकर ने अपने पुराने कर्म क्षेत्र के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए बताया कि मैंने सिंगपुर में आईटीआई और पुलिस थाना खोलने का इरादा किया था।
इसी बीच हुए परिसीमन ने मेरे हाथ बांध दिए। लेकिन मैंने इसके लिए संबधित विधायक से कई बार चर्चा की और हर सहयोग करने का भरोसा दिलाया पर मेरा ख्वाब अब भी अधूरा है। उन्होंने बताया कि मेघा से दुगली तक रोड निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, जल्द काम शुरू होगा। प्रशिक्षण शिविर में ज्योति चन्द्राकर, शालनी राजपूत, रंजना साहू, प्रकाश बैस, शशि पवार, रवि दुबे, तिलोक जैन आदि भी भाजपा परिवार के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। आयोजन को सफल बनाने जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, रोहित मोहन साहू, टीकाराम कंवर, नरेश सिन्हा, शत्रुहन साहू, विजय यदू, नंदनी, मुरली सिन्हा, खिलेश साहू, भवानी यादव, हेमलता, कुष्ण कुमार धुर्व, नरेश अग्रवाल, डुगेश्वरी, टीकम साहू, राजकुमारी कश्यप, धनेश्वर साहू, कविता सिन्हा आदि योगदान दे रहे हैं।


