धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 19 फरवरी। पीएम आवास को लेकर भाजपा-कांग्रेस में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव में मिली करारी हार के बाद सत्ता पाने छटपटा रही भाजपा के द्वारा जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
सिहावा विधानसभा के चारों ब्लाक अध्यक्ष नगरी भूषण साहू, बेलरगांव कैलाशनाथ प्रजापति, कुकरेल अखिलेश दुबे, मगरलोड डीहूराम साहू ने कहा कि भाजपा द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। शासन ने पहले से ही गरीब परिवार की सूची तैयार करा ली है। 2016 से चिन्हांकित लिस्ट पर मकान आबंटन शुरू हो चुका है। भाजपा चाहती तो वही लिस्ट शासन से निकाल कर आवास योजना का लाभ लोगों को दिला सकती लेकिन भाजपा को सिर्फ जनता को ठगने का काम करना आता है।
पिछले साल भाजपा की केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को आबंटित 7 लाख 84 हजार का आबंटन रद्द किया और इस वर्ष मात्र 80 हजार मकान स्वीकृति का आदेश जारी किया है, जबकि छत्तीसगढ़ में लगभग 9 लाख मकान बनाना शेष है। केन्द्र सरकार ने वादा किया था कि 2022 तक पूरे देश में आवास बन चुका होगा जबकि सच्चाई है कि 7 साल से उत्तर प्रदेश में सत्ता में काबिज बीजेपी की राज्य सरकार ने स्वीकृत आवास मे से 8 लाख 65 हजार मकान नही बनाये है। खुद बीजेपी शासित प्रदेश में आवास नहीं बनाया गया है और यहां भूपेश सरकार लोगों का आवास बनाने संकल्पित होकर कार्य कर रही उसके बावजूद बीजेपी के लोग आवास के नाम पर सिर्फ राजनीतिक रोटी सेकने का काम कर रहे हैं। बीजेपी के कार्यकर्ता आवास का फार्म भरवा रहे है मगर ये भूल गये है कि जिनका नाम प्रतिक्षा सूची में है, उन्ही का आवास स्वीकृत होगा और जो ग्राम पंचायत अनुपूर्णा सूची भेजे है, उनका ही नाम आयेगा।
धमतरी जिला की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है गरीबी रेखा एसईसीसी 2011 स्थाई प्रतिक्षा सूची में लगभग 43 हजार आवास स्वीकृत है जिसमें 35315 आवास पूर्ण हो चुका है, बाकी शेष प्रधानमंत्री आवास प्रगतिरत है। वर्तमान में जिले में 238 आवास स्वीकृत है, जिसमें नगरी ब्लाक के 74 मगरलोड ब्लाक के 72 कुरूद ब्लाक के 38 धमतरी में 54 इस स्वीकृत आवास में अनूसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों का आवास बनना है।
शेष आवास के लिए भूपेश सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में प्रावधान करने के बाद पूरे धमतरी जिला में प्रतिक्षा सूची का कार्य पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री वंचन सूचनांक के तहत 7 बिन्दु तय किया गया है यदि कोई व्यक्ति इस नियम के तहत आते है कि तो उनका भी आवास शीघ्र स्वीकृत होगा। जैसे- बेघर परिवार, निराश्रित/भिक्षू, मैला ढोने वाला, आदिम जनजाति समूह एवं कानूनी रूप से विमुक्ति किये गये बंधुवा मजदूर ये स्वत: शामिल सूचकांक पात्रता सूची में है। ऐसे लोगों को आवास एवं अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने 65 प्रकार के वनोपज ग्रामीण आजीविका मिशन वन अधिकार पट्टा, वन संसाधन पट्टा, वन सामुदायिक पट्टा, कर्जामाफ, बिजली बिल हॉफ, गोधन न्याय योजना, किसान न्याय योजना, 2500 रू. में धान खरीदी जैसे हर हाथ को काम देते हुए लोगों को समृद्ध करने के लिए लागू किया गया है। कांग्रेस ने नसीहत दी है कि भाजपा के लोग पीएम आवास के नाम पर जनता को गुमराह करने की बजाए जिले के आंकड़ों को समझे और केन्द्र सरकार से मांग करे की जल्द से जल्द यहां आवास की स्वीकृति प्रदान करे।


