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Date : 21-Sep-2019

गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही नया जिला बनेगा, बिलासपुर से तीन तहसील अलग होंगे

राजपत्र में नये जिले की अधिसूचना प्रकाशित
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 21 सितम्बर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राजपत्र में नई जिले की अधिसूचना 20 सितम्बर को प्रकाशित कर दी गई है। नये जिले का नाम गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही रखा गया है। 

अधिसूचना जारी होने के बाद नये जिले के गठन की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। संभावना है कि अक्टूबर में इस जिले का उद्घाटन किया जा सकता है। नये जिले में बिलासपुर जिले के पेन्ड्रारोड, मरवाही व पेन्ड्रा तहसील को शामिल किया गया है। इसकी सीमाएं भी निर्धारित कर दी गई हैं। उत्तर में कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ तहसील, दक्षिण में बिलासपुर जिले की कोटा तहसील, पूर्व में कोरबा जिले की कटघोरा तहसील तथा पश्चिम में मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के सोहागपुर और तथा पुष्पराजगढ़ तहसील में इसकी सीमा समाप्त होगी। 

अधिसूचना में कहा गया है कि सूचना प्रकाशन की तारीख से साठ दिवस के भीतर कोई भी आपत्ति, सुझाव लिखित में दिये जा सकते हैं। सुझाव, शिकायत राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव के नाम पर महानदी भवन अटल नगर रायपुर से की जा सकेगी। 

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेन्ड्रा, गौरेला, मरवाही को जिला बनाने की पुरानी मांग को पूरा करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने 25 तहसीलों के गठन की घोषणा भी की है। इनमें बिलासपुर जिले का रतनपुर भी शामिल है। 


Date : 21-Sep-2019

हवाई सेवा शुरू न होने पर पुनर्विचार याचिका, केन्द्र-राज्य को बिलासपुर हाईकोर्ट नोटिस

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 21 सितंबर। चकरभाठा एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने के मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और छत्तीसगढ़ सरकार से एक सप्ताह में स्टेटस और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

गौरतलब है कि बिलासपुर के पत्रकार कमल दुबे ने फरवरी 2017 में बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू करने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की थी। इसका निराकरण दिसंबर 2018 में कर दिया गया था। तब बिलासपुर एयरपोर्ट को लाइसेंस मिलने और प्रतिवादियों द्वारा जल्द हवाई सेवा शुरू करने का लिखित आश्वासन उच्च न्यायालय के समक्ष दिया गया था। तब से लेकर आज तक बिलासपुर हवाई नक्शे में शामिल नहीं हो पाया है। इसी पर शुक्रवार को पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई हुई।

मालूम हो कि बिलासपुर के समीप स्थित चकरभाठा हवाई पट्टी को मापदंडों के मुताबिक दो साल पहले ही हवाईअड्डे में तब्दील कर दिया गया है। केन्द्र और राज्य सरकार के नागरिक विमानन विभाग यहां से अब तक हवाई सेवा शुरू करने में असमर्थ रहे हैं, जबकि यहां बड़ा व्यापारिक केन्द्र व्यापार विहार, हाईकोर्ट, सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी, एनटीपीसी, एसईसीएल, रेलवे जोन मुख्यालय जैसे बड़े संस्थान हैं। कोरबा और जांजगीर भी व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू होने का लाभ मिलेगा।


Date : 21-Sep-2019

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में बिलासपुर टॉप टेन में, बेंगलुरु में मिलेगा अवार्ड

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 21 सितंबर। स्मार्ट सिटी कौंसिल ने मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट ने बिलासपुर में चल रहे स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को श्रेष्ठ 10 शहरों में शामिल किया है। 25 सितम्बर को बेंगलुरु में होने वाले छठे स्मार्ट सिटी सम्मलेन में यह अवार्ड कमिश्नर प्रभाकर पांडेय प्राप्त करेंगे।

 भारत सरकार की एजेंसियों ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा एवं मार्किंग की थी। इसमें नगर-निगम के अंतर्गत चल रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को स्मार्ट मैनेजमेंट दर्जा दिया गया। इसमें कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के अंतर्गत वर्तमान और भविष्य में होने वाले कार्यों को जांच और परख कर मार्किंग की गई।

इस स्पर्धा में 100 में से 80 स्मार्ट सिटी ने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किये थे, जिनमें से 50 के प्रोजेक्ट को चुना गया। इस सूची के टॉप टेन में बिलासपुर को नामांकित किया गया।

कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने लगातार सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत हाल में ही दो टोल फ्री नंबर जारी किये गये हैं। इसी तरह कमांड सेंटर में व्हीकल मानिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है। इसमें शिकायतों का निराकरण की हाईटेक व्यवस्था की गई है।  

नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी रात्रिकालीन सफाई का सतत् निरीक्षण कर रहे हैं। डिलेवो मशीन द्वारा रोटेशन में शहर मुख्य मार्ग, डिवाइडर, फुटपाथ एवं चौक चैराहों की सफाई की जाती है, जिसका हर रोज निगरानी की जाती है।


Date : 21-Sep-2019

संगठन, विधायक में तनातनी, प्रदेशाध्यक्ष को पहुंची शिकायत

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 21 सितंबर। नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल को नोटिस देने के मामले में विधायक शैलेष पांडेय द्वारा नगर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर को लिखी सोशल मीडिया पर वायरल चि_ी उचित कार्रवाई के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी गई है।

कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल को जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर ने पिछले दिनों कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें उन्होंने परिसीमन का विरोध करने के बयान पर स्पष्टीकरण मांगा है और सात दिन के भीतर जवाब देने कहा है। जायसवाल विधायक शैलेष पांडेय के करीबी हैं और महापौर पद के लिए उनकी दावेदारी संभावित है। महापौर का पद बिलासपुर के लिए अनारक्षित घोषित होने के ठीक बाद उन्हें नोटिस जारी की गई है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस के खिलाफ जाकर उन्होंने परिसीमन के विरोध में बयान दिया, यह पार्टी विरोधी गतिविधि है। ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्षों ने इसकी शिकायत भी की है।

