दन्तेवाड़ा

41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा: नम आंखों से दी भगवान अयप्पा को विदाई
29-Dec-2025 4:35 PM
41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा: नम आंखों से दी भगवान अयप्पा को विदाई

मंदिर का पट बंद, अब मकर संक्रांति पर फिर होंगे दर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बचेली, 29 दिसंबर। लौह नगरी बचेली स्थित अयप्पा मंदिर में 41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण समापन शनिवार को हुआ। अंतिम दिन मंदिर परिसर श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अयप्पा मंदिर पहुँचकर भगवान अयप्पा के दर्शन में लीन रहे। यह पावन पूजा परंपरागत रूप से केरल राज्य के मलयालम समाज द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान अयप्पा, भगवान शिव के पुत्र माने जाते हैं और उनकी आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भव्य झांकी व शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र-

मण्डल व्रत पूजा के अंतिम दिन रेलवे कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा हाथों में दीपक लेकर शहनाई की मधुर धुनों के साथ भगवान अयप्पा की भव्य झांकी निकाली गई। यह शोभायात्रा रेलवे कॉलोनी शिव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए अयप्पा मंदिर पहुँची। शहनाई दल विशाखापट्टनम से आमंत्रित किया गया था। रथ को अत्यंत आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूरे मार्ग में गाजे-बाजे, आतिशबाजी और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पूरे मंदिर मंदिर भी आकर्षक झालर लाईटो से जगमगा रहा था।

विशेष मण्डल पूजा व विशाल प्रसाद वितरण

झांकी के मंदिर पहुँचने के बाद अयप्पा मंदिर में विशेष मण्डल पूजा संपन्न हुई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को गुड़ और चावल से बना पारंपरिक प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसर को फूलों एवं आकर्षक झालर लाइटों से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। नगर के आम नागरिकों के साथ-साथ एनएमडीसी बचेली परियोजना के महाप्रबंधक महेश नायर अयप्पा मंदिर पहुँचे और विधिवत दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

 

41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा क ा समापन

41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा के समापन के साथ ही अयप्पा मंदिर का पट बंद कर दिया गया। अब मंदिर का पट मकर संक्रांति के अवसर पर तीन दिवसीय विशेष पूजा के लिए 11 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक पुन: खोला जाएगा। गौरतलब है कि इस वर्ष मण्डल व्रत पूजा का शुभारंभ 17 नवंबर 2025 को हुआ था। 14 दिसंबर 2025 को भव्य महाअन्नदान का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने चावल, गुड़, तेल, दाल सहित नगद राशि का भी दान किया। केरल राज्य के आवलापुरम जिला स्थित कृष्णावरम ग्राम निवासी पंडित वासुदेवन पोट्टी द्वारा विगत 21 वर्षों से लगातार 41 दिवसीय मण्डल व्रत पूजा का विधिवत संचालन किया गया। पूरे  दिनों तक श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा में शामिल हुए। प्रत्येक शनिवार को शनिदेव की विशेष पूजा तथा सोमवार एवं शनिवार को गणेश पूजा का आयोजन किया जाता रहा। मान्यता है कि सच्चे मन से शनिदेव की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। सुबह-शाम बड़ी संख्या में भक्त पूजा में शामिल होते रहे। समापन के दिन भक्तों ने नम आँखों से भगवान अयप्पा को विदाई दी, और अगले वर्ष पुन: दर्शन की कामना की। इस पूरे 41 दिवसीय पूजा के दौरान समिति के अध्यक्ष अजितन नायर, सचिव जिजिल कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीजित पिल्लै, उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र बोस, सदस्य कुमार, अभिलाष, विजयन, रवि, वासुदेव, सांई, मनोज, अनीश, विधाधरन एवं अन्य सदस्यो का अहम योगदान रहा।


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