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Date : 11-Nov-2019

मुस्लिम-समुदाय के कोटा-जमात सहित आसपास के इलाके के मुस्लिम भाइयों ने ईद-मिलादुन्नबी हर्षोल्लास के साथ मनाई

छत्तीसगढ़ संवाददाता
करगीरोड-(कोटा), 11 नवंबर।
 मुस्लिम-समुदाय के कोटा-जमात सहित आसपास के इलाके के मुस्लिम भाइयों ने ईद-मिलादुन्नबी हर्षोल्लास के साथ मनाई।

जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज सहित दीगर समाज के लोगों ने भी रास्तों में खाने-पीने की चीजों के व्यवस्था की थी। धर्म अस्पताल के पास कांग्रेस नेता आदित्य दीक्षित के द्वारा जुलूस का इस्तकबाल किया गया। जुलूस के आखिर में मस्जिद-ए-ताहा में सलातो-सलाम पेशकर दुवाए-खैर मांगी गई, हिंदुस्तान के सभी वर्गों के लिए अमन-चैन भाईचारे की दुवा मांगी गई।
जुलूस में मस्जिदें-ताहा के पेश इमाम हाफिज गुलजार साहब, मदरसा हुसैनी के मुद्दरीश कारी तैय्यब साहब, कमेटी के सदर अहमद खान, बदरुद्दीन खत्री, बशीर बेग, रियाज खान, दादा खान, शमीम खान, जब्बार खान,आरिफ मिर्जा, हासिम अली, फिरोज खान, अब्दुल खान, सदरुद्दीन खत्री, हसीन अहमद, शाबिर अली, कासिम खान, रूबी खान, शरीफ खान, शोएब खान छोटू, अमजद खान, सईद खान, शमशुल हक़, मोईद कुरैशी, अहमद खान, मास्टर साहब, सरीफ पेंटर, आदिल खान, अज्जू बागड़ी, अलीम खान, अकरम खान, आजम खान, रज्जब अली, रज्जब खान, रफीक खान, अमीन खान, रमजान खान, सुबराती खान, सिराज खान, मोहम्मद जावेद खान, सहित मुस्लिम जमात कोटा व आसपास इलाकों के मुस्लिम भाइयो की भारी संख्या में मौजूदगी रही।


Date : 08-Nov-2019

कोटा में कोलवाशरी को एनओसी देने पर भारी हंगामा, जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई और गुपचुप तरीके से कोलवाशरी को एनओसी देने की तैयारी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
करगीरोड (कोटा), 8  नवंबर।
गुरूवार को नगर पंचायत कोटा में कोलवाशरी को एनओसी देने पर भारी हंगामा हुआ। बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई और गुपचुप तरीके से कोलवाशरी को एनओसी देने की तैयारी में थे। उन्होंने विरोध करते हुए एनओसी को निरस्त करने पार्षदों को बुलाया और नगरवासियों के भारी विरोध के चलते निरस्त प्रस्ताव में उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने हस्ताक्षर किया तब मामला शांत हुआ।

नगर पंचायत कोटा में कोयला डिपो, कोलवाशरी व भंडारण बनाने जमीन खरीद कर धौराभाठा वार्ड नं 14 व 15 में किसानों की उपजाऊ भूमि में प्रतिवर्ष ढाई लाख प्रति टन कोयला डंप होगा। इसकी जानकारी नगरवासियों को नहीं थी। 

मंगल भवन के भूमिपूजन करने के बाद नगर पंचायत में लेखापाल के बंद कमरे में गुप-चुप तरीके से 15 पार्षदों को घर से बैठक का रजिस्टर भेज कर बुलाया गया। गुरूवार दोपहर नगर पंचायत में वार्ड 15 में कोलवाशरी को कोटा नगर पंचायत से एनओसी देने बैठक किया गया। बैठक में अध्यक्ष मुरारी लाल, सीएमओ सागर राज, लेखापाल सोमनाथ कौशिक, पार्षद रामफल बिझंवार, अनिल मसीह, अनिल साहू, संगीता अग्रहरि, विनोद नामदेव, धर्मीन बाई रजक, मंजू साहू मनोज साहू, सविता साहू,संजीव यादव ने बैठक के प्रस्ताव हस्ताक्षर कर दिया था और बैठक की जानकारी नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, पार्षद प्रदीप कौशिक नरेंद्र गोस्वामी श्यामता पालके, अजना चौकसे को नहीं दी और राजेंद्र कौशिक नगर पंचायत कर्मचारी द्वारा प्रदीप कौशिक, नरेंद्र गोस्वामी को बैठक की जानकारी ना देकर यह लिख दिया की दोनों घर में नहीं थे। ऐसे करके गुप चुक तरीके के कोलवाशरी को एनओसी देने की तैयारी में थे। बाद में इसकी जानकारी नगर पंचायत उपाध्यक्ष और पार्षदों को हुई तो भारी विरोध शुरू कर दिया।  वहीं प्रस्ताव हस्ताक्षर करने के बाद सभी नगर पंचायत से चले गए। बाद में कोल वाशरी को एनओसी देने की खबर उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, प्रदीप कौशिक, नरेंद्र गोस्वामी, अंजना चौकसे, श्यामता पालके व नगर वासियों को पता चला तो धीरे धीरे कर कर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरूण त्रिवेदी ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित सहित कांग्रेसी एवं भाजपा पार्षदों व नगरवासियों द्वारा नगर पंचायत परिषद में भारी विरोध करना चालू कर दिया और कोल वाशरी एनओसी को रद्द करने अड़े रहे। 

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरूण त्रिवेदी ने विरोध जताते हुए वर्तमान अध्यक्ष मुरारी लाल गुप्ता को फोन कर कोल वाशरी को एनओसी को तत्काल रद्द करने पर अड़े रहे भारी विरोध चलते नगर पंचायत सीएमओ सागर राज व पार्षदों को बुलाकर एनओसी को निरस्त करने पार्षदों को बुलाया नगरवासियों के भारी विरोध चलते निरस्त प्रस्ताव में सभी ने उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने हस्ताक्षर किया तब जाकर मामला शांत हुआ।

नगर पंचायत पूर्व अध्यक्ष अरूण त्रिवेदी ने बताया कि नगर पंचायत सीएमओ और अध्यक्ष के द्वारा पैसे ले देकर नगर के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है ।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि हमको बैठक की किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली। एनओसी को भारी विरोध कर रद्द कर दिया गया है।