विधायक पांडेय ने शहर अध्यक्ष बोलर को चि_ी लिखकर इस नोटिस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वे संगठन को अपनी जागीर नहीं समझे। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन का विरोध जायसवाल ने नहीं किया लेकिन इसके लिए अपनाई गई प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि एक होटल में चार लोगों ने बैठकर किस तरह फैसला ले लिया कि परिसीमन किस तरह हो। इसमें पार्टी के लोगों को, विधायक को भी नहीं पूछा गया। पांडेय ने बोलर से कहा कि वे शैलेन्द्र जायसवाल से माफी मांगें, वे कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं।

पत्र मिलने के बाद बोलर की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नोटिस पार्षद जायसवाल को दी गई है तो शहर विधायक द्वारा उन्हें पत्र लिखने की क्या जरूरत थी? पत्र भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये लिखा, उन तक नहीं पहुंचा। कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने पुष्टि की कि विधायक द्वारा सोशल मीडिया में इस तरह पत्र लिखे जाने पर पदाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम व महामंत्री गिरीश देवांगन को दी गई है।

मालूम हो कि संगठन के पदाधिकारियों को सीधे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समर्थक माना जाता है। इसका नेतृत्व शहर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे अटल श्रीवास्तव करते हैं। विधानसभा चुनाव में वे बिलासपुर से टिकट के दावेदार थे, पर उनकी जगह शैलेष पांडेय को टिकट मिली। पांडेय चुनाव जीत भी गये। शहर में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के कार्यक्रमों का आयोजन संगठन खेमे की तरफ से ही होता है। विधायक शैलेष पांडेय के समर्थक कई बार आरोप लगा चुके हैं कि विधायक की इन कार्यक्रमों में उपेक्षा की जाती है। पहली बार पांडेय ने खुलकर संगठन की किसी कार्रवाई का विरोध किया है।

नगर निगम चुनाव के लिए चल रही तैयारियों के बीच कांग्रेस में हो रहे इस खींचतान को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता और शहर के लोग हैरान हैं। उनका मानना है कि इस वर्चस्व की लड़ाई का नुकसान जिले के नगर निकायों के चुनाव में दिखाई दे सकता है।


Date : 21-Sep-2019

हटिया व एलटीटी के बीच पांच फेरों के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा 2 से  

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 21 सितंबर। दशहरा एवं दीपावली त्यौहार पर ट्रेनों में होने वाली अतिरिक्त भीड़ को कम करने एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन के द्वारा हटिया एवं लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच पांच फेरों के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी जा रही है।

गाड़ी संख्या 08609 हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस पूजा स्पेशल ट्रेन 02 से 30 अक्टूबर 2019 तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी । हटिया से यह ट्रेन शाम को 17.35 बजे रवाना होगी जो रात्रि दो बजे बिलासपुर तथा चार बजे रायपुर पहुंचेगी। गुरुवार को  रात 23.55 बजे यह लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

इसी तरह गाड़ी संख्या 08610 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हटिया पूजा स्पेशल ट्रेन चार अक्टूबर से एक नवम्बर तक तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। पूजा स्पेशल ट्रेन में 02 पावर कार, चार एसी थ्री, दो एसी टू, चार स्लीपर व तीन एसएलआर कोच होंगे। एलटीटी से यह ट्रेन शुक्रवार को सुबह 7.55 बजे रवाना होगी, जो अगली सुबह 3.15 पर रायपुर और सुबह पांच बजे बिलासपुर पहुंचेगी। शाम को 17.30 बजे यह हटिया पहुंचेगी।


Date : 20-Sep-2019

अजा आयोग अध्यक्ष को हटाने का आदेश हाईकोर्ट ने निरस्त किया, पहले ही दिया जा चुका था आदेश पर स्थगन आदेश

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 20 सितम्बर। हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पूर्व विधायक रामजी भारती को पद से हटाने के राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। भारती को कोर्ट ने पहले ही स्थगन दे दिया था, जिस पर अब फैसला आ गया है।

डोंगरगढ़ से भाजपा के विधायक रहे रामजी भारती को सन् 2015 में तत्कालीन सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनका तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर सन् 2018 में उन्हें पुन: इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2021 में समाप्त होना था, पर राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद 28 मई 2019 को उन्हें पद से हटा दिया गया था। सरकार के इस आदेश के खिलाफ रामजी भारती हाईकोर्ट चले गये थे। उनकी याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश के पालन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यूएनएस देव ने तर्क दिया कि अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष पद संवैधानिक है और उनकी राज्याल द्वारा नियुक्ति की जाती है। राज्य सरकार उन्हें कार्यकाल पूरा हुए बिना न तो हटा सकती न ही किसी अन्य को इस पद नियुक्त कर सकती।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जस्टिस आरसीएस सामंत की बेंच से गुरुवार को फैसला आया है, जिसमें राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। रामजी भारती अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।


Date : 20-Sep-2019

निष्ठावान पार्षद को नोटिस के लिए शहरअध्यक्ष माफी मांगें, संगठन किसी की जागीर नहीं-विधायक

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 20 सितंबर। नगर निकाय चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, कांग्रेस में कलह बढ़ती जा रही है। पार्षद शैलेन्द्र जायवाल को नोटिस जारी करने पर घोर आपत्ति जताते हुए विधायक शैलेष पांडेय ने शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर से माफी मांगने के लिए कहा है।

