धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 23 मार्च। माहेश्वरी समाज की महिलाओं एवं युवतियों ने नारी शक्ति, सौभाग्य एवं संस्कृति का प्रतीक गणगौर पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। नगर की आराध्य देवी चंडी मंदिर का दर्शन कर माता गणगौर (गौरी) एवं भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, सौभाग्य एवं अखंड सौभाग्य की कामना की।
कुरुद माहेश्वरी समाज की नारी शक्तियों ने सुबह से ही व्रत रखकर घरों एवं मंदिरों में सुंदर साज-सज्जा की तथा मिट्टी की गणगौर प्रतिमा बना उन्हें आकर्षक वस्त्रों एवं आभूषणों से सजाया और खुद भी अलग अलग परिधानों से सुसज्जित होकर पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुईं।
सबने मिलकर पारंपरिक गीतों एवं लोकनृत्य के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जिसमें प्रीति केला, दीपाली, सेजल, चेतना, पाखी, सुहानी, पीहू, राधिका, भाविका, सिद्धि, सौम्या, अंचल, पायल, सौम्या, पल्लवी केला की विशेष भूमिका रही।
इसके पूर्व माहेश्वरी युवा संगठन धमतरी जिला अध्यक्ष बनने पर प्रतीक केला को ऋषभ भूतड़ा को कुरूद का संगठन मंत्री बनने, जिला माहेश्वरी महिला संगठन की अध्यक्ष प्रीति केला को जिम्मेदारी सौंपने तथा रोशनी केला को कुरूद संस्कृति मंत्री बनाये जाने पर नव नियुक्त पदाधिकारियों का माहेश्वरी समाज के लोगों ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में माहेश्वरी समाज कुरूद के अध्यक्ष नवल किशोर केला, रमेश केला, अरुण केला, चिरंजी लाल गांधी, गोविंद सददानी, नंद किशोर राठी, विजय केला, हरीश केला, महेश, हितेन्द्र केला, रश्मि केला, गीता, चंदा, हेमा, मनीषा, कोमल, हनी, शिल्पा, वैशाली, विमला, दीपाली, सीमा राठी, सेजल, सौम्य, प्रियल केला सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।