पार्षद प्रदीप कौशिक ने बताया कि नगर में एक और कोलवाशरी को एनओसी देने की तैयारी की जा रही थी हम लोगों को पता चला तो विरोध किया गया है। पहले भी नगर में एक कोलवाशरी खुल चुका है जिससे लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है।  ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी आदित्य दीक्षित ने बताया कि हम इसका विरोध करते हैं और जांच की मांग करते हैं।
संतोष गुप्ता कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य और शहर के पर्यावरण को भारी नुकसान है। हम इसका विरोध करते हैं ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने बताया कि सागर राज कोल वाशरी को एनओसी नगरवासी एवं जनप्रतिनिधियों के भारी विरोध के चलते रद्द कर दिया गया है।


Date : 08-Nov-2019
एनटीपीसी का स्थापना दिवस सीपत परियोजना में हर्षोल्लास से मना, प्रभात फेरी निकली
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 8 नवंबर। एनटीपीसी सीपत में एनटीपीसी लिमिटेड का 45वां स्थापना दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक पद्मकुमार राजशेखरन के नेतृत्व में सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। 
 
 
प्रभात फेरी में महाप्रबंधक कमलेश सोनी व जेएसएस मूर्ति सहित विभागाध्यक्ष, परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। इस मौके पर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने मुख्य अतिथि को परेड की सलामी दी। इसके बाद उर्जा भवन परिसर में आयोजित समारोह में  मुख्य अतिथि राजशेखरन् ने ध्वजारोहण कर कर्मचारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एनटीपीसी के 44 वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की सीपत परियोजना एक प्रमुख परियोजना है। उन्होंने सीपत संयंत्र में बेहतर कार्य करने के लिए कर्मचारियों के कठिन परिश्रम की सराहना की और उन्हें बधाई दी।  
 
उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन के साथ-साथ एनटीपीसी सीपत परियोजना नैगम सामाजिक दायित्व के तहत आसपास के ग्रामों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए हमेशा से तत्पर रहा है और आगे भी इस कार्य को जारी रखेगा।  
 
इस शुभ अवसर पर मुख्य महाप्रबंधकश्री पद्मकुमार राजशेखरन एवं महाप्रबंधकगण तथा विभिन्न यूनियन एवं एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने केट काटा और एक-दूसरे को स्थापना दिवस की बधाई दी। चाणक्य सभागार में एनटीपीसी मुख्यालय नई दिल्ली से वेब कास्ट के माध्यम से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह का सम्बोधन प्रदर्शित किया गया। 
 

Date : 08-Nov-2019

कंवर समाज के नेता के खिलाफ एक करोड़ की मानहानि के मुकदमे में जोगी ने बयान दर्ज कराया, धन सिंह कंवर ने बयान दिया कि कंवर समाज से जोगी को बहिष्कृत कर दिया गया है

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 8 नवंबर। पूर्व मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी के प्रमुख अजीत जोगी ने आज गौरेला कोर्ट में प्रारंभिक बयान दर्ज कराया। जोगी ने कंवर समाज के एक नेता धनसिंह कंवर के खिलाफ एक करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।

मालूम हो कि उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति की रिपोर्ट आने के बाद कंवर समाज की एक बैठक गौरेला इलाके के ग्राम बेलपत में रखी गई थी। इस बैठक के बाद समाज के एक पदाधिकारी धन सिंह कंवर ने बयान दिया कि कंवर समाज से जोगी को बहिष्कृत कर दिया गया है। जोगी ने धनसिंह को इस बयान के लिए माफी नहीं मांगने पर एक करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर करने की नोटिस भेजी थी। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर धनसिंह कंवर के खिलाफ जोगी ने गौरेला के सीजीएम कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। जोगी ने इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।

जोगी का कहना है कि धनसिंह समाज का अध्यक्ष नहीं है। इसके बावजूद उनके बारे में बयान दिया। उन्होंने जो कहा वह असत्य है, क्योंकि समाज के अध्यक्ष धीरपाल सिंह कंवर ने कहा है कि उनसे जाति से बहिष्कृत करने के प्रस्ताव पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराये गये हैं। धीरपाल सिंह ही इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जोगी ने धनसिंह को भेजे गये नोटिस में कहा था कि वे उन्हें आईपीसी की धारा 500 और 499 के तहत भी सजा दिलाएंगे।


Date : 08-Nov-2019

क्लर्क 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाईं, ऑफिस की क्लर्क मंजू ने उससे रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 8 नवंबर। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शुक्रवार को दोपहर तहसील ऑफिस सकरी में एक क्लर्क को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। हाल ही में रतनपुर में भी एक पटवारी को रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया था।

जानकारी के अनुसार ग्राम परसदा के किसान ब्रह्मानंद साहू अपनी पैतृक संपत्ति का रिकार्ड दुरुस्त कराने के लिए पिछले कई माह से तहसील ऑफिस सकरी का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनका काम नहीं हो रहा था। ऑफिस की क्लर्क मंजू ने उससे रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। इसकी शिकायत ब्रह्मानंद साहू ने अक्टूबर में एसीबी से की थी। साहू ने एसीबी के कहे अनुसार महिला क्लर्क के साथ रिश्वत के लिए हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को एसीबी को सौंप दी।  शुक्रवार को लेन-देन की तारीख तय की गई।

आज दोपहर जैसे ही साहू ने पैसे दिये क्लर्क ने उसे अपनी टेबल के नीचे रख लिया। वहां सादे वेश में मौजूद एसीबी की टीम ने तुरंत महिला क्लर्क को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया।

उल्लेखनीय है कि रिकॉर्ड दुरुस्त करने का काम नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी द्वारा किया जाता है। इसमें क्लर्क की भूमिका सिर्फ फाइल को अपने पास संभाल कर रखने और आवश्यकतानुसार अधिकारी को देने की होती है। क्लर्क ने यह रिश्वत किसके लिये मांगी, इस पर एसीबी की पूछताछ से पता चलेगा।

बीते माह 18 अक्टूबर को ही एसीबी ने रतनपुर में भी एक पटवारी अमर दहायत को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उसने कोटा के ग्रामीण नजीरुद्दीन अंसारी से नामांतरण के लिए रिश्वत ली थी।

 


Date : 08-Nov-2019

ढाबे का दिव्यांग मालिक ट्रेनों में घूम-घूमकर चोरी करता रहा, जेवर नगदी बरामद

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 8 नवंबर। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने एक ऐसे दिव्यांग को गिरफ्तार किया है जो अलग-अलग ट्रेनों के स्लीपर और एसी डिब्बों में रियायती दर पर यात्रा करके चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसके पास से यात्री की चोरी की गई बैग और जेवर, नगदी भी बरामद किये गए हैं। नौ साल से वह इन चोरियों को अंजाम देता आ रहा है, जिसके पैसों स उसने पंजाब में दो ढाबे भी खोलकर किराये में उठा रखा है। 