विधायक शैलेष पांडेय को शहर और पार्टी की गतिविधियों से अलग-थलग करने की कोशिश कई मौकों पर देखी गई है। कई बार उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता, उद्घाटन, शिलान्यास की पट्टिकाओं से नाम हटवा दिया जाता है। पांडेय लगातार इन घटनाओं पर टिप्पणी करने से बचते रहे हैं। उनके समर्थक इसे लेकर अटल बिहारी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह के मामले में विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। पर इस बार विधायक ने खुद संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मामला कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल को शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर द्वारा नोटिस जारी किये जाने का है। जायसवाल को पार्टी के खिलाफ जाकर परिसीमन के मामले में बयान देने को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। इसे लेकर बोलर को विधायक पांडेय ने चि_ी लिख डाली है। चि_ी में उन्होंने कहा है कि अख़बारों से पता चला है कि आपने पार्षद जायसवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। परिसीमन का विरोध इसका मुख्य कारण बताया गया है। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों से इसकी शिकायत मिली है, इसका भी जिक्र नोटिस में किया गया है।

श्री पांडेय ने कहा है कि कांग्रेस लोकतंत्र को मानने वाली पार्टी है जहां कार्यकर्ता अपनी बात रख सकता है। जब कार्यकर्ता पर संगठन के कुछ खास लोग अत्याचार और अन्याय करते हैं तो पीडि़त अपनी बात कहां रखेगा?

श्री पांडेय ने कहा कि संगठन कुछ लोगों की निजी जागीर या कठपुतली नहीं जिसे अपने हिसाब से चलाया जाये। एक होटल में बैठक कर पार्षदों और शहर विधायक को सूचना दिये बिना किस आधार पर परिसीमन को मनचाहा अंजाम देने की कोशिश की गई? इसमें कितने लोग शामिल थे, क्या इससे पार्टी की एकता नष्ट नहीं हुई? क्या ये घोर अपराध नहीं है? क्या ये अनुशासनहीनता नहीं है? ये सब आपके सामने होता रहा और आप चुप बैठे थे। आपने कार्रवाई क्यों नहीं की? यदि कोई पार्षद इसमें सुधार के लिए आवाज उठाता है तो क्या संगठन उसका मुंह जबरदस्ती बंद कर देगा? जायसवाल पार्टी के निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने सदैव पार्टी की छवि को अच्छा बनाने के लिए काम किया और विपक्ष की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया। नोटिस दुर्भावनापूर्ण और भेदभावपूर्ण है। एक नेक और समर्पित कार्यकर्ता पर अन्याय है। आप एक भले मानुष हैं इसलिये पार्टी की छवि को धूमिल होने से बचाएं, कार्यकर्ताओं के मनोबल को इस तरह के काम से हतोत्साहित न करें और पार्षद जायसवाल से माफी मांगकर न्याय करें।

शहर अध्यक्ष बोलर ने विधायक के इस पत्र को लेकर कहा कि जायसवाल नोटिस का जवाब दें। कोई बात करनी है तो पार्टी के भीतर करें। बातचीत कर मामला सुलझाया जायेगा। मैं पार्टी में निष्पक्षता से काम करता आ रहा हूं आगे भी करूंगा। कांग्रेस भवन में परिसीमन पर बैठक हुई थी, जिसकी सभी को सूचना दी गई थी। होटल में हुई किसी बैठक के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।


Date : 20-Sep-2019

सूने घर में मिली खाट पर बंधी वृद्धा की सड़ी-गली लाश, हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 20 सितम्बर। तखतपुर के समीप ग्राम विचारपुरकापा में 80 साल की एक वृद्धा की सड़ी-गली लाश मिली है। महिला को घर पर अकेले खाट पर बांधकर छोड़ दिया गया था। अनुमान है कि उसकी करीब 15 दिन पहले मौत हो चुकी है। पुलिस मृतक वृद्धा के रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।

मृतक महिला का नाम ठगिया बाई है। उसका घर बाहर से बंद था। पड़ोसियों ने गुरुवार को इस घर से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। तखतपुर पुलिस पहुंची तो महिला खाट से बंधी हुई थी और लाश बुरी तरह गली हुई थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि महिला की हत्या की गई है और खाट पर हत्या के पहले या उसके बाद उसे बांध दिया गया है।

मृतक ठगिया ने दो शादियां की थी। वह अपने दूसरे पति रतिराम से हुई बेटी कमला बाई के साथ घर पर रहती थी जो दूसरे पति की संतान है। कमला ने भी दो शादियां की थी और वह दूसरे पति को अपने साथ रखती थी। साथ में उनके दो बच्चे भी रहते थे। ये सभी मकान में पिछले कुछ दिनों से नहीं दिखाई दे रहे थे। मृतक ठगिया बाई का पहले पति तिहारी से एक बेटा लक्ष्मण है जो पास के ग्राम जूनापारा में रहता है। कमलाबाई का भी पहला पति और उसके बच्चे जीवित हैं, जो गांव में ही रहते हैं।

पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक ठगिया बाई के दोनों पति की संतान महिला के दोनों पतियों तथा मृतका के पोते-पोतियों से पूछताछ कर घटना पर जानकारी पुलिस जुटा रही है।


Date : 20-Sep-2019

वनमाली सृजन पीठ में हुआ कहानी व रचना पाठ, देश भर के साहित्यकार और रचनाकार जुटे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 20 सितंबर।
विश्व रंग कार्यक्रम के तहत पुस्तक यात्रा के समापन और युवा उत्सव के प्रारंभ के अवसर पर वनमाली सृजन पीठ बिलासपुर में कहानी और कविता पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के कोने कोने से आए रचनाकारों ने अपनी रचना का पाठ किया। इस अवसर पर संख्या में साहित्य प्रेमी और विवि के विभागों के विभाग के अध्यक्ष उपस्थित थे।

कार्यक्रम के पहले चरण में कहानी पाठ का आयोजन  किया गया। ग्वालियर से आए कहानीकार महेश कटारे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर साहित्यकार खुर्शीद ने पांच उंगलियां शीर्षक पर अपनी कहानी का पाठ किया। वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष सतीश जायसवाल ने अन्य पक्ष विषय पर कहानी पाठ किया। नागपुर से आए मनोज रूपड़ा ने ईश्वर का द्वंद विषय पर कहानी का पाठ किया। इसी तरह रायपुर से आई श्रद्धा थवाईत ने मुक्ति और भय विषय पर कहानी सबके के सामने रखी। इसके बाद कैलाश वनवासी ने राहत की बात और गुलवीर सिंह ने मोंगरी विषय पर कहानी पाठ किया। 

