धमतरी

डिप्टी रेंजर पर ग्रामीणों ने लगाया हज़ार पेड़ कटवाने का आरोप
25-Mar-2026 7:52 PM
 डिप्टी रेंजर पर ग्रामीणों ने लगाया हज़ार पेड़ कटवाने का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 25 मार्च। मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनपैरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत कर मोहंदी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन कराया गया और करीब एक हजार पेड़ों की बिना अनुमति कटाई करा दी गई। जबकि संबंधित वन अधिकारी ने उन पर लगे आरोप का खंडन करते हुए इस पूरे मामले को वनभूमि में कब्जे की लड़ाई बताया।

  मंगलवार को धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचे मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनपैरी के सरपंच इन्दुलता कंवर, ग्रामीण विकास समिति अध्यक्ष दादूराम साहू, सचिव रुपराम साहू, ग्राम पटेल नेतराम साहू, द्वारिका साहू आदि ग्रामीणों ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि मोहंदी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर ने गांव की करीब 75 एकड़ घास एवं आबादी भूमि जो राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है, में ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग या ग्रामीणों को सूचना दिए बिना सडक़ निर्माण करा दिया,  इसके लिए बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई की गई और भारी मशीनों का उपयोग कर भूमि को समतल किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान एक हजार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई कर दी गई, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।

 ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे कार्य के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति या सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित भूमि के चारों ओर  5 बाय 5 फीट गहरी और चौड़ी खुदाई कर दी गई है, जिसके कारण गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. पशुओं के चराई मार्ग भी प्रभावित हुए हैं और खेतों तक पहुंचने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्य का विरोध किया तो वन भूमि का हवाला देकर उन्हें डराया-धमकाया गया और प्रताडि़त किया गया, इससे गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम से जांच कराई जाए और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मामले में डिप्टी रेंजर मकुन्द राव वाहने ने अपने उपर लगे आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वन भूमि में अतिक्रमण के इरादे से कुरुद के एक चन्द्राकर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा है, पेड़, कटाई, मुरुम उत्खनन जैसा कुछ भी नहीं हुआ है, मैं जब छुट्टी पर था तब किसी ने जंगल की ओर आने जाने के लिए रास्ता बना दिया है।

 इस बारे में अपर कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए डीएफओ धमतरी को पत्र भेज दिया गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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