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Posted Date : 11-Jul-2018
  • पीडि़ता की याचिका पर हाईकोर्ट की नोटिस 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 11 जुलाई। महिला कांस्टेबल से यौन प्रताडऩा के आरोप में फंसे एडीजी पवन देव की मुसीबतें बढ़ गई हंै। आज हाईकोर्ट ने पीडि़ता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। 
    बिलासपुर में आईजी रहने के दौरान आईजी पवन देव पर संभाग की एक महिला कांस्टेबल ने यौन दुव्र्यवहार का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच गृह विभाग द्वारा गठित आंतरिक जांच समिति ने विशाखा गाइडलाइन के प्रावधानों के अनुरूप की थी। आईएएस रेणु पिल्ले की अध्यक्षता वाली इस समिति ने इसे गंभीर किस्म का अपराध बताते हुए अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद पवन देव के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 
    डेढ़ साल बाद तक कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। पीडि़ता का कहना था कि शासन को विशाखा गाइडलाइन के अंतर्गत की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई करनी है, लेकिन उन्हें एक और शो-कॉज नोटिस जारी कर बचाया गया है। यही नहीं बल्कि उन्हें पदोन्नति भी दे दी गई।
    मालूम हो कि इस शो-कॉज नोटिस पर पवन देव ने कैट से स्थगन हासिल कर लिया था, जिसे लेकर हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दायर की गई है। कैट के स्थगन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। आज चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की डबल बेंच ने राज्य सरकार और गृह विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने कहा है। 

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 11 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के करीबी माने जाने वाले मुम्बई के प्रोफेसर अशोक गजानन मोदक को गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया गया है। मोदक उन तीन प्रोफेसरों में शामिल रहे हैं जिन्हें उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों पर शोध करने के लिए केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने नियुक्त किया था। प्रो. मोदक भाजपा की ओर से 12 साल तक महाराष्ट्र विधानपरिषद् के सदस्य भी रहे हैं। 
    प्रो. मोदक ने सन् 1980 में जेएनयू से अर्थशास्त्र में पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त की। उन्होंने ''सोवियत इकॉनामी एड टू इंडिया'' में शोध किया। उन्हें 06 जनवरी, 2015 को राष्ट्रीय अनुसंधान प्राध्यापक नामित किया। 21 जनवरी, 2016 को उन्हें भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् की सामान्य सभा का सदस्य नियुक्त किया गया।
    उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से एम.ए. अर्थशास्त्र (1963) एवं एम.ए. राजनीति विज्ञान (1967) की पढ़ाई की। सन् 1963 में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय चालीसगांव (जलगांव, महाराष्ट्र) में अर्थशास्त्र के व्याख्याता के रूप में उन्होंने अपना शैक्षणिक कैरियर प्रारंभ किया। बाद में वे मुंबई विश्वविद्यालय ने सोवियत अध्ययन केन्द्र में रीडर बने। सन् 2006 में मुंबई विश्वविद्यालय के केन्द्रीय यूरेशियन अध्ययन केन्द्र में एडजंक्ट प्रोफेसर नियुक्त कर उन्हें सम्मानित किया गया। 1986 में अमेरिकी सरकार ने उन्हें महाशक्ति संबंधों पर बोलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कई विदेश यात्राएं भी की। वे 30 किताबों के रचयिता हैं। वहीं उनके 104 अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके है। डॉ. मोदक का जन्म सन् 1940 में हुआ। 
    इंटरनेशनल स्टडीज, जर्नल ऑफ इंडियन काउंसिल ऑफ वल्र्ड अफेयर्स नई दिल्ली एवं एटर्नल इंडिया जैसी पत्रिकाओं में वे नियमित रूप से लिख रहे है। 1994 एवं 2000 में वे महाराष्ट्र में विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। वर्तमान में वे महाराष्ट्र की दो शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष हैं। 1997 में मुंबई विधान परिषद ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ संसदीय अवार्ड से सम्मानित किया।  सीयू की विद्या परिषद् की कल आयोजित बैठक में इसकी सूचना कुलपति प्रो. अजिला गुप्ता ने सदस्यों को दी।  