दूसरे चरण में कविता पाठ किया गया। इसकी अध्यक्षता भोपाल से आए नवल शुक्ला ने की । रचनाकार शरद कोकास ने  प्रेम की कविताएं पड़ी।  भोपाल से ही आई शेफाली पांडे ने पृथ्वी और स्त्री विमर्श विषय पर कविता पाठ किया। दुर्ग से आए कवि नासिर अहमद ने चांद पर अपने 100 संग्रह में से कुछ कविताएं सुनाई, जिसे सभी ने सराहा। भोपाल से आए राग तेलंग ने एक दिन की कढ़ी, प्लास्टिक की कुर्सी ,और पेन मानने वाले जैसे अनेक विषयों पर बहुत ही रोचक कविता पाठ किया । कार्यक्रम में रचनाकार राम कुमार तिवारी ने धरती पर जीवन सोया था विषय पर सुंदर कविता लोगों को सुनाई। इस अवसर पर तनवीर हसन ने अपने शीशाकार और छत्तीसगढ़ के पुटू विषय पर कविताएं सुनाई। आकाशवाणी की उद्घोषक अंतरा चक्रवर्ती ने बेटियां क्या सोचती हैं,  नींद, सोना चाहती हूं सहित कई विषयों पर मार्मिक कविताएं सुनाई। इस अवसर पर दलजीत सिंह ने तलाश रावण की विषय पर कटाक्ष की रचना पाठ किया।  कार्यक्रम में युवा कवि भास्कर मिश्रा ने ओजस्वी कविता से समा बांधा, जिसे सभी ने सराहा। इस अवसर पर प्रदेश के युवा कहानी का और कविताकार बड़ी संख्या में शामिल हुए।  कार्यक्रम में वन माली सृजन पीठ के अध्यक्ष सतीश जायसवाल डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय, दूरस्थ शिक्षा के डायरेक्टर डॉ अरविंद तिवारी, नीरज कश्यप , राकेश मिश्रा, लोकेश सीटें, देवेंद्र यादव सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

संचार क्रांति के युग में पुस्तक पठन की नई शुरुआत- गौरव
इस अवसर पर डॉ. सीवी रामन विश्वविद्यालय के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने कहा कि संचार क्रांति के युग में आज हर युवा के हाथ में मोबाइल है, और वह उसकी पठनीयता खत्म होती जा रही है। पुस्तकों से युवा लगातार दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में हमारी पुस्तक यात्रा एक नई शुरुआत है जिसे हम युवाओं के मन में पुस्तक पढऩे का बीज बो रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय लगातार करता रहेगा। 

 


Date : 19-Sep-2019

मुख्यमंत्री ने की रतनपुर को तहसील का दर्जा देने की घोषणा, जन-चौपाल में पूरी की 15 साल पुरानी मांग

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 19 सितम्बर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को रायपुर में अपने निवास पर आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थल रतनपुर को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की ।

मुख्यमंत्री ने जन चौपाल में रतनपुर से आए नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान यह घोषणा की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि 15 सालों से वे लोग रतनपुर को तहसील का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। आसपास की 49 ग्राम पंचायतों ने भी इसके लिए सहमति दी है । 

रतनपुर से बिलासपुर लगभग लगभग 25 किलोमीटर और कोटा 18 किलोमीटर दूर है। रतनपुर में तहसील कार्यालय प्रारम्भ होने से नगरवासियों को काफी सहूलियत होगी। रतनपुर की जनसंख्या लगभग पच्चीस हजार है । पुराने समय में भी रतनपुर अनेक अवसरों पर राजवंशों की राजधानी रही है ।

इस अवसर पर रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी सहित शिवा पांडे, डॉ राजू श्रीवास, अभिषेक मिश्रा, पुष्पकांत, प्रबोध आनंद पांडे सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

 


Date : 19-Sep-2019

इंडियन एक्सप्रेस के चेयरमेन, संपादकों को जोगी मामले में हाईकोर्ट से राहत 

अंतागढ़ कांड के कथित आडियो टेप को छापने पर दायर की गई है मानहानि की याचिका 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 19 सितंबर।
हाईकोर्ट ने इंडियन एक्सप्रेस बोर्ड के चेयरमेन विवेक गोयनका तथा इसके मुद्रक तथा सम्पादकीय टीम के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर दो अलग-अलग आदेशों में रोक लगा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने इनके खिलाफ अपराधिक मानहानि का केस दायर किया था और दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की गई है। 

वर्ष 2015 में इंडियन एक्सप्रेस में अंतागढ़ मामले पर समाचार छपा था। इसमें कथित रूप से एक आडियो टेप का हवाला देते हुए बताया गया था कि अंतागढ़ सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार की नाम वापसी के लिए प्रलोभन व दबाव डालने के लिए अजीत जोगी ने बातचीत की है। यह बातचीत विस्तार इंडियन एक्सप्रेस ने छापी थी। प्रकाशन के बाद 5 जनवरी 2016 को अजीत जोगी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के खिलाफ मानहानि का आपराधिक मुकदमा दायर किया। यह मुकदमा अखबार के रिपोर्टर, संपादक, प्रधान संपादक, मुद्रक, प्रकाशक और ग्रुप के चेयरमेन के खिलाफ याचिका लगाई गई थी।  

अदालत में उन्होंने कहा था कि बेबुनियाद और आधारहीन मामले में उनके सम्मान को चोट पहुंचाई गई है। इसकी वजह से उन्हें न्यायालय आना पड़ा है। जोगी ने अंतागढ़ टेपकांड में उनका नाम शामिल करने पर अखबार को चेतावनी दी थी कि अगर सात दिन के भीतर माफी नहीं मांगी तो अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। इसके लिए पहले अखबार को नोटिस भेजी गई थी और इस बीच अखबार द्वारा खंडन या माफी नहीं मांगने के बाद, जोगी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 500, 501, 502, 34 के तहत इंडियन एक्सप्रेस के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में मानहानि का आपराधिक परिवाद दायर किया। जोगी ने इसे साइबर क्राइम का मामला भी बताया और दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की।