बुधवार को स्लीपर कोच में सफर कर रहे अमरकंटक एक्सप्रेस से भिलाई के एक यात्री मोहसीन खान (33 वर्ष) का ट्रॉली बैग चोरी चला गया। बिलासपुर में यात्री ने जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई। बैग में 10 हजार रुपये और कुछ जेवर थे।

जीआरपी और आरपीएफ शिकायत के बाद तुरंत सक्रिय हुई। सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर एक दिव्यांग यात्री बोगी नम्बर एस 13 से उतरता हुआ दिखा। पुलिस ने यात्री की स्टेशन में ही पहले तलाशी ली। संदिग्ध यात्री ट्रॉली बैग के साथ प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर मिल गया। थोड़ी ही देर की पूछताछ में वह टूट गया और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। ट्रेन से उतारे गये सामान के अलावा उसके पास से 21 हजार रुपये और बरामद हुए। उसके पास से बैग काटने और चेन काटने के औजार भी मिले। उसने अपना नाम जगरूप सिंह मेहर (49 वर्ष) ग्राम मीरपुरा, जिला जालंधर का रहने वाला बताया। उसके पास से सात रेलवे टिकट भी बरामद हुए। उसने चोरी की कई अन्य घटनाओं में भी शामिल होने की जानकारी दी है। पैरों से विकलांग आरोपी ने बताया कि वह रिजर्वेशन कराकर एसी व स्लीपर डिब्बों में सफर करता है। इससे उस पर संदेह नहीं होता। वह आम यात्रियों के बीच बैठ जाता है और मौका मिलते ही सामान लेकर उतर जाता है। रायपुर, बिलासपुर के अलावा वह कई दूसरे प्रदेशों में भी घूम-घूमकर पिछले नौ साल से चोरियां करता आ रहा है। रेलवे पुलिस उसे पहले भी दो बार इटारसी और राउरकेला में गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।


Date : 07-Nov-2019

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी का नौ नवंबर को बिलासपुर आगमन, समग्र ब्राम्हण समाज अभिनंदन करेगा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 7 नवंबर।
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी का नौ नवंबर को बिलासपुर आगमन हो रहा है। समग्र ब्राह्मण समाज ने उनको सम्मानित करने का कार्यक्रम बनाया है। 

पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेयी ने बताया कि त्रिवेदी का आगमन नौ नवंबर को शाम पांच बजे गुजराती धर्मशाला में होगा। समग्र ब्राह्मण समाज इस अवसर पर उनका अभिनंदन करेगा। इमली पारा स्थित कान्य कुब्ज भवन में इसकी तैयारी के लिए बैठक राम प्रसाद शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को रखी गई थी। 

त्रिवेदी के आगमन पर बिल्हा मोड़, चकरभाठा, बोदरी चौराहा, तिफरा चौराहा पर भी समाज के लोग उनका स्वागत करेंगे। सम्मान समारोह विधायक शैलेष पांडेय की अध्यक्षता में रखा गया है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान तथा कान्य कुब्ज शिक्षा मंडल के अध्यक्ष अरूण शुक्ला होंगे। इस मौके पर नगर के प्रतिभावान पत्रकारों, वकीलों, चिकित्सकों तथा समाज सेवकों को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा। 

सम्मान समारोह में कान्य कुब्ज़ समाज, छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण, सरयूपारीण ब्राह्मण, सर्व ब्राम्हण समिति, वल्र्ड ब्राम्हण समिति, मारवाड़ी ब्राम्हण, मैथिल ब्राम्हण, आंध्रा ब्राम्हण, महाराष्ट्रीयन ब्राम्हण, बंगाली ब्राम्हण, ब्राम्हण युवा अयाम,साउथ ब्राह्मण, पंजाबी, गुजराती, सिन्धी, कश्मीरी, सनाडय, भूमिहार, भार्गव, गौड़ सहित समग्र ब्राह्मण व संस्थाओ को आमंत्रित किया गया है। 

कार्यक्रम की तैयारी के लिए अरविंद दीक्षित, डॉ प्रदीप शुक्ला, विनय शर्मा, राजकुमार तिवारी, सुशान्त शुक्ला, मनोज तिवारी, सुरेश शर्मा, अमित मिश्रा, रेखेंद्र तिवारी, विभा गौराहा, प्रभात मिश्रा, मनोज शुक्ला, अखिलेश बाजपेयी, सतीश शर्मा, राजेश शुक्ला, दिव्य प्रकाश दुबे, मनीष दीक्षित, अमित शुक्ला, मनोज शर्मा, प्रांचल चौबे, राजा शुक्ला आदि को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। 

 


Date : 07-Nov-2019

गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर पांच दिवसीय कीर्तन समागम समारोह, गुरुद्वारों के प्रबंधक तैयारी में जुटे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 7 नवंबर।
सिक्खों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव पर पांच दिवसीय कीर्तन समागम का कार्यक्रम रखा गया है। गुरुद्वारा कमेटी दयालबंद और सभी गुरुद्वारों के प्रबंधक इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। आठ नवंबर से शुरू होने वाला समारोह 12 नवंबर तक चलेगा। 

सभी कार्यक्रम गुरुनानक स्कूल परिसर में आयोजित होंगे। आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए 25 हजार वर्गफीट पर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ननकाना साहिब की तर्ज पर विशाल पंडाल बनाया गया है। दयालबंद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अमरजीत सिंह दुआ और पूर्व प्रधान जोगिन्दर सिंह गंभीर ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 8 नवंबर को सुवह 9 बजे विशाल कीर्तन कवर्धा से रवाना होगा। यह पांडातराई, पंडरिया, फास्टरपुर, मुंगेली, तखतपुर होते हुए दो बजे गुरुद्वारा श्री कलगीधर 27 खोली बिलासपुर पहुंचेगा। नगर कीर्तन का जगह-जगह स्वागत किया जायेगा। पंडरिया, सेतगंगा, फास्टरपुर आदि में भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है। मुंगेली, नवागढ़, सम्बलपुर व लोरमी की संगत द्वारा भी स्वागत किया जायेगा। तखतपुर की संगत भी स्वागत के लिए जोर-शोर से जुटी है। दोपहर दो बजे लंगर के बाद नगर कीर्तन 27 खोली गुरुद्वारा से तीन बजे दयालबंद के लिए रवाना होगा, जो गोलबाजार होते हुए गुरुनानक स्कूल चौक के पंडाल में कीर्तन पहुंचेगा। 

गुरुनानक स्कूल परिसर में कौशल प्रदर्शन और कीर्तन दीवान रखा गया है। इसके अलावा 27 खोली, गोंडपारा, सिरगिट्टी और यदुनंदन नगर गुरुद्वारे में भी कीर्तन व समागम के कार्यक्रम रखे गये हैं। 