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 7 जुलाई। महारानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ वीरांगना मार्च का आयोजन किया गया, जो बहतराई स्टेडियम में सम्पन्न हुआ।
    बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ  कार्यक्रम में मुख्य आयोजिका राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय के नेतृत्व रैली निकाली गई। पूरा शहर खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी के नारों से गूंज उठा। वीरांगना मार्च में विभिन्न स्कूल, कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड की छात्राएं महारानी लक्ष्मी बाई की परंपरागत वेशभूषा में दिखे। वीरांगना बालिकाएं घोड़े पर, बग्गी पर वाहनों में व शेष सफेद पोषाक में पैदल मार्च व विभिन्न विधाओं और शौर्य का प्रदर्शन करते दिखे। रैली एसईसीएल ग्राउंड, इंदिरा विहार बिलासपुर से प्रारंभ होकर नूतन चौक, सीएमएचओ कार्यालय, अशोक नगर चौक, साइंस कॉलेज, सरकंडा थाना बहतराई रोड़ होते हुए बहतराई स्टेडियम में इस रैली का समापन किया गया।
    दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, अध्यक्षता विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान ने किया मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और  विशिष्ट अतिथि भाजपा सांसद लखनलाल साहू, बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राजेन्द्र फड़के, छग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, छग गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर किशोर राय, दीपक साहू, सुधा वर्मा, पी. दयानंद, दीपांशु काबरा, पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज आरिफ एच. शेख उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंत्री अमर अग्रवाल कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। छात्राओं ने दी रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्राओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की थीम पर देशभक्ति गानों पर रंगारंग प्रस्तुति दी। पंथी नृत्य, भांगड़ा नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिससे पूरा स्टेडियम देशभक्ति गानों पर झूम उठा बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
    बालिकाओं ने ली आत्मरक्षा की ट्रेनिंग 
    कार्यक्रम में बालिकाओं को कानूनी अधिकार, आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग दी गई जिससे समय आने पर बालिकाएं अपनी रक्षा स्वयं कर सके।

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Posted Date : 03-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 3 जुलाई। शराब पिलाकर गैर इरादतन हत्या और छेडख़ानी के मामले में साक्ष्य को छुपाने के आरोप में सीवी रमन विवि  के अस्टिटेंट रजिस्ट्रार नीरज कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
    बीते 12 मई को लोरमी निवासी संजय साहू की लाश एक कार में शारदा विहार कॉलोनी की लाश मिली थी। पुलिस की जांच से सामने आया कि संजय साहू को उसका साथी चंदन गोंड उसके तोरवा स्थित घर से रात को 10 बजे से ले गया था। रात को करीब 1.30 बजे वह संजय साहू को लेकर उसके घर गया। कार में उसके अन्य साथी योगेश जायसवाल, दिनेश देवांगन  भी थे। 
    इस बीच संजय साहू के पिता शिवकुमार साहू ने तोरवा थाने में अपने बेटे को जबरन घर से लेकर जाने की रिपोर्ट लिखा दी थी। चंदन गोंड ने घर के भीतर घुसकर संजय की पत्नी से छेडख़ानी की कोशिश की। उसकी पत्नी ने शोर मचा दिया तो संजय को घर में छोड़े बिना ही सभी वापस लौट गए। 
    अगले दिन सुबह कार सकरी के पास मिली। यह कार नीरज कश्यप की थी। चंदन गोंड इस कार का ड्राइवर था। पुलिस ने जांच के बाद पाया कि कश्यप ने इस घटना को छुपाया है। उसने अपनी कार में युवक की लाश होने की जानकारी पुलिस को नहीं दी और अपने पास ड्राइवर के मोबाइल फोन को रख लिया। पुलिस ने कश्यप को कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। 

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Posted Date : 26-Jun-2018
  • मोबाइल पर बात कर रहा था ट्रैक्टर चालक

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 26 जून। पेन्ड्रारोड के समीप आमाडांड में आज सुबह  ट्रैक्टर ने एक स्कूल वैन को टक्कर मार दी। जिससे वैन का चालक घायल हो गया, जबकि बच्चों को कोई चोट नहीं आई। ट्रैक्टर चालक मोबाइल फोन पर बात करते  वाहन चला रहा था। 
    पुलिस के अनुसार पेन्ड्रारोड के समीप आमाडांड के बच्चों को  लेकर ग्लोरियस पब्लिक स्कूल का वैन स्कूल जा रहा था। इसी दौरान एक ट्रैक्टर ने तेजी से आकर वैन को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर चालक मोबाइल फोन पर बात भी कर रहा था। टक्कर के बाद वैन पलट गई, लेकिन उसमें सवार सभी छह बच्चे सकुशल हैं। टक्कर से वैन का चालक राहुल बघेल घायल हो गया है, जिसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। ट्रैक्टर चालक दुर्घटना स्थल पर ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। 

