दुर्ग
107 हितग्राहियों की 17.10 लाख की राशि फर्जी तरीके से आहरण किया गया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 21 मई। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत थाना धमधा व पाटन में 107 हितग्राहियों की 17 लाख 10 हजार रुपए से अधिक की राशि फर्जी तरीके से अन्य खातों में हस्तांतरित कर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर लॉगिन आईडी व पासवर्ड का दुरुपयोग कर हितग्राहियों के बैंक खातों के स्थान पर अन्य बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया था।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 17 मई को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा ने थाना धमधा में तथा 19 मई को जनपद पंचायत पाटन से थाना पाटन में लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली शासकीय प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में हस्तांतरित होने की शिकायत प्राप्त होना बताया गया।
प्राप्त शिकायतों एवं दस्तावेजों के परीक्षण पर थाना धमधा क्षेत्र में कुल 44 हितग्राहियों की राशि लगभग 4,50,000 रुपये तथा थाना पाटन क्षेत्र में कुल 63 हितग्राहियों की राशि लगभग 12,60,000 रुपये अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित होना पाया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धमधा में धारा 318(4) बीएनएस एवं थाना पाटन में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान बैंक दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य एवं ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी का विश्लेषण किया।
जांच में पाया कि आरोपियों ने योजना संबंधी खातों में सुधार के लिए प्राप्त लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया था। इससे शासकीय राशि उनके खातों में हस्तांतरित होती रही। आरोपियों ने प्राप्त राशि को एटीएम एवं मोबाइल बैंकिंग माध्यमों से संचालित किया जा रहा था। शिकायत एवं जांच प्रारंभ होने की जानकारी मिलने पर कुछ राशि पुन: वापस जमा कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार यादव व लिलेश्वर यादव उर्फ रवि, (26 वर्ष) निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक 06 उडिय़ा बस्ती थाना कुम्हारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड एवं बैंक दस्तावेज जप्त कर वैधानिक कायर्वाही की गई है।
इस तरह से अपराध करने का तरीका
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि आरोपियों को शासकीय योजना अंतर्गत हितग्राहियों के बैंक खातों में सुधार के लिए लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध था। आरोपियों ने इसी अधिकृत एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए ऑनलाइन पोर्टल में हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया। इसके बाद शासकीय योजना की राशि संबंधित खातों में हस्तांतरित होने लगी। आरोपियों ने मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम माध्यम से राशि का संचालन किया जा रहा था।