मुख्य कार्यक्रम 12 नवंबर को दयालबंद गुरुद्वारा परिसर के खुले पंडाल में होगा जहां सुबह आठ बजे से रात 12 बजे तक कीर्तन दीवान, अटूट लंगर आदि विविध कार्यक्रम रखे गये हैं। 


Date : 07-Nov-2019

आंदोलन के बाद जागी सरकार, चकरभाठा से हवाई सेवा शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र को पत्र लिखा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 7 नवंबर।
चकरभाठा हवाई अड्डे से उड़ान शुरू करने के लिये जारी आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने केन्द्र को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि देश के प्रमुख शहरों को बिलासपुर को हवाई सेवा से जोडऩे में कोई तकनीकी या व्यावहारिक बाधा नहीं है।  

विमानन सेवा के संचालक टामन सिंह सोनवानी ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव प्रदीप सिंह खरोला को बुधवार को भेजे गये पत्र में कहा है कि देश के छोटे शहरों को विमान सेवा के माध्यम से जोडऩे तथा आम नागरिकों को सस्ती घरेलू विमान सेवा उपलब्ध कराने के लिए अति महात्वाकांक्षी रिजऩल कनेक्टिविटी योजना बनाई गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए जगदलपुर, बिलासपुर (चकरभाठा) एवं अम्बिकापुर (दरिमा) एयरपोर्ट को तैयार किया है। जगदलपुर और बिलासपुर (चकरभाठा) एयरपोर्ट को नागर विमानन महानिदेशालया (डीजीसीए) से दो-सी, विजुअल फ्लाइट रूल्स (दृश्य उड़ान नियम, वीएफआर) श्रेणी का सार्वजनिक उपयोग श्रेणी (पब्लिक यूज़ कैटेगरी) का लाइसेंस भी प्राप्त हो चुका है। रीजऩल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस-3) के अंतर्गत राज्य के जगदलपुर एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ होने की उम्मीद थी। साथ ही चकरभाठा, बिलासपुर से सप्ताह में निर्धारित दिनों में लखनऊ, वाराणसी, पटना, रांची वायु मार्ग पर विमान संचालन सम्बन्धी प्रस्ताव भी प्रेषित किया गया था। इसके बावजूद जगदलपुर से प्रस्तावित विमान सेवा शुरू नहीं हुई और चकरभाठा (बिलासपुर) से विभिन्न शहरों के लिए विमान संचालन के लिये दिये गए प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पत्र में लिखा गया है कि राज्य में बिलासपुर के उत्तरोत्तर विकास के साथ ही यहां से विमान सेवा शुरू करने की मांग निरंतर उत्पन्न हो रही है और जन आकांक्षाएं भी इसके लिए बढ़ चुकी है।

पत्र में यह भी लिखा गया है कि राज्य शासन ने चकरभाठा को उड़ान योजना के लिए तैयार कर रखा है। हवाईअड्डे में सभी उपकरण लगाये जा चुके हैं। मानव संसाधन नियोजित किये जा चुके हैं। यहां जरूरी सुरक्षा व्यवस्था भी की जा चुकी है। अतएव, चकरभाठा से विमान सेवा संचालन करने की जरूरी कार्रवाई की जाये, ताकि छत्तीसगढ़ के लोगों को विमान सुविधा के साथ-साथ उड़ान की सस्ती विमान सेवा मिल सके और जन आकांक्षाएं पूरी हो सके।

बिलासपुर में नागरिकों का हवाई सेवा शुरू करने के लिए आंदोलन जारी है, जिसका आज 13वां दिन था।

 


Date : 07-Nov-2019

खमतराई में आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का फ्री हेल्थ चेकअप कैंप, रितु पांडेय शामिल हुईं

बिलासपुर, 7 नवंबर। शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के तत्वावधान में खमतराई के वार्ड क्रमांक 58 में फ्री हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर विधायक शैलेष पांडेय की पत्नी रितु पांडेय थीं। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्य अतिथि ने भगवान धन्वतरि के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा का बड़ा महत्व है। यह फ्री हेल्प कैंप लोगों को उनकी शाररिक परेशानियों से मुक्ति दिलाने एक अच्छी पहल है।

आयुर्वेद कॉलेज की टीम सुबह करीब 9 बजे से बच्चों से लेकर बुजुर्गों का शुगर जांच के साथ अन्य बीमारियों के इलाज और उनकी दवा देने लगी रही। दोपहर होने से पहले ही शिविर में 500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच करा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श लिया, जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।

इस आयोजन की अध्यक्षता आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर रक्षपाल गुप्ता ने की। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के दिनचर्या और ऋतुचर्या की विशेष जानकारी दी और ग्रामीणों से आयुर्वेद चिकित्सा को अपनाने की अपील की इस मौके पर डॉ. समीर तिवारी, डॉ. अशरफी लाल गुप्ता, डॉ. सीमा पाण्डेय, डॉ. पूनम शर्मा कांग्रेस नेता व पार्षद शैलेंद्र जायसवाल, पवन चंद्राकर और मनोज गोस्वामी बीजेपी के पार्षद मौजूद थे।

 


Date : 06-Nov-2019

डेम के पास पुलिस की संयुक्त टीम ने 47 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, आरोपियों से नगद साढ़े 44 हजार जब्त

छत्तीसगढ़ संवाददाता
करगी रोड (कोटा ),  6 नवंबर।
 मंगलवार को आंवला नवमीं के दिन कोरी डेम के पास पुलिस की संयुक्त टीम ने 47 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों से नगद साढ़े 44 हजार जब्त किए गए।

कोटा कोरी  डेम में आंवला नवमीं पूजा के दिन हजारों की संख्या में कोटा एवं आसपास ग्रामीण पिकनिक मनाने हर साल आते हैं वहीं कोरी डेम में बच्चों के मनोरंजन व खाने-पीने के समान बेचने वाले आते हैं और मेला जैसा माहौल रहता है। 
बता दें कि कोटा के कोरी डेम के पास वन विभाग के सागौन प्लांट, जंगल अंदर पहाड़ों   के ऊपर हर साल सुबह से ही लाखों का जुआ होता है। पुलिस बिलासपुर, कोटा, बेलगहना, रतनपुर, तखतपुर, सकरी की संयुक्त पुलिस टीम ने  47 जुआरियों को पकड़ा और 44 हजार 870 रूपए नगद बरामद किए गए। बताया जाता है कि पुलिस की टीम सिविल डे्रस में रहने की खबर होते ही कई जुआरी मौके से भागने में सफल हो गए। 

पुलिस टीम ने जुआरियों को पकडऩे के बाद पहले जमकर धुनाई की इसके बाद कोटा थाना लाया गया।