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Posted Date : 22-Jun-2018
  • बर्खास्त सिपाही यादव की गिरफ्तारी का विरोध
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 22 जून। पुलिस कर्मियों को आंदोलन के लिए भड़काने के आरोपी बर्खास्त आरक्षक राकेश यादव की गिरफ्तारी से नाराज होकर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रही तीन महिलाओं को आज पुलिस ने नेहरू चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। 
    ज्ञात हो कि बर्खास्त आरक्षक राकेश यादव को कल देर रात सूरजपुर के एक फॉर्म हाउस से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारी पिछले कई दिनों से उसका लोकेशन लेने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए उसकी नर्स पत्नी को भी दो दिन तक महिला थाने में लाकर बिठा लिया गया था। कल नर्सों द्वारा इसके खिलाफ आवाज उठाए जाने के बाद उन्हें छोड़ा गया था। पुलिस ने क्राइम ब्रांच की टीम को राकेश यादव की गिरफ्तारी की जवाबदारी दी थी। 
    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राकेश यादव की सूचना जैसे ही इस टीम के पहुंचती थी उसका लोकेशन बदल जाता था। इससे ऐसा प्रतीत हुआ कि राकेश यादव तक पुलिस के ही लोग सूचना दे रहे हैं। इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच के दो कांस्टेबलों को कल लाइन हाजिर भी कर दिया गया था। राकेश यादव को बिलासपुर लाया गया है, पर उसे कहां रखा गया है, इस बारे में जानकारी नहीं दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार उन्हें सीपत थाने में रखा गया है। 
    दूसरी तरफ यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पुलिस लाइन स्थित आवास से पुलिस परिवार की महिलाओं और अन्य परिजन कोन्हेर गार्डन में एकत्र होने लगे। उन्होंने नेहरू चौक में प्रदर्शन करने की योजना बनाई, पर वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद महिलाओं ने कलेक्टर, आई जी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं की संख्या तीन है और सभी पुलिस के परिवारों से हैं। 

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Posted Date : 21-Jun-2018
  • कैट के आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
    केंद्र-राज्य व एडीजी को नोटिस

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 21 जून। केन्द्रीय प्रशासनिक अभिकरण द्वारा एडीजी पवन देव के पक्ष में दिए गए आदेश पर हाईकोर्ट ने स्टे देते हुए 
    केंद्र एवं राज्य सरकार के गृह  विभाग तथा एडीजी पवन देव को नोटिस जारी किया है।
    लैंगिक प्रताडऩा के मामले से घिरे देव को इससे दोहरा झटका लगा है। दो दिन पहले ही कोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी से देव पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर 11 जुलाई से पहले शपथ-पत्र के साथ जवाब मांगा था। उक्त जानकारी पीडि़ता के अधिवक्ता सौरभ डांगी ने दी है।
    ज्ञात हो कि रेणु पिल्लई आंतरिक जांच समिति ने मुंगेली जिले की एक महिला आरक्षक की वह शिकायत सही पाई थी, जिसमें पवन देव के खिलाफ लैंगिक प्रताडऩा का आरोप सही पाया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट दिसंबर 2018 को सरकार को दे दी थी। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद सरकार को पवन देव के खिलाफ कार्रवाई करनी थी लेकिन ऐसा न कर उनको एक नई चार्ज शीट अप्रैल 2018 में जारी कर दी गई, ताकि दिसंबर 2016 की रिपोर्ट का महत्व खत्म हो जाए। यह लैंगिक उत्पीडऩ एक्ट 2013 के विरुद्ध था।
    इसके बाद एडीजी पवन देव कैट चले गए और उन्होंने अप्रैल 2018 में जारी चार्जशीट पर स्टे हासिल कर लिया। इसके खिलाफ पीडि़ता के वकील ने कोर्ट में याचिका लगाई और स्टे निरस्त करने की मांग की। पीडि़ता का पक्ष था कि यह स्थगन कैट को गुमराह करके हासिल किया गया है, जिसमें यह नहीं बताया गया है कि दिसम्बर 2018 में उनके खिलाफ आंतरिक जांच समिति ने रिपोर्ट दी है, जिस पर कार्रवाई लम्बित है। इस मामले में पीडि़ता को पक्षकार भी नहीं बनाया गया। 
    पवन देव के पक्ष में अधिकरण द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ पीडि़ता ने हाईकोर्ट में प्रकरण दायर किया था जिसे आज न्यायालय ने स्वीकार करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार से शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का आदेश पारित किया है। साथ ही आईजी पवन देव को भी नोटिस जारी किया है। 

     