मानहानि के दो अलग-अलग मुकदमे दायर किये गये थे। एक में इंडियन एक्सप्रेस समूह के चेयरमेन विवेक गोयनका को तथा दूसरे में मुद्रक, प्रधान सम्पादक, सम्पादक और रिपोर्टर को प्रतिवादी बनाया गया था। 

इस मामले में  निचली अदालत की सुनवाई के खिलाफ चेयरमेन विवेक गोयनका की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर बुधवार को जस्टिस रजनी दुबे की बेंच ने सुनवाई पर स्थगन दिया। दूसरे परिवाद में, जिसमें मुद्रक, प्रधान सम्पादक सहित 6 लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है, पर गुरुवार को स्थगन दे दिया। हाईकोर्ट ने स्थगन के लिए देर से याचिका लगाने पर सवाल उठाया। इस पर प्रतिवादियों ने बताया कि उन्हें नोटिस नागपुर कार्यालय में भेजा जाता था, जो उन्हें प्राप्त नहीं होता था। देरी के कारण से संतुष्ट होते हुए उनकी याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर आदेश दिया। 
 


Date : 19-Sep-2019

आरटीआई संशोधन अधिनियम को चुनौती, केंद्र सरकार को हाईकोर्ट ने दिया नोटिस 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 19 सितम्बर।
संसद द्वारा पारित सूचना अधिकार संशोधन अधिनियम 2019 के खिलाफ दायर याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने केन्द्र शासन को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। 

इस संशोधन की वैधानिकता को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव विवेक बाजपेयी ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम मे संशोधन कर केन्द्रीय मुख्य सूचना आयुक्त की शक्तियों को कम कर दिया गया है। उनके अधिकारों में धारा 13, धारा  16 एवं धारा  27 में संशोधन कर कटौती की गई है। अन्य  सूचना आयुक्तों की शक्तियों को छीनकर  केन्द्र ने उन्हें अपने अधीन  कर  लिया है। संशोधन के माध्यम से सूचना आयुक्त की नियुक्ति, सेवा अवधि, वेतन सहित  अन्य शक्तियों को केंद्र सरकार ने अपने अधीन  कर  लिया है। पूर्व में सूचना आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त के समतुल्य संवैधानिक दर्जा प्राप्त था। इस संशोधन के माध्यम से उसे समाप्त कर दिया गया है। इस संशोधन से सूचना आयुक्त की स्वतंत्रता एवम स्वायत्तता पूरी तरह से खत्म हो गई है। 

इस याचिका पर गुरुवार को चीफ जस्टिस की डबल बेंच में सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय में अधिवक्ता सुशोभित  सिंह, संदीप दुबे व सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने याचिका का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के विधि विभाग को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश है।

 

 


Date : 19-Sep-2019

नशे में धुत एसईसीएल कर्मी ने कार पलटाई, एक मौत, खुद घायल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 19 सितम्बर। शराब पीकर बार से निकले युवकों की तेज रफ्तार कार कल रात डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित हुई और पुराना बस स्टैंड के पास पलट गई। इसमें सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया।

एसईसीएल में कर्मचारी हर्ष साहू बंगालीपारा, सरकंडा में रहता है। एसईसीएल में अपरेन्टिस अभिषेक तिवारी, चंद्रमणि व एक अन्य के साथ चार लोग हर्ष की कार में शराब पीने के बाद हैवन्स पार्क स्थित बार से रात 10.45 बजे निकले।

ड्राइविंग कर रहे हर्ष साहू के साथ चारों अग्रसेन चौक से सीएमडी चौक होते हुए पुराना बस-स्टैंड की तरफ बढ़े। तेज रफ्तार कार रोड पर बने डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ड्राइवर हर्ष के किनारे बैठा अभिषेक तिवारी भीतर ही फंस गया। ड्राइवर हर्ष को निकलने में देर हुई। उसे भी चोट आई है। बाकी पीछे बैठे दो लोग भागने लगे, जिन्हें प्रत्यक्षदर्शियों ने पकडक़र रोक लिया।

सभी नशे में धुत थे। घायल अभिषेक को नजदीक ही स्थित जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सिम्स चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। सिम्स में उसे मृत घोषित कर दिया गया। कार आई 20 हर्ष की मां मिथिला साहू के नाम पर दर्ज है। चालक के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।


Date : 19-Sep-2019

परिसीमन-बयानबाजी पर विधायक शैलेष के नजदीकी पार्षद को संगठन का नोटिस

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 19 सितम्बर। विधायक शैलेष पांडेय को संगठन ने एक बार फिर झटका देते हुए उनके खास समर्थक पार्षद और कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का कारण परिसीमन को लेकर पार्टी की नीतियों के खिलाफ अख़बारों में दी गई बयानबाजी को बताया गया है।

पार्षद जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने बिलासपुर नगर-निगम के परिसीमन के दौरान परिसीमन का विरोध करने वालों को शह दी। सीमा वृद्धि के खिलाफ उनके बयान को संगठन व  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फैसले के खिलाफ माना गया है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर ने बताया है कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों ने पार्षद जायसवाल के खिलाफ लिखित शिकायत की है, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं पार्षद जायसवाल ने कहा है कि वे कांग्रेस के समर्पित व निष्ठावान कार्यकर्ता है। भाजपा के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ते आ रहे हैं, नोटिस समझ से परे हैं।

ज्ञात हो कि संगठन से जुड़े कांग्रेसी और कांग्रेस के विधायक शैलेन्द्र पांडेय के बीच पिछले कई मौकों पर वर्चस्व की लड़ाई देखी जा चुकी है। ठीक नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी शुरू होने के दौरान उन्हें दी गई नोटिस के कई मतलब लगाये जा रहे हैं। महापौर के लिए बिलासपुर सीट अनारक्षित घोषित की गई है, जिसमें शैलेष पांडेय समर्थकों के बीच से भी दावेदार सामने आने की तैयारी में है।