 


Date : 06-Nov-2019

युवती को रास्ते से उठाकर घर में बंधक बनाया, रेप कर आरोपी फरार

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 6 नवंबर। काली पूजा के एक कार्यक्रम से रात  को लौट रही युवती को एक युवक ने रास्ते से उठा लिया। युवक ने उसे रात भर अपने घर पर बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। सुबह उसे अपने घर पर ही छोडक़र भाग गया। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दारा 342 र 367 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया है।

घटना कोनी थाना अंतर्गत की है। पड़ोस के गांव की एक 20 वर्षीय युवती घुटकू में हो रहे काली पूजा के कार्यक्रम को देखने के लिए आई थी। रात को 10 बजे वह अपने घर वापस जा रही थी कि रास्ते में आरोपी दारा सिंह ने उसे जबरन रोक लिया और खींचते हुए पास में स्थित अपने घर ले गया। युवती ने शोर मचाया पर आसपास घर नहीं होने के कारण उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी। आरोपी ने रात भर उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह वह युवती को अपने घर पर ही छोडक़र भाग गया।

 आरोपी के चंगुल से छूटते ही युवती अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन उसे साथ लेकर थाने पहुंचे और युवक के खिलाफ उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया गया है कि आरोपी शादी-शुदा है और उसके बच्चे भी हैं, लेकिन पत्नी उसे छोड़ चुकी है।


Date : 06-Nov-2019

आरटीई उल्लंघन पर हाईकोर्ट में जवाब पेश नहीं कर पाई सरकार, 4 हफ्ते बाद सुनवाई

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 6 नवंबर। गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने के शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन करने के मामले में केन्द्र और राज्य शासन ने हाईकोर्ट में जवाब पेश नहीं किया। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह बाद मामले को सुनवाई के लिए रखने कहा है, जिसके पहले शासन को जवाब देने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट में सी. भगवंत राव ने अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर के माध्यम से जनहित याचिका दायर कर रखी है। इसमें कहा गया है कि शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन करते हुए प्रदेश के निजी स्कूल निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राओं को 15 फीसदी सीटों पर प्रवेश नहीं दे रहे हैं। साथ ही निम्न आय वर्ग के ऐसे लोग जिनकी आमदनी तीन लाख रुपये से कम हैं,चाहे वे शासकीय सेवक ही क्यों न हों, उनके बच्चों को भी प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। इस नियम का भी पालन स्कूलों में नही किया जा रहा है। ॉ

 हाईकोर्ट में नौ बच्चों ने भी उपस्थित होकर बताया कि उन्हें पात्र होते हुए भी निजी स्कूलों ने प्रवेश देने से मना कर दिया। इसे लेकर चीफ जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन और जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से जवाब देने के लिए और समय देने का आग्रह किया था।


Date : 06-Nov-2019

रायपुर का कचरा कहां फेंक रहे, हाईकोर्ट को दो हफ्ते में बताएं

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 6 नवंबर। सरोना और भिलाई के बीच रायपुर नगर निगम द्वारा डम्प किये जा रहे कचरे के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट में नगर निगम के अधिकारी यह नहीं बता पाये कि कचरा कहां फेंका जा रहा है। इसका जवाब देने के लिए हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है।

सरोना के नागरिकों ने रायपुर नगर निगम द्वारा उनके कस्बे के पास खाली जमीन पर कचर डम्प किये जाने के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर रखी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे न केवल राहगीरों को धूल, बदबू, धुएं का सामना करना पड़ रहा है बल्कि सरोनावासियों का भी जीना दूभर हो गया है। हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन व जस्टिस पी.पी.साहू की डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। नगर निगम रायपुर के अधिकारियों की ओर से दिये गये जवाब में यह नहीं बताया गया था कि कचरा कहां पर फेंका जा रहा है। इसका जवाब कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया है।


Date : 06-Nov-2019

वन भूमि पर पट्टा वितरण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित, हाईकोर्ट में दायर याचिका समाप्त 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 6 नवंबर।
हाईकोर्ट ने वन भूमि पर पट्टा वितरण की प्रक्रिया के खिलाफ दायर सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सिंघवी की याचिका निष्पादित करते हुए उन्हें छूट दी है कि वे सुप्रीम कोर्ट मे इस मामले को लेकर जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते तक वन अधिकार अधिनियम के तहत नये पट्टे के वितरण पर रोक जारी रहेगी। हालांकि पुराने पट्टों का नवीनीकरण किया जा सकेगा। 

सिंघवी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा वन अधिकार पट्टा वितरित किए जाने को लेकर स्थगन की मांग की थी और उच्च न्यायालय ने स्थगन प्रदान किया था।

इस मामले में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पक्ष रखा और बताया कि ऐसा ही मामला सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित है इसलिये हाईकोर्ट में यह मामला चलने योग्य नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय में छत्तीसगढ़ शासन ने इसे लेकर अपना शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया है। इसमें कहा गया है कि पिछली सरकार जिन आदिवासियों को पट्टा वितरित किया गया है उनके पट्टे पिछली सरकार ने खारिज कर दिये थे। सभी व्यक्तियों का पट्टा नवीनीकरण राज्य सरकार नियमानुसार ही करेगी।

 हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सिघवी की याचिका को समाप्त करते हुए उन्हें उच्चतम न्यायालय जाने की छूट दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक राज्य सरकार नये पट्टे नहीं बना सकेगी, हालांकि बाकी पट्टों का नवीनीकरण और जांच पड़ताल जारी रहेगी। 


Date : 06-Nov-2019

अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे में गिरने से अनुराग की मौत पर भडक़े विधायक, कहा अवैध खुदाई पर कार्रवाई करें, पीडि़त परिवार को 1 लाख मुआवजा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 6 नवंबर।
चांटीडीह कालीघाट के पास टंकी निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर हुई मासूम की मौत के बाद विधायक ने मामले की सच्चाई जानने मौके का मुआयना किया और पीडि़त परिवार से मिलकर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कलेक्टर, खनिज अधिकारियों और निगम आयुक्त को दिशा-निर्देश देकर अवैध खुदाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देकर बेहतर तरीके से मामले की जांच करने कहा है।

पाण्डेय ने चांटीडीह के अरपा कालीघाट का निरीक्षण किया। यहां अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे में गिरकर हुई मजदूर महेश साहू के 8 वर्षीय बेटे अनुराग की मौत को लेकर विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने पीडि़त परिवार और कालीघाट के रहवासियों से बात कर घटनाक्रम का जायजा लिया। अरपा नदी से लगे आसपास के घरों को देख विधायक ने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को नदी किनारे नहाने खेलने ना भेजें। वहीं मौके पर खनिज विभाग के अफसरों को सरकारी योजनाओं के नाम पर अवैध खुदाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