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Posted Date : 20-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 20 जून। आश्रम की साध्वियों से सामूहिक दुष्कर्म का मामला पुलिस जांच में फर्जी मिला। आपसी लड़ाई का बदला लेने के लिए उन दोनों ने झूठी रिपोर्ट लिखाई थी।
    साध्वी ने चांपा के दिलचंद पटेल सहित उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले के चार अन्य के खिलाफ बलात्कार की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए पटेल को पेन्ड्रा पुलिस ने दो दिन पहले हिरासत में लिया था। जांच-पड़ताल के बाद मालूम हुआ कि आरोप झूठे हैं।  एक साध्वी हसौद स्थित आश्रम में थी, जिसने मीडिया के सामने सच उगल दिया। 
    दूसरी को पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। साध्वी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और कोर्ट में भी झूठी एफआईआर दर्ज कराने को लेकर बयान दिया है। एसपी आरिफ शेख ने इस मामले में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस की सक्रिय जांच के बाद चार दिन में ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ गया, जिसके बाद एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह व एसडीओपी अभिषेक सिंह के साथ पेंडा के थाना प्रभारी ने कथित आरोपी दिलचंद पटेल को मीडिया के सामने लाकर प्रेस कांफ्रेस कराया। 
    आरोपी दिलचंद पटेल की बेटी भी आश्रम मे साध्वी है। उसने भी उत्तरप्रदेश में सच्चिदानंद सहित अन्य के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराया है। सच्चिदानंद आश्रम के प्रमुख हैं और तपस्यानंद भी इसी आश्रम में है। दोनों के बीच आश्रम पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले मे एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह को पहले से ही शक हो गया था। दरअसल पीडि़त साध्वी शिकायत करने न तो थाने गई और न तो किसी पुलिस अफसर के पास। प्रारंभ से ही मामला शक के घेरे में था। मामला गंभीर था, इसलिए अपराध दर्ज हो गया। 
    साध्वी ने कथित आरोपी दिलचंद पर दो लाख रूपये की फिरौती देने का आरोप लगाया है। जबकि उसकी हैसियत तो छोटी रकम तक की नही है। दिलचंद ने इस मामले में ऐसे तथ्य गिनाए जिससे पुलिस को इस घटना के फर्जी होने का शक हुआ। और कड़ी पूछताछ के बाद मामले से पर्दा उठ गया।

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Posted Date : 18-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 18 जून। चांपा स्टेशन से अपहरण कर गैंगरेप करने के मामले में पेन्ड्रा पुलिस ने मुख्य आरोपी दिलचंद पटेल को पुलिस ने कल रात उसके गांव महुआडीह से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने इस मामले में अपने साथियों को उनकी हत्या की सुपारी भी दी थी। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। 
    जांजगीर-चाम्पा जिले के एक आश्रम की इन साध्वियों का मार्च माह में आरोपियों ने चाम्पा स्टेशन से अपहरण कर लिया था। बाद में पिस्तौल की नोक पर उन्हें पेंड्रा में सोन नदी के एक पुल के पास ले जाकर रात में उनसे बलात्कार किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक साध्वियों को मारने के लिए मुख्य आरोपी दिलचंद पटेल ने उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले के कल्पनाथ चौधरी, गिरजा शंकर चौधरी और श्याम चौधरी को दो लाख रुपए की सुपारी भी दी थी। इन पर गैंगरेप में भी शामिल होने का आरोप है। बाद में इन आरोपियों ने इन साध्वियों को यह चेतावनी देते हुए छोड़ दिया था कि वे मामले की किसी से शिकायत नहीं करें और छत्तीसगढ़ छोड़कर चले जाएं। जांजगीर पुलिस ने लापरवाही दिखाते हुए साध्वियों की एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद घबराई साध्वियों ने छत्तीसगढ़ छोड़ दिया और पश्चिम बंगाल के आसनसोल चली गईं। वहीं से उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को शिकायत की। मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र आने के बाद जिला पुलिस हरकत में आई और उसने एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद भी पेन्ड्रा पुलिस आरोपियों की तलाशी में मुस्तैदी नहीं दिखा रही थी। इधर कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। पेन्ड्रा पुलिस इसके बाद हरकत में आई और मुख्य आरोपी को बिर्रा (जांजगीर) पुलिस की मदद से उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। पेन्ड्रा पुलिस उसे अपने साथ ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। 

