‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 17 फरवरी। आजादी की 75वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में पूरे देश में मनाया गया। इस अवसर को यादगार बनाने गांवों के तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। जल संरक्षण और जनमानस को दृष्टिगत रखते हुए जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर (तालाब) बनाने का शासन से निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके तहत प्रत्येक अमृत सरोवर में कम से कम 1 एकड़ से लेकर 4 हेक्टेयर का तालाब क्षेत्र होगा।
जिसमें 10 हजार घन मीटर जल धारण की क्षमता होगी। अमृत सरोवर को नया स्वरूप देने का तात्पर्य है कि सरोवर के आसपास सामुदायिक शौचालय सहित मूलभूत की आवश्यक सुविधाएं निहित हो। गांव-शहर की आबादी बढऩे के साथ-साथ तालाब अतिक्रमण का शिकार होकर अस्तित्व खोते जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव ने बताया कि जिले के 75 गांवों में अमृत सरोवर के रूप में तालाबों को विकसित करने के लिए मनरेगा योजना अंतर्गत कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत कार्यों को योजनांतर्गत मूर्तरूप दिया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग पर जिले में अब तक कुल 94 अमृत सरोवर के लिए 1213.60 लाख रुपये की स्वीकृति की गई है।
इन तालाबों में होंगे यह काम
तालाब गहरीकरण, पचरीकरण, पिचिंग कार्य आदि कार्य कराये जा रहे हैं। धमतरी के खरतुली, खरेंगा, बोडरा-स, बोदाछापर, बागतराई, बेन्द्रानवागांव, कंडेल, कोड़ेगांव-रै, कसही, कुर्रा, मोंगरागहन, किशनपुरी, लिमतरा, भोयना, भोथली, परेवाडीह, पोटियाडीह, सांकरा, सेहराडबरी, तरसींवा में अमृत सरोवर को संवारा जा रहा है। कुरूद विकासखंड के धुमा, बोरझरा, कोंडापार, कुहकुहा, कुल्हाड़ी, कन्हारपुरी, बिरेझर, सिर्री, सिलघट, हंचलपुर, भेण्ड्रा, भेंडरवानी, भैंसमुंडी, सकरी, चर्रा, चटौद, फुसेरा, जुगदेही, नवागांव-उ, अंटग, गातापार-अ, गुदगुदा, मगरलोड विकासखंड के ग्राम खडमा-माल, शुक्ला भाठा, बोडरा, कासरवाही, मेघा, खिसोरा, भोथीडीह, परसाबुडा, परस_ी, पालवाड़ी, रांकाडीह, शुक्ला भाठा, संकरा, सोनपैरी, सोनारी दैहान, जामली, नारधा तथा नगरी विकासखंड के झुरातराई, बाजार कुर्रीडीह, बेलरबहारा, बनबगौद, बगरूमनाला, कांटाकुर्रीडीह, कुम्हड़ा, कुरमिया, मौहाबहारा, मोदे, मुकुन्दपुर, मुनईकेरा, हीरापुर, हरदी भाठा, भैंसामुडा, सरईटोला-मा, उमरगांव, डोकाला, दुगली, चर्रा, तुमडीबहार, नवागांव-क, आमाकोन्हा, गढडोंगरी-मा, गोविंदपुर, गुहाननाला, गजकन्हार, लखनपुरी आदि पंचायतों में अमृत सरोवर के कार्य कराये जा रहे है।
जल संरक्षण पर जोर
अमृत सरोवर मिशन की शुरुआत 24 अप्रैल-2022 को जल संरक्षण के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में जिले के कम से कम 75 गांवों में जल निकायों का विकास और कायाकल्प करना है। 1 एकड़ या उससे अधिक आकार के प्रत्येक अमृत सरोवर तालाब में 10 हजार घनमीटर की जलधारण क्षमता के साथ विस्तार किया जा रहा है।