विधायक ने मौके पर ही कलेक्टर से बात की आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पीडि़त परिवार को एक लाख रुपये की मुआवजा राशि मंजूर कराई वहीं अरपा कालीघाट के आसपास शौचालय और घाट निर्माण के साथ के खतरे का संकेत बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।

विधायक शैलेश पाण्डेय ने कहा, मैं खुद ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों को लेकर मौके पर गया था इस घटना में मासूम अनुराग की मौत से मैं भी काफी दुखी हूं। शहर में सरकारी योजनाओं के नाम पर जो पहले घटना हुई। ऐसा मेरे रहते ना हो मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं। पहली बार तो यह इस घटना को अमृत मिशन की योजना का नाम देना गलत है। अरपा नदी की रेत के भीतर पानी बहुत है अवैध उत्खनन की वजह से गड्ढे में बच्चा फंस गया था। मौके पर ही उन्होंने कलेक्टर और निगम आयुक्त को घटना की जांच कर अवैध उत्खनन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने कहा है।


Date : 05-Nov-2019

पुस्तकें साक्षर तो करती हैं आनंदित भी करती हैं, एनबीटी के राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 5 नवंबर। लाल बहादुर शास्त्री हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में नौ दिवसीय पुस्तक मेले का मंगलवार को उद्घाटन हुआ। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास( एनबीटी), भारत द्वारा इस मेले में सभी अतिथियों का स्वागत न्यास की परंपरा के अनुसार पुस्तकें भेंट कर किया। इस अवसर पर मंच पर पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय व अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति उपस्थित थे।

पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर वंश गोपाल सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन से पुस्तकधर्मिता के प्रति एक अलख जगती है। रचनाकार जुड़ते हैं। युवा पीढ़ी में उत्सुकता जगती है। आओ पुस्तकों से जुडिय़े वे आपको बेहतर इंसान बनाने के लिए आमन्त्रित कर रही है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गौरी दत्त शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक मेला निश्चित ही पाठकों में एक संस्कार विकसित करेगा। ये समाजिक अनिवार्यता भी है जो एक माहौल पैदा करने में सक्षम है। न्यास ने दूरस्थ इलाके में यह कार्यक्रम रखा है। प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बावजूद पुस्तकों की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आई है। आज इंटरनेट के मामले में भी पुस्तकें बेहतर विकल्प है। आप की रुचि के अनुसार पुस्तकें इस मेले में मौजूद हैं। उनको पढि़ए वे आपको लक्ष्य के करीब ले जाएगी।

राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि निश्चित रूप से न्यास को बधाई कि उन्होंने संस्कारधानी बिलासपुर को चुना। यह प्रतिसाध्य है कि पुस्तकमेला अवश्य ही सार्थक परिणाम देगा। आज लोग कहते है कि पठनीयता कम हो गई है,मैं उसे सही नहीं मानता। आज भी पुस्तकें पढ़ी जा रही हैं। उसके परिणाम हमारे सामने है। पुस्तकें ही मनुष्य को संस्कारित करती है। भाषा हमें सामर्थ्यवान बनाती है।

जिलाधीश डॉ संजय अलंग ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास प्रकाशन के संदर्भ में इन दिनों बेहद सक्रिय है। न्यास के अध्यक्ष व निदेशक साधुवाद के पात्र हैं, जिन्होंने बिलासपुर को पुस्तक मेले के आयोजन के लिए चुना। पुस्तकों से जुडिय़े। ये वह शक्ति है जो आपको साक्षर तो करती है साथ ही उसकी खुशबू भी आनंदित करती है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास प्रकाशन के क्षेत्र में बहुत बड़ा दखल रखता है। पुस्तकें अनंत हैं जिनमे जितना डूबेंगे, उतना ही आप आगे बढ़ेंगे। पुस्तकें ही आपको ही नहीं आपके बच्चों को भी सुसंस्कृत करती है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहायक निदेशक सुभाशीष दत्ता ने कहा कि बिलासपुर में यह दूसरी बार पुस्तक मेला आयोजित हो रहा है। इस पुस्तक मेले में हजारों की संख्या में पुस्तकें प्रदशित की गई है। कई प्रदेशों के प्रकाशक भागीदारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि न्यास पाठकों की अपेक्षा पर खरा उतरने का प्रयास करेगा।

मंच का संचालन एनबीटी हिंदी के संपादक व छत्तीसगढ़ के नोडल अधिकारी डॉ. ललित किशोर मंडोरा ने किया।  उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,भारत विगत 60 वर्षों से अधिक समय से पुस्तक उन्नयन की दिशा में अग्रसर है। हम भारत सहित विदेशों में आयोजित पुस्तकमेलों में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। डॉ. मंडोरा ने अभी हाल ही में आयोजित पुस्तकमेलों का जिक्र करते हुए आगामी जनवरी में प्रगति मैदान में आयोजित किये जा रहे विश्व पुस्तक मेले की भी जानकारी साझा की।

बिलासपुर में आयोजित पुस्तक मेले के शुभारंभ में स्कूली बच्चों के अलावा स्थानीय बुद्धिजीवी, गणमान्य विद्वान भी मौजूद थे, जिनमें प्रमख रूप से अटल श्रीवास्तव, द्वारिका प्रसाद अग्रवाल, रामकुमार तिवारी, डॉ सुधाकर बिबे, राजेन्द्र मोर्य, महेश श्रीवास, अर्पण कुमार, रामेश्वर गुप्ता, श्रीकुमार पांडेय, नितेश पाटकर, सनत तिवारी, के के पाठक, अजय शर्मा, बल्लू दुबे के साथ अन्य उपस्थित थे।


Date : 05-Nov-2019

डीजल से भरा टैंकर तालाब में पलटा, चालक सहित 3 रातभर फंसे रहे, ग्रामीणों में डीजल हड़पने की होड़ मची

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 5 नवंबर। नशे में धुत ड्राइवर ने डीजल से भरे टैंकर से नियंत्रण खो दिया और वह तालाब में घुसकर पलट गई। टैंकर में सवार चालक, परिचालक और क्लीनर तीनों पानी में फंस गए और देर रात हुई इस घटना की जानकारी सुबह-सुबह लोगों को हुई। उन्हें घायल अवस्था में सिम्स चिकित्सालय लाया गया है। इस दौरान लोगों में डीजल हड़पने की होड़ मच गई।