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Posted Date : 18-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 18 जून। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चार नये न्यायाधीशों को आज चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। इनमें दो महिला जज हैं, जिनमें से एक आदिवासी वर्ग से हैं। आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में पहली बार आदिवासी वर्ग की महिला जज की नियुक्ति हुई है। 
    सुबह 10.30 बजे हाईकोर्ट के कक्ष क्रमांक एक में शपथ ग्रहण समारोह रखा गया था, जिसमें सभी वर्तमान जज, बार कौंसिल और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्तागण और हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। आज शपथ लेने वाले जजों में पार्थ प्रीतम साहू बार कोटे से हैं। जस्टिस गौतम चौरडिय़ा, रजनी दुबे और विमला सिंह कपूर की न्यायिक क्षेत्र से नियुक्ति की गई है। बीते 15 जून को राष्ट्रपति ने इनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी नव नियुक्त जजों ने अपना कार्यभार संभाल लिया। 
    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अब जजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हाईकोर्ट में लम्बित मामलों की संख्या लगभग 60 हजार पहुंच चुकी है। इन्हें कम करने के लिए अवकाश के दिनों में भी कुछ कोर्ट खोले जा रहे हैं। नए जजों की नियुक्ति के बाद लम्बित मामलों में कमी आने की संभावना है।  

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Posted Date : 16-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 16 जून। चाम्पा और झारसुगुड़ा के बीच रेलवे द्वारा प्रस्तावित नवीनीकरण के कार्य के रेल लाइन ब्लॉक करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब ट्रेनों की आवाजाही 20 जून से चार जुलाई तक प्रभावित रहेगी। पहले इसकी तिथि 13 से 27 जून तय की गई थी। 
    ब्लॉक लेने के कारण बिलासपुर और टिटलागढ़ के बीच चलने वाली पैसेंजर और रायगढ़ बिलासपुर के बीच चलने वाली पैसेंजर 20 जून से 4 जुलाई तक रद्द की गई है। हैदराबाद से 21 जून को रक्सौल एक्सप्रेस नहीं पहुंचेगी तथा रक्सौल से हैदराबाद स्पेशल भी 24 जून को नहीं छूटेगी। सिंकदराबाद से दरभंगा के लिए स्पेशल ट्रेन 23 एवं 26 जून को नहीं छूटेगी। दरभंगा से यह ट्रेन 26 और 29 जून को नहीं छूटेगी। सिंकदराबाद से बरौनी स्पेशल ट्रेन 24 जून को नहीं छूटेगी तथा यही ट्रेन बरनी से सिकन्दराबाद के लिए 27 जून को नहीं छूटेगी। 
    झारसुगुड़ा, गोंदिया, टाटानगर, बिलासपुर, इतवारी, के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें 20 जून से चार जुलाई तक अपने गंतव्य से नहीं छूटकर बीच के स्टेशनों से छूटेगी और समाप्त कर दी जाएगी। निजामुद्दीन से चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस 28, 29 जून, एक, तीन और चार जुलाई को बिलासपुर में समाप्त कर दी जाएगी और यहीं से वापस निजामुद्दीन रवाना होगी। 
    23 जून से 4 जुलाई तक जनशताब्दी एक्सप्रेस रायगढ़ से आधे घंटे की देरी से रवाना होगी। हरिद्वार से छूटने वाली उत्कल एक्सप्रेस 22 जून से 3 जुलाई तक कटनी और बिलासपुर के बीच दो घंटे नियंत्रित की जाएगी। हावड़ा से कुर्ला को छूटने वाली ट्रेन 25, 27, 28 जून और एक, दो तथा चार जुलाई को झारसुगुड़ा से परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ सम्बलपुर होते हुए रायपुर पहुंचेगी। 24, 27, 28 जून और एक जुलाई को पोरबंदर हावड़ा एक्सप्रेस भी बदले हुए मार्ग से टिटलागढ़, सम्बलपुर होते हुए रवाना की जाएगी। 26, 29, 30 जून और तीन जुलाई को हावड़ा से छूटने वाली ट्रेन भी इसी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। 29 जून से 4 जुलाई के बीच हावड़ा अहमदाबाद एक्सप्रेस को झारसुगुड़ा और रायगढ़ के बीच पैसेंजर बनाकर चलाई जाएगी। दुर्ग से छूटने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस भी 23 जून से चार जुलाई तक चाम्पा और झारसुगुड़ा पैसेंजर बनाकर चलाई जाएगी। 