रेप, पड़ोसी बंदी

बलरामपुर (आईबीसी 24), 19 सितंबर। बलरामपुर जिले के राजपुर थानांतर्गत युवती से घर घुसकर बलात्कार का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि पड़ोसी युवक ने अकेली होने का फायदा उठाते हुए घर घुसकर बलात्कार किया। पीडि़ता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।


Date : 19-Sep-2019

सीवीआरयू का 3 दिवसीय, युवा उत्सव 20 से, बिलासपुर पहुंची पुस्तक यात्रा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 19 सितम्बर।
डॉ. सी वी रामन विश्वविद्यालय से विश्व रंग कार्यक्रम के तहत रवाना की गई पुस्तक यात्रा विभिन्न जिलों से होते हुए बिलासपुर पहुंच गई। यह यात्रा तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में तब्दील होगी। इसके प्रथम दिन 20 सितंबर को प्रख्यात कलाकार उषा गांगुली के नाटक अंतर यात्रा का मंचन किया जाएगा, 21 सितंबर को प्रख्यात गीतकार हेमंत चौहान अपनी प्रस्तुति देंगे और 22 सितंबर को मुंबई के फोक मस्ती बैंड का शहर के लोग आनंद ले सकेंगे। 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने बताया कि 7 सितंबर को डॉ. सी वी रमन विश्वविद्यालय परिसर से अभिनेता विनय पाठक ने पुस्तक यात्रा को रवाना किया था। यह यात्रा मुंगेली, कवर्धा, बेमेतरा, भाटापारा, बलौदा बाजार, आरंग, महासमुंद, शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा, कोरबा तथा कटघोरा के बाद बुधवार को बिलासपुर पहुंच गई है।  इसका वनमाली सृजन पीठ बिलासपुर में स्वागत किया गया। विश्व रंग कार्यक्रम के तहत यह यात्रा अब तीन दिवसीय महोत्सव का रूप लेगी। बिलासपुर शहर में तीन बड़े आयोजन किए जाएंगे। लखीराम ऑडिटोरियम मिशन अस्पताल रोड में 20 सितंबर को कोलकाता की प्रख्यात रंगकर्मी उषा गांगुली के नाटक अंतर यात्रा  का मंचन किया जाएगा। दूसरे दिन 21 सितंबर को गुजरात के प्रख्यात भक्तिगायक हेमंत चौहान अपनी प्रस्तुति देंगे। तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन 22 सितंबर को मुंबई के फॉर्म मस्ती बैंड के कलाकार शहर में अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे।  

 

 


Date : 18-Sep-2019

विधानसभा टिकट से वंचित अब महापौर टिकट के दावेदार, कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों से बड़ी संख्या में नए-पुराने चेहरे दावेदार, खूब खर्चीला भी होगा चुनाव
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बिलासपुर, 18 सितम्बर।
परिसीमन के बाद आबादी के लिहाज से लगभग दुगना हो चुके बिलासपुर नगर निगम में इस बार महापौर का पद अनारक्षित रहेगा। पुरानी सीमा से ही दावेदारों की संख्या बीते दस सालों में बहुत रही है, जो आरक्षण के चलते मौका नहीं पा सके। अब आरक्षण से बच जाने के कारण और नये इलाकों के शामिल हो जाने के कारण बड़ी संख्या में दावेदार सामने आएंगे, ऐसी संभावना दिखाई दे रही है। 

बिलासपुर नगर निगम के परिसीमन की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। इसमें तीन नगर निकाय तिफरा, सिरगिट्टी और सकरी तो शामिल हो ही गए हैं, 15 ग्राम पंचायतों को भी लिया गया है। बिलासपुर नगर-निगम में कुछ बड़ी पंचायतें मंगला, देवरीखुर्द, लिंगियाडीह, मोपका, कोनी आदि भी आ गई हैं। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि परिसीमन के चलते बिलासपुर नगर-निगम का चुनाव आगे टल सकता है पर नई सीमा निर्धारित करने और वार्डों के गठन की प्रक्रिया तेजी से निपटाकर बाकी नगर-निगमों के साथ-साथ बिलासपुर का चुनाव भी कराया जा रहा है। 

यह चुनाव दिसम्बर के अंत में अथवा जनवरी 2020 के पहले सप्ताह में कराये जाने की घोषणा हो सकती है। बिलासपुर नगर-निगम का चुनाव इस बार बदले माहौल में होने जा रहा है। बीते दस सालों में महापौर पद एक बार महिला प्रत्याशी के लिए तो दूसरी बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया था। इस बार यह सामान्य सीट है। बिलासपुर विकास प्राधिकरण के विघटन के बाद, विधायक के बाद बिलासपुर का महापौर ही एक प्रतिष्ठापूर्ण पद है। सरकार बदलने के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि इस बार महापौर चुनाव मतदाताओं से प्रत्यक्ष न होकर पार्षदों के जरिये चुना जा सकता है। पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों साफ कर दिया कि चुनाव की पद्धति नहीं बदलने वाली है। परिसीमन के बाद होने वाले चुनाव में महापौर का शक्तिशाली होना तय है। उनका कार्यक्षेत्र बिलासपुर शहर तो होगा ही, तीन नगर निकाय और 15 पंचायतें भी होंगीं। नगर-निगम को शासन से फंड भी ज्यादा मिलेगा और विकास और समस्याओं को हल करने के लिए उनके पास इन नये क्षेत्रों की भीड़ भी उमड़ेगी।  कुछ मायनों में कहा जा सकता है कि उनके अधिकार विधायक से भी अधिक हो जायेंगे। वे अपनी पसंद से मेयर इन कौंसिल बनाएंगे और बजट पास कराएंगे। बिलासपुर का बजट पिछले वित्त वर्ष में 766 करोड़ का था। परिसीमन के बाद इसमें बहुत अधिक वृद्धि हो जायेगी। नये शामिल क्षेत्रों में कई बड़ी परियोजनाएं भी लाई जाएगी। 