हिन्दुस्तान पेट्रोलियम का 12 हजार लीटर से भरा टैंकर बिलासपुर से कोरबा के लिए पांच नवंबर की रात में निकला था। रात करीब डेढ़ बजे रतनपुर से आगे जाली के पुरैना तालाब के पास चालक टैंकर से अपना नियंत्रण खो बैठा। टैंकर तालाब में जाकर घुसी और पलट गया। तीनों पानी में फंसे रह गए। सुबह-सुबह इसकी सूचना किसी ने इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 112 को दी। पुलिस ने पहुंचकर सबसे पहले तीनों पानी में डूबे टैंकर चालक, परिचालक और क्लीनर को बाहर निकाला। इनमें से एक को रतनपुर स्वास्थ केन्द्र में और बाकी दो की गंभीर हालत में पाकर सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर में दाखिल कराया गया।

दूसरी तरफ लोगों को जैसे ही पता चला कि टैंकर डीजल से भरा हुआ है वहां भीड़ लग गई और लोग डीजल चुराने के लिए कंटेनर लेकर पहुंच गये। लोग टैंकर में भरा लगभग सारा डीजल पार कर दिया। बताया गया है कि चालक सहित टैकर सवार तीनों लोग शराब के नशे में थे।

 


Date : 05-Nov-2019

‘धार्मिक कार्यक्रम का बेड़ा गर्क कराना हो तो सीएम को बुला लो’

प्रदेश कांग्रेस सचिव की टिप्पणी से मचा बवाल, महामंत्री अटल बचाव में उतरे पर वरिष्ठ नेता गंभीर 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 5 नवंबर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस सचिव महेश दुबे द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने बचाव में यह कहकर विवाद को और सुलगा दिया कि दुबे ने सीएम को नहीं बल्कि दोनों विधायकों को लेकर टिप्पणी की। विधायक शैलेष पांडेय ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पी. एल. पुनिया ने कहा है कि घटना उनकी जानकारी में आई है, प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जांच कर ठोस कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। 

घटना 31 अक्टूबर की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छठ पूजा पर्व पर आयोजित अरपा महाआरती के कार्यक्रम में आयोजकों के निमंत्रण पर पहुंचे थे। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव के निकट सहयोगी अभयनारायण राय आयोजन समिति के संरक्षकों में से एक हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले ही बघेल को आमंत्रित किया था। सीएम बघेल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद बिलासपुर से किसी को भी मंत्रिमंडल में नहीं लेने के मुद्दे पर पूछे गये सवाल के जवाब में कहा था कि वे खुद बिलासपुर की जरूरतों का ध्यान रखेंगे और नियमित आते रहेंगे। प्राय: वे अल्प समय की सूचना पर भी बिलासपुर पहुंच जाते हैं। आखिरी क्षणों तक कार्यक्रम एक के बाद एक जुड़ते जाते हैं। इसके चलते कई बार उनको समय की कमी हो जाती थी। 31 अक्टूबर की शाम को भी वे जांजगीर से रायपुर लौटते समय छठ घाट के कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महन्त के साथ पहुंचे। चूंकि एसईसीएल हेलिपेड से रात में उड़ान भरने की सुविधा नहीं है, वे अरपा महाआरती में थोड़ी ही देर के लिए शामिल हुए। उन्होंने अपने भाषण में समय की कमी का हवाला देते हुए दोनों विधायकों को कार्यक्रम में रुकने के लिए कहा और रायपुर रवाना हो गए। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उनके जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस सचिव महेश दुबे ने मुख्यमंत्री और विधायकों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी धार्मिक कार्यक्रम का बेड़ा गर्क कराना है तो मुख्यमंत्री को बुला लो। विधायकों को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तो जल्दी थी बाकी लोग क्यों उड़ गये। 
जब दुबे ने यह टिप्पणी की तो वहां कई लोग खड़े होकर भौंचक उन्हें देख रहे थे। यहां प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय भी मौजूद थे। ये दोनों नेता हमेशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अटल श्रीवास्तव के साथ साये की तरह दिखाई देते हैं। श्रीवास्तव को ही बिलासपुर में मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि माना जाता है। बिलासपुर में उनके हिसाब से ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम निर्धारित किये जाते हैं। प्रशासन और पुलिस भी उनकी इस पकड़ को ध्यान में रखती है। ऐसे में लोग आश्चर्यचकित हैं कि मुख्यमंत्री बघेल के खिलाफ उन्हीं के समर्थक की बौखलाहट की वजह क्या है। 

चूंकि महेश दुबे ने भीड़ के बीच अभद्र टिप्पणी मुख्यमंत्री के खिलाफ की, बताया जाता है कि कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया और उसे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक के पदाधिकारियों को भेज दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसकी पुष्टि के लिए कांग्रेस की किसी टीम को नहीं लगाया बल्कि अनौपचारिक रूप से प्रशासन के अधिकारियों से जानकारी मंगाई। पता यह भी चला है कि प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पुष्टि की है कि इस तरह की घटना होने की जानकारी उन्हें मिली है। संगठन के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पी.एल. पुनिया ने भी कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी गंभीर बात है, प्रदेश कमेटी को कार्रवाई के लिए कहा गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने पूछे जाने सफाई दी कि मुख्यमंत्री के खिलाफ महेश दुबे ने कुछ नहीं कहा है उन्होंने दोनों विधायकों के बारे में कहा जिन्हें मुख्यमंत्री ने अरपा महाआरती में रुकने के लिए कहा था पर वे नहीं रुके। 

महामंत्री श्रीवास्तव ने यह बयान महेश दुबे के बचाव में दिया पर इसे लेकर वे भी घिर गये। विधायक शैलेष पांडेय ने पलटकर जवाब दिया कि मुख्यमंत्री न सही मगर अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना अनुचित है। दूसरी बात, वे मुख्यमंत्री बघेल के आदेश के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर ही रुके थे। उन्होंने समिति के लोगों के साथ आरती भी की। यह कहना गलत है कि वे कार्यक्रम से चले गये थे, जिसके चलते उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई। 