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Posted Date : 08-Jun-2018
  • ग्रामीणों में रोष प्रदर्शन 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 8 जून। कर्ज में डूबे बिलासपुर जिले के गौरेला के एक आदिवासी किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण पीडि़त परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 
    गौरेला क्षेत्र के ग्राम पिपरिया के किसान सुरेश सिंह मरावी (40 वर्ष) ने गुरुवार की शाम अपने ससुराल पेन्ड्रा थाना क्षेत्र के कुदरी ग्राम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 
    जानकारी मिली है कि सुरेश सिंह ने जिला सहकारी बैंक की लरकेनी शाखा से कृषि कार्य के लिए 1.20 लाख रुपए का कर्ज लिया था, जिसकी ब्याज सहित रकम 1.70 लाख रुपए पहुंच गई। पिछले तीन साल से लगातार सूखा पडऩे के कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था, जिसके चलते वह तनाव में था। अकाल के कारण इस बार भी उसकी फसल बर्बाद हो गई थी। उसे फसल बीमा की राशि नहीं मिली थी, उल्टे सहकारी बैंक ने हाल ही में उसे कर्ज पटाने के लिए नोटिस दी थी। इसके पहले भी बैंक ने कई बार उसे नोटिस देकर कर्ज पटाने के लिए दबाव बनाया था। विडंबना यह भी है कि सूखा ग्रस्त क्षेत्र के कारण उसे 13 हजार रुपए का मुआवजे का चेक मिल भी गया, जो नाकाफी तो था ही, बार-बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद उसके खाते में रकम नहीं पहुंच पाई। वह करीब एक पखवाड़े से बैंक से भटककर लौट रहा था। सुरेश की पत्नी, चार बेटियां और दो भाई उस पर आश्रित थे। गुरुवार को ही वह अपने ससुराल आया था। शाम 6 बजे एक कमरे में खुद को बंद कर उसने फांसी लगा ली। 
    घटना के बाद से ही गांव के लोगों में रोष है। बीते साल जुलाई 2017 में भी इसी इलाके के ग्राम पंडरी (मरवाही) के किसान रामलाल केवर्त ने आत्महत्या कर ली थी। आनन-फानन में जांच कर जिला प्रशासन ने यह निष्कर्ष निकाल लिया था  कि उसने बीमारी और शराब पीने की लत के कारण खुदकुशी की। सहकारी बैंक ने भी कह दिया कि हमने कर्ज चुकाने के लिए कोई नोटिस नहीं दी थी। उसने ऊंचे ब्याज पर बाजार से भी कर्ज लिया था। हालांकि परिजन बार-बार कहते रहे कि वह कर्ज नहीं चुका पाने के कारण परेशान था। 
    आज शव का पोस्टमार्टम होने के बाद दर्जनों ग्रामीणों ने पेन्ड्रा मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने चक्काजाम कर आवागमन बाधित करने की कोशिश भी की। हालांकि थाना प्रभारी सुशीला टेकाम का कहना है कि चक्का-जाम जैसी स्थिति नहीं है। कुछ ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्हें समझाइश देकर शांत किया जा रहा है। 
    दूसरी ओर अनुविभागीय दंडाधिकारी नूतन कंवर को जिला प्रशासन की ओर से आज पेन्ड्रा भेजा गया है। उनसे कलेक्टर ने जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। 

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Posted Date : 04-Jun-2018
  • पिछले वर्ष 5 बार बह चुका है  

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    उदयपुर, 4 जून। अम्बिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर उदयपुर से लगभग 17 किलोमीटर दूर शिवनगर स्थित अटेम नदी में डायवर्सन के लिए बने अस्थायी पुल के बह जाने से रविवार को रात 12 बजे से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। आवागमन हेतु छोटे वाहनों द्वारा गुमगा, कोटरबुड़ा से परसा होते हुए साल्ही मोड़ वाली वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जा रहा है। अनुविभागीय अधिकारी उदयपुर प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि डायवर्सन से आवागमन शाम तक शुरू हो जाएगा।
    मिली जानकारी के अनुसार रविवार को पहाड़ी क्षेत्रों में शाम को हुई बारिश  से अटेम नदी में रात 9 बजे के बाद पानी का बहाव तेज होने लगा था। देर रात नदी में बहाव  बढ़ा और पुल से लगभग दो फीट ऊपर बहने लगा। फिर धीरे धीरे पुल के हिस्से नदी में समाते चले गए। एकाएक पुल के बहने से सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लम्बी कतार लग गई।  आज  सुबह अनुविभागीय अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय, थाना प्रभारी युगल किशोर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित कंपनी के लोगों को अस्थायी पुल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के संबंध में निर्देशित किया। 
    ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी विगत वर्ष 2017 में चार से पांच बार पुल के बह जाने से कई दिनों तक नेशनल हाईवे बंद था। उस वक्त भी आनन-फानन में ह्यूम पाईप डालकर सड़क मार्ग को काफी मशक्कत के बाद चालू किया गया था। सड़क निर्माण में लगी कंपनी द्वारा पुल को पिछले वर्ष ही तैयार कर लेने का दावा किया गया था, परंतु कंपनी के सारे दावे फेल हो गए। 
    इस वर्ष मानसून से पहले हुई हल्की बारिश में ही डायवर्सन के बह जाने से भविष्य में अस्थायी पुल की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।  

