धमतरी
भरदा के किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 13 मई। कुरुद से होकर गुजरने वाली भारतमाला विशाखापट्टनम सडक़ कभी किसानों की परेशानी तो कभी मुआवजा घोटाले के नाम पर चर्चा में बनी हुई है। बरसात में पानी निकासी और अब खेत जाने का रास्ता बंद करने के नाम पर किसान परेशान हंै। इसी बात को लेकर दर्जनों किसानों ने एक बार फिर एसडीएम से गुहार लगा समस्या सुलझाने की मांग की है।
गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना के तहत विशाखापट्टनम सडक़ का निर्माण कार्य पिछले कुछ वर्षों से जारी है। कुरुद के कई गाँव के बीच से गुजरने वाली यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अपने स्थापना काल से ही कभी किसानों की परेशानी तो कभी मुआवजा घोटाले के नाम पर चर्चा में बनी हुई है। तय मापदंड की अनदेखी के चलते बरसात में पानी निकासी की समस्या से किसानों को हर वर्ष दो चार होना पड़ता है।
वर्तमान में भरदा के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप बताया कि कुरुद-राजिम मार्ग पर भारतमाला विशाखापट्टनम रोड में ग्राम भरदा ओवर ब्रिज के किनारे खेतों की ओर जाने वाले रास्ते में घेराबन्दी कर आवाजाही को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
कुहकुहा सरपंच रुपेश कुमार, भरदा के प्रगतिशील कृषक लेखराज चन्द्राकर, रामलाल, पुरण, शालिकराम, श्यामलाल, राजकुमार, सुशील, रामसिंह, सुरेन्द्र चंद्राकर, मदन लाल, जनक, देवकुमार आदि किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप बताया कि विशाखापट्टनम रोड के नीचे अतिरिक्त स्थान पर जो बाउंड्रीवॉल किया जा रहा है, उस रास्ते में किसान सदा से ही बैलगाड़ी, ट्रैक्टर और पैदल आना जाना करते रहे हैं। इसे रोक देने से हम अपने खेतों तक नहीं जा सकेंगे। रोड निर्माण के बाद भी सुगमता से कृषि कार्य संपन्न हो रहा था, लेकिन बाउंड्रीवॉल हो जाने के बाद से चार कदम की दूरी दो किलोमीटर में तब्दील हो जाएगी। बाउंड्रीवॉल हो जाने से किसानों को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा, कृषि कार्य की लागत बढ़ जाएगी। अत: हम प्रशासन से निवेदन करते हैं कि उक्त स्थान पर रास्ते के लिए कम से कम तीन मीटर जगह छोडक़र बाउंड्रीवॉल कराया जाए ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े ।