उल्लेखनीय है कि महामंत्री अटल श्रीवास्तव का भूपेश बघेल के साथ बरसों पुराना रिश्ता है। जब सत्ता नहीं थी, बिलासपुर आने पर श्रीवास्तव और उनकी टीम ही बघेल के लिए कार्यक्रमों की व्यवस्था करती रही। इसके बावजूद बघेल बिलासपुर से अटल श्रीवास्तव को टिकट नहीं दिला पाये। श्रीवास्तव का दावा पहले से मजबूत था। कांग्रेस भवन में चुनाव के तीन माह पहले हुए लाठी चार्ज में घायल होने के बाद तो उनके समर्थक उनकी टिकट को पक्की ही मानकर चल रहे थे। दूसरी ओर शैलेष पांडेय ने केन्द्रीय नेतृत्व में अपनी पकड़ और प्रदेश कांग्रेस के टी.एस. सिंहदेव जैसे दूसरे कद्दावर नेताओं के समर्थन से टिकट लाने में सफल रहे और उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल के खिलाफ ऐतिहासिक जीत भी हासिल कर ली। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस भवन में अटल श्रीवास्तव के समर्थकों ने अपनी ही पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व के खिलाफ काफी हंगामा भी किया था। विधानसभा में टिकट नहीं मिलने की भरपाई अटल श्रीवास्तव को लोकसभा का टिकट देकर की गई लेकिन वे इस चुनाव में बुरी तरह परास्त हो गये। बिलासपुर में भी ऐतिहासिक अंतर से कांग्रेस पिछड़ गई थी।
विधायक शैलेष पांडेय ने अपना जनाधार साबित करके बताया है जबकि इसी परीक्षा में अटल श्रीवास्तव विफल साबित हुए हैं। इसके बावजूद विचित्र स्थिति है कि पांडेय के महत्व को संगठन के पदाधिकारी नकारने का कोई मौका नहीं छोड़ते। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पहले बिलासपुर आगमन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर ने विधायक पांडेय को स्वागत करने से हाथ पकड़ कर रोका था, जिसकी तस्वीर सब जगह फैल गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के दर्जनों कार्यक्रम हो चुके जिनमें शैलेष पांडेय की उपेक्षा की जाती रही है। नाम पट्टिका और आमंत्रण पत्रों में उनकी अवहेलना की जाती है। इसके लिए प्रशासन की जमकर मदद ली जाती है। सवाल तब भी उठा था जब गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में झंडारोहण के लिए शैलेष पांडेय की जगह तखतपुर विधायक रश्मि सिंह ठाकुर का नाम तय कर दिया गया था। ऐसी हो रही बार-बार उपेक्षा के चलते शैलेष पांडेय अनेक कार्यक्रमों का अघोषित बहिष्कार कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के बहतराई स्टेडियम वाले कार्यक्रम और अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के कार्यक्रम से विधायक शैलेष पांडेय ने इन्हीं कारणों से दूरी बना ली थी। हाल ही में सीएमडी कॉलेज की फ्रेशर्स पार्टी के आयोजक आकाश यादव को पुलिस ने आयोजन स्थल से ही पुराने मामलों का हवाला देकर गिरफ्तार कर लिया था। 

इस कार्यक्रम में विधायक शैलेष पांडेय मुख्य अतिथि थे। पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल पर परिसीमन का विरोध करने का आरोप लगाते हुए उन्हें शो-कॉज नोटिस दी गई थी। हालांकि जायसवाल ने परिसीमन की प्रक्रिया और वार्डों के निर्धारण का विरोध किया था। खुद विधायक ने कहा था कि कुछ अधिकारियों ने चार लोगों के साथ बैठकर वार्डों की सीमा निर्धारित कर ली, जनप्रतिनिधियों से पूछना जरूरी नहीं समझा। महेश दुबे की अभद्र टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने के दौरान भी अटल श्रीवास्तव ने विधायक शैलेष पांडेय को घेर लिया, जिसका पांडेय ने कड़ा प्रतिकार किया है।

प्रदेश कांग्रेस सचिव महेश दुबे पार्षद टिकट और महापौर प्रत्याशी के लिए दावेदार हैं। एक जिम्मेदार पद पर बैठे होने के बावजूद छठ घाट पर उनकी अभद्र टिप्पणी ने संगठन खेमे को बचाव की मुद्रा में ला दिया है। इस मामले पर जिला और कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। केन्द्र सरकार के खिलाफ होने वाले आंदोलन को लेकर बुलाई गई सोमवार की प्रेस कांफ्रेंस में भी दुबे के मामले में किये गये सवालों पर टिप्पणी करने से जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने मना कर दिया। श्रीवास्तव के साथ हमेशा दिखाई देने वाले अभय नारायण राय और महेश दुबे इस पत्रकार वार्ता से नदारद थे। विधायक शैलेष पांडेय भी नहीं थे, संभवत: उन्हें नहीं बुलाया गया था। 
कुछ ही दिनों में नगर निकाय चुनावों का ऐलान होने वाला है। बिलासपुर में हो रहे टकराव को न केवल शहर के लोग देख रहे हैं बल्कि कई दशक तक पार्टी के लिए सक्रिय रहे कांग्रेस नेता भी खिन्नता और खामोशी से देख रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्षद चुनाव और उसके बाद होने वाले महापौर चुनाव के लिए कांग्रेस के लोग एकजुट होंगे या उनके बीच टकराव बढ़ेगा। 

 


Date : 04-Nov-2019

पानी टंकी के लिए खोदे गड्ढे में गिरने से छात्र की मौत, चक्काजाम, 4 लाख मुआवजे के बाद खत्म

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 4 नवंबर। नगर निगम की एक निर्माणाधीन टंकी के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में गिरने से नौ साल के एक बालक की मौत हो गई। नगर निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुस्साये लोगों ने सरकंडा पुल पर चक्का जाम कर दिया। पुलिस भीड़ को समझाने में जुटी रही। काफी देर बाद तहसीलदार ने 10 हजार रुपये की तत्कालिक सहायता दी और चार लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत करने की घोषणा की, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हो सका।

घटना आज सुबह 10 बजे की बताई जा रही है। मेलापारा, चांटीडीह में नगर निगम द्वारा एक पानी टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा गया है जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ है। रामायण चौक द्वारका मंदिर का छात्र अनुराग साहू (9 वर्ष), पिता महेश साहू खेलने के दौरान गड्ढे के नीचे गिर गया। जैसे ही लोगों ने देखा उसे बचाने के लिए गड्ढे में उतरे मगर जब तक अनुराग को निकाला गया उसकी मौत हो चुकी थी। टंकी निर्माण में बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर मोहल्ले के लोग पहले भी शिकायत कर चुके थे लेकिन सुरक्षा के उपाय नहीं किये गये थे। बहुत दिन से यहां निर्माण कार्य रुका हुआ भी है।

घटना के बाद गुस्साए लोगों ने शव को साथ लेकर सकरंडा स्थित पुल में चक्काजाम कर दिया। निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई व पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग पर उन्होंने नारेबाजी की। बिलासपुर शहर के दोनों हिस्सों को जोडऩे वाला यह प्रमुख मार्ग है, जहां चक्का जाम होने से दोनों तरफ का आवागमन बाधित होने लगा। पुलिस अधिकारियों ने चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे।

काफी देर बाद तहसीलदार ने 10 हजार रुपये की तत्कालिक सहायता दी और चार लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत करने की घोषणा की, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हो सका।