नगर निगम की पुरानी भौगोलिक स्थिति ऐसी थी कि बिलासपुर के नेताओं का ही दबदबा हुआ करता था। अब नई सीमा में बेलतरा, बिल्हा, तखतपुर और मस्तूरी विधानसभा के कुछ हिस्से शामिल हो गए हैं। शहर से महापौर की दावेदारी करने वालों को इन नये शामिल कस्बों और गांवों के दावेदार चुनौती दे सकते हैं। इनमें से कई नगरीय निकायों के अध्यक्ष, सभापति और बड़ी पंचायत के सरपंच की भूमिका में, अपने इलाकों में ताकतवर भूमिका निभा चुके हैं। दोनों ही दलों कांग्रेस-भाजपा द्वारा प्रत्याशियों के चयन में इन क्षेत्रों के विधायकों व प्रमुख नेताओं की सलाह को दरकिनार नहीं किया जा सकेगा।  इस समय बिलासपुर तथा तखतपुर में कांग्रेस के विधायक तथा मस्तूरी और बिल्हा में भाजपा के विधायक हैं। दोनों ही दलों से विधानसभा चुनाव के समय टिकट की मांग करने वालों की संख्या दर्जन भर से ज्यादा थी। मस्तूरी छोड़ बाकी सीटें सामान्य हैं। ऐसे में इन स्थानों से अब महापौर की टिकट के लिए दावेदारों की लम्बी कतार लग सकती है। 

परिसीमन के बाद तीन लाख की जगह बिलासपुर नगर निगम बढक़र पांच लाख की जनसंख्या वाला क्षेत्र हो गया है। इसका दायरा भी पहले से लगभग चार गुना हो गया है। ऐसे में पिछले महापौर चुनाव के मुकाबले यह चुनाव काफी खर्चीला भी होने का अनुमान है।   दावेदारों को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार था। अब स्थिति साफ होने के बाद संभावित प्रत्याशियों के नाम आने शुरू हो जाएंगे।

 


Date : 18-Sep-2019

एपीएल राशनकार्ड हेतु आवेदन की तिथि 23 तक बढ़ाई गई

बिलासपुर, 18 सितंबर। सामान्य वर्ग के एपीएल राशनकार्ड हेतु आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि राज्य शासन ने बढ़ा दी है। एपीएल हितग्राही अब 23 सितंबर तक आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। पहले इसकी तिथि 17 सितम्बर तय की गई थी। प्रत्येक वार्ड के दो-तीन प्रमुख स्थानों पर आवेदन प्राप्त करने के लिए शिविर लगाये गए हैं। इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाने के कारण बहुत से लोगों को आवेदन जमा करने का अवसर नहीं मिल पाया था।

अब 23 सितंबर तक इन्हीं स्थानों पर आवेदन लिए जाएंगे, जिसके लिए 10 रुपये शुल्क भी जमा कराया जायेगा। आवेदन के साथ परिवार की महिला मुखिया के दो फोटो, सभी वयस्क सदस्यों के मतदाता परिचय पत्र की फोटो कॉपी, सभी सदस्यों के आधार कार्ड की कॉपी जमा करनी है। ये आवेदन 25 सितंबर तक स्थानीय निकाय के कार्यालयों में जमा किये जाएंगे।   26 सितंबर तक दावा-आपत्ति प्राप्त कर 30 सितम्बर तक उसका निराकरण कर लिया जाएगा। राशन कार्ड का वितरण शिविरों के माध्यम से दो से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। जो राशन कार्ड वितरित नहीं होंगे उनको निरस्त करने की कार्रवाई 15 अक्टूबर तक की जाएगी।


Date : 18-Sep-2019

पीने के बाद झगड़ा, दोस्त को लाठियों से पीटकर मार डाला

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 18 सितंबर। शराब के नशे में एक युवक ने डंडे से पीट-पीटकर अपने ही दोस्त की ह त्या कर दी। आरोपी हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया।

घटना कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम गतौरी की है। मजदूरी करने वाले प्रफुल्ल लोनिया और छोटू साहू के बीच गहरी दोस्ती थी। विश्वकर्मा जयंती के कारण वे काम पर नहीं गये थे। मंगलवार की शाम वे एक साथ शराब पीने के लिए गतौरी चौक पर पहुंचे। पीने के दौरान किसी बात पर प्रफुल्ल ने छोटू को थप्पड़ मार दिया।

 इसके बाद छोटू कहीं से लकड़ी उठाकर ले आया और प्रफुल्ल पर उसने ताबड़तोड़ वार कर दिया। इससे प्रफुल्ल जमीन पर गिर गया। प्रफुल्ल की चीखें सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे तो प्रफुल्ल फरार हो गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।


Date : 18-Sep-2019

पेंड्रा से प्रोटीन-नाश्ता शुरू पायलट प्रोजेक्ट में राज्य के दो ब्लॉक

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 18 सितंबर। मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत पेंड्रा विकासखंड के 186 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के 10,000 से अधिक बच्चों को प्रोटीन युक्त नाश्ता उपलब्ध कराने की योजना आज शुरू की गई।

पेंड्रा विकासखंड के ग्राम नवागांव में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बच्चों को नाश्ता खिलाकर यह योजना शुरू की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह योजना पेंड्रा और कोरिया जिले के विकासखंड खडग़वां में चालू की जा रही है। सफल होने पर योजना पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।

गौरतलब है कि बिलासपुर के विकासखण्ड पेंड्रा एवं कोरिया के विकासखंड खडग़वां में नवाचार के रूप में बच्चों को प्रथम कालखंड में ब्रेकफास्ट प्रदान करने की स्वीकृति भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा दी गई है।