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Posted Date : 01-Jun-2018
  • विकास यात्रा मस्तूरी में
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 1 जून। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि कांग्रेस विकास का विरोध करती रहती है लेकिन योजनाओं का फायदा लेने में नंबर वन रहती है । 60-65 साल में उसने गरीबों और मजदूरों की चिंता नहीं की और अब विकास नहीं होने का हल्ला करते हैं। यही हालत रही तो जिस तरह से 15 साल से वह विपक्ष में है, आने वाले 15 साल तक और सत्ता से बाहर रहेगी। 
    प्रदेशव्यापी विकास यात्रा के पहले चरण में आज जिले के मस्तूरी विधानसभा में कार्यक्रम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने यहां 217 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 40 करोड़ रुपए के नए कार्यों का भूमिपूजन किया। 16 हजार लोगों को आबादी पट्टा का वितरण किया गया तथा 21 हजार हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि और उपकरण दिए गए। 
    डॉ. सिंह ने कहा कि पूरी विकास यात्रा के दौरान 30 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा। किसानों को 1700 करोड़ रुपए का बोनस दिया जाएगा। कांग्रेस इसका विरोध करती । उन्होंने तंज कसा कि शायद कांग्रेसी बोनस नहीं लेंगे। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक में बोनस की राशि जमा होगी तो आप लोग पीछे रह जाएंगे और कतार में सबसे पहले कांग्रेसी ही दिखाई देंगे। उनका एक ही काम रह गया है विरोध और विरोध। इसीलिए जनता ने उसे 15 साल से विपक्ष में बिठा रखा है। 
    यही हाल रहा तो आगे और 15 साल उन्हें विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकास को बताने या दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती, महसूस करने की है, जिसे प्रदेश के लोग महसूस कर रहे हैं। 
    मुख्यमंत्री ने भीड़ से पूछा कि वे बताएं कि क्या उन्हें कांग्रेस के 60-65 साल में कभी एक रुपए में चावल मिला। क्या गरीबों और मजदूरों को विपत्ति में सहायता कांग्रेस ने कभी दी? 50 हजार रुपए तक इलाज वाला स्मार्ट कार्ड मिला? उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड से मंच में बैठे लोग और मेरे सहित प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति लाभान्वित हो रहा है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती के लिए कर्ज मिल रहा है। धान पर 300 रुपए बोनस मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किसानों को सिंचाई पम्प लगाने के लिए एक लाख रुपए का अनुदान देने की योजना फिर शुरू कर दी गई है। इसी तरह अब एक किसान के चाहे जितने मोटर पम्प हों सबको फ्लैट रेट पर बिजली दी जाएगी। 
    उन्होंने मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना और उजाला और आयुष्मान योजना का जिक्र किया। बिलासपुर जिले में उज्ज्वला योजना के तहत 1.40 लाख कनेक्शन दिए जाने के लिए उन्होंने लोगों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा का प्रदेश में 47 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव को इंटरनेट से जोडऩे के लिए 6000 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर लाइन बिछाई जाएगी, इसके लिए तीन हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। स्काई योजना के तहत बांटे जा रहे स्मार्ट फोन में सरकार की 100 से अधिक योजनाओं के एप्लिकेशन होंगे। यहां तक कि मंडी भाव का भी पता चल सकेगा। 
    कलेक्टर पी. दयानंद ने कार्यक्रम में जिले मे संचालित विभिन्न योजनाओं में उपलब्धि की जानकारी दी। जिले तथा मस्तूरी के विकास पर पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। 
    कार्यक्रम को क्षेत्र के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने भी संबोधित किया। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिले के प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर, मंत्री अमर अग्रवाल, सांसद लखन लाल साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत, जनपद और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। 

