दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 17 नवंबर। आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा दंतेवाड़ा जिला अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों की सोमवार को समीक्षा की गई। उन्होंने जिला अस्पताल की भी गहन समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. प्रियंका शुक्ला नें कहा कि मरीजों के प्रति सहानुभूति, सम्मान और मित्रवत व्यवहार ही एक सुदृढ़ और संवेदनशील स्वास्थ्य प्रणाली की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डॉक्टर यदि मरीजों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करते हुए संवाद स्थापित करें, उनकी समस्या को गंभीरता से समझें और उसी आधार पर उपचार दें, तो मरीज न केवल बेहतर तरीके से स्वस्थ होंगे, बल्कि अस्पताल से विश्वास और संतुष्टि के साथ लौटेंगे। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल की ओपीडी सेवाएं सुचारू रहें, अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम हो, तथा गंभीर एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, लैब परीक्षणों की नियमितता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हमर लैब का भी भ्रमण किया और निर्देशित किया कि सभी जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड-कीपिंग, रेफरल सिस्टम और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाना हर स्वास्थ्य संस्था की जिम्मेदारी है।
डॉ. शुक्ला ने यह भी कहा कि दंतेवाड़ा जैसा आदिवासी बहुल जिला स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में सभी अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि ‘स्वस्थ दंतेवाड़ा स्वस्थ छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके, सिविल सर्जन अभय तोमर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रतीक सोनी, समस्त नोडल अधिकारी और, खंड चिकित्सा अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद थे।