बच्चों को ब्रेक फास्ट के रूप में सीधे खाने योग्य उच्च न्यूट्रीशियन मूल्य वाली खाद्य पदार्थ जिन्हें पकाने की आवश्यकता नहीं है प्रदान किया जाएगा। यह ब्रेकफास्ट विद्यालय में ही प्रधान अध्यापक एवं मध्यान्ह भोजन प्रभारी के समक्ष आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए खिलाया जाएगा। ब्रेकफास्ट में प्रोटीन क्रंच, उच्च प्रोटीन फोर्टीफाइड सोयाबिस्किट, पौष्टिक चिवड़ा तथा उच्च प्रोटीन फोर्टीफाइड हलवा, पोहा, विभिन्न फ्लेवर के स्वीट्स आदि प्रदान किए जाएंगे।

योजना के सफलता पूर्वक संचालन के संबंध में समस्त व्यवस्थाएं, पैकेट का सुरक्षित भंडारण, परिवहन एवं उपयोग संबंधित व्यवस्थाएं विकासखंड स्तर पर किया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी समीक्षा के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।


Date : 18-Sep-2019

पेन्ड्रा जेल में अमित जोगी के उचित इलाज के निर्देश, हाईकोर्ट में जमानत पर अर्जेंट हियरिंग नहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 18 सितंबर। न्यायिक रिमाण्ड पर जेल गये पूर्व विधायक अमित जोगी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने केस डायरी मंगाई है, वहीं उनके प्रकरण को बिना किसी वरीयता के नियमित अंतराल में रखने के लिए कहा है। निचली अदालत ने उनकी रिमांड की अवधि बढ़ाते हुए उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया है।

मरवाही के पूर्व विधायक और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी को मंगलवार की शाम एक बार फिर से पेंड्रा की उप-जेल में दाखिल कर दिया गया।  गौरेला में ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने उनकी न्यायिक अभिरक्षा 30 सितंबर तक बढ़ा दी।

गौरेला के जेएमएफसी कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता संजीव राय ने बताया कि अमित जोगी को मंगलवार को रायपुर के एक अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पेंड्रा की उप-जेल भेजा जा रहा था, उसके पहले उनकी पिछली रिमांड अवधि पूरी  हो जाने के कारण ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया। अदालत में मजिस्ट्रेट असलम खान ने अमित जोगी को एक बार फिर 30 सितम्बर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल करने के आदेश दिए।

शासकीय अधिवक्ता राय ने बताया कि अमित जोगी व उनके अधिवक्ताओं के उचित चिकित्सा सुविधा के आवेदन पर न्यायालय ने जोगी को जेल मैन्युअल के हिसाब से उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र और मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी को वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने जन्म स्थान को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप है। प्रतिद्वन्द्वी प्रत्याशी समीरा पैकरा की ओर दर्ज कराई गई एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए विगत तीन सितम्बर को सुबह बिलासपुर स्थित मरवाही सदन से अमित जोगी को गिरफ्तार किया गया था। इसी दिन गौरेला के जेएमएफसी कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी ख़ारिज कर उन्हें 17 सितम्बर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिया था। अगले दिन एडीजे की कोर्ट ने भी उनकी जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी थी। जेल में अमित जोगी की तबियत बिगड़ जाने के बाद उन्हें गौरेला के सेनेटोरियम हास्पिटल में भर्ती किया गया जहां से उन्हें पहले बिलासपुर के सिम्स अस्पताल और फिर अपोलो अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल किया गया। अपोलो अस्पताल द्वारा उन्हें मेदान्ता अस्पताल, गुरुग्राम के लिए रिफर करने पर उन्हें राजधानी रायपुर के मेकाहारा और बाद में बालाजी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।  मंगलवार को सुबह उन्हें बालाजी अस्पताल से भी डिस्चार्ज कर दिया गया।

इस बीच अमित जोगी ने बिलासपुर हाईकोर्ट में भी जमानत याचिका दायर कर रखी है। हाईकोर्ट ने मामले की केस डायरी तलब की है और प्रकरण को अंतिम सुनवाई हेतु बिना किसी वरीयता के नियमित अंतराल के बाद नियत करने के लिए आदेशित किया है।

समीरा और पतरस तिर्की के विरुद्ध जोगी कांग्रेस नेता का परिवाद, पुलिस से कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

गौरेला के जनता कांग्रेस नेता रामनिवास तिवारी की ओर से दायर परिवाद को लेकर कोर्ट ने चार अक्टूबर तक पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

तिवारी ने पेंड्रारोड, गौरेला के न्यायिक दंडाधिकारी वर्ग एक असलम खान के न्यायालय में समीरा पैकरा एवं पतरस तिर्की के विरुद्ध धारा 465, 466, 468, 469, 471 के तहत अपराध दर्ज करने का परिवाद दायर किया है।

परिवाद में कहा गया है कि पतरस तिर्की द्वारा 4 सितंबर को बिलासपुर में नोटरी के समक्ष झूठा शपथ पत्र निष्पादित किया गया है कि वर्ष 1967-68 में गौरेला पेंड्रा में नायब तहसीलदार का कार्यालय अस्तित्व में नहीं था और उनके द्वारा इस दौरान अजीत जोगी को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। इसी शपथ पत्र के आधार पर समीरा पैकरा ने अजीत जोगी के विरुद्ध गौरेला थाने में अपराध दर्ज कराया है, जिसपर परिवाद में उल्लेखित किया गया है कि समीरा पैकरा को ज्ञात होते हुए पतरस तिर्की का शपथ पत्र झूठा एवं कूट रचित है उसके बावजूद भी उन्होंने कूट रचित दस्तावेज को थाने में सही बताकर अजीत जोगी के विरुद्ध अपराध दर्ज करा दिया है।

परिवाद में यह भी लिखा गया है कि इस कूट रचित दस्तावेज को दोनों आरोपियों ने जानबूझकर अजीत जोगी को नुकसान पहुंचाने, उनके विधानसभा की सदस्यता समाप्त कराने और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने तथा उनकी ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए उपयोग में लाया गया है जो कि धारा 465, 466, 468, 469, 471 के तहत दंडनीय अपराध है।


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