धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 19 मार्च। कुरुद ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुदगुदा में नदी किनारे कछार में रेत का अवैध उत्खनन कार्य कई दिनों से जारी है। जिसे ट्रैक्टर के मध्यम से कुरुद सहित आस-पास के गांव में बेचा जा रहा है। जिस तरीके से रेत उत्खनन किया जा रहा है उससे नदी किनारे की जमीन का कटाव तेजी से बढ़ रहा है, जो भविष्य में गाँव के लिए ही घातक सिद्ध होगा।
कुरुद विधानसभा अंतर्गत महानदी में वैध अवैध तरीके से रेत उत्खनन परिवहन का काम बिना किसी रोक टोक के बदस्तूर जारी है। सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का वाले अंदाज में खनिज माफिया द्वारा जहाँ तहां रेत मुरूम मिट्टी निकालने का काम किया जा रहा है। ऐसे ही एक मामला नदी के तट पर बसे ग्राम गुदगुदा का है। जहाँ से रोज अवैध तरीके से ट्रैक्टरों में भरकर रेत निकाली जा रही है।
इस संबंध में कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ नदी किनारे नाले और कछार की रेत को लोग चोरी करके ले जाते थे, परेशान होकर हमने गांव के पूजा-पाठ आदि सार्वजनिक खर्चों की पूर्ति के लिए कुछ हिस्से का रेत बेचने का निर्णय लेना पड़ा था। लेकिन अब गाँव के किनारे की जमीन का कटाव बढ़ रहा है इसे नहीं रोका गया तो गाँव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। कुछ इसी तरह की स्थिति से ग्राम सिरसिदा, परखंदा, चारभाठा और नारी भी गुजर रहा है।
समय रहते रोकथाम नहीं हुआ तो बाढ़ की चपेट में आने से ऐसे गाँव अस्तित्व की लड़ाई में फंस जाएंगे इस संबंध में ग्राम पंचायत गुदगुदा सरपंच संजय साहू का कहना है कि रेत बेचने का निर्णय मेरा नहीं है। गांव वालों ने मुझसे नहीं पूछा है, जहां तक जमीन के कटाव की बात है तो इसके लिए मैंने विधायक को अवगत कराया तो उन्होंने तटबन्ध बनवाने का आश्वासन दिया है। इस मामले की जानकारी लेने मायनिंग अधिकारी हेमंत चेरपा को फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।