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Posted Date : 30-May-2018
  • बिलासपुर, 30 मई। अविभाजित मध्यप्रदेश के पहाड़ और जंगल लुप्त होते गिद्धों के लिए अंतिम ठिकाना बना हुआ है। उम्मीद भरी बात ये है कि यहां उनके वंश में बढ़ोतरी भी हो रही है। अचानकमार और मध्यप्रदेश के जंगलों में इसके संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का अच्छा परिणाम सामने आया है। 
     वन्य प्रेमी प्राण चड्ढा ने बताया कि हाल ही में उनके मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ में प्रवास पर उन्हें एक से अधिक प्रजाति के गिद्ध नजर आए। उसके एक माह पहले कान्हा नेशनल पार्क में ऊंचे पेड़ पर बैठे कुछ गिद्ध दिखे। इनकी संख्या और भी होगी। छतीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व के बफर जोन में औरापानी की पहाड़ी चट्टानों पर गिद्धों का बसेरा है। यहां वन विभाग मुहिम चला कर उनका संरक्षण कर रहा है। उनकी संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है।
    चड्ढा ने बताया कि सफेद गिद्ध छतीसगढ़ में काफी दिखाई दे रहे हैं। लगता है वे खतरे से उबर गए हैं और मैदानी इलाकों में उनकी दखल बनी है। 1990 के पहले देश में गिद्धों की संख्या काफी थी पर फिर उनकी संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। शोध से पता चला मवेशियों को दी जाने वाली दवाओं का दुष्परिणाम गिद्धों पर हुआ है। डिक्लोफेनाक नामक पीड़ा नाशक दवा उपयोग के बाद कोई मेवशी मरा और मुर्दाखोर गिद्धों ने दावत उड़ाई तो उनकी किडनी खराब हुई और वे भी जान गवां रहे हैं। इस दवा पर जब तक बैन लगता 95 प्रतिशत गिद्ध जान गवां चुके थे।
    उन्होंने कहा कि शहरी इलाके में पशुपालन जहां-जहां बढ़ा वहां गिद्धों का नामो-निशान मिट गया। ये तेज नजऱ और ऊंची उड़ान वाला भारी पक्षी है । इसको 37 सौ फीट ऊंचाई पर उड़ान भरते रिकार्ड किया गया है। जबकि हिमालय की ऊंचाई 29 हज़ार 29 फीट है।
    देश में अन्य स्थानों पर गिद्ध के ठिकाने खोज कर उनका संरक्षण किया जा रहा है। बांधवगढ़ के राजबेहरा में 15-20 के झुंड में गिद्ध पानी पीते और धूप में पसरे दिखे। इनमें कुछ लाल सिर वाले किंग वल्चर भी रिकॉर्ड किए गए। बांधवगढ़ में एक पहाड़ी पर इनका ठिकाना है।  चड्ढा ने कहा कि कान्हा, बांधवगढ़ और औरापानी गिद्ध की एक उड़ान की दूरी में है और इस वजह से इनमें इनब्रीडिंग की आशंका नहीं। जंगल में हिंसक जानवरों के द्वारा किए गए शिकार के अवशेष खा कर और आदमी से दूरी बना कर गिद्ध बचे रहें, ये रही उनकी दूरदृष्टि है।

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Posted Date : 29-May-2018
  • 11 माह से बिलासपुर सखी सेंटर में, अब बांग्लादेश उच्चायोग की पहल 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 29 मई। मानव-तस्करी के जरिये बांग्लादेश से भारत लाई गई 26 साल की युवती को अब उसके देश वापस जाने की अनुमति मिल गई है। युवती को देश में कई जगहों पर बार-बार बेचा गया और उसके साथ दर्जनों बार बलात्कार किया गया। नगर के कुछ सामाजिक संगठनों की मदद से बांग्लादेश हाईकमीशन ने भी उसे अपने देश लौटने की अनुमति दे दी  है और भारत सरकार ने तीन महीने के लिए उसे भारत में रूकने की अनुमति दे दी है। 
    बीते साल एक जुलाई को ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स ट्रेन से इस युवती को आरपीएफ ने बिलासपुर स्टेशन पर उतार लिया था। उसके साथ युवती को बेचने के लिए ले जा रहे तस्कर सेंदू शेख को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी ट्रेन में सफर कर रहे आरपीएफ को कांकेर में तैनात बीएसएफ के जवान एम कुमार ने जानकारी दी थी कि एक युवक बेचने के लिए युवती को जबरदस्ती अपने साथ कोलकाता की ओर ले जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी सेंदू पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के नाथपुर का रहने वाला है, जो अभी सेंट्रल जेल में बंद है। वह इस युवती को कल्याण (महाराष्ट्र) के नूरुशेख नाम के युवक से खरीद कर ला रहा था। बांग्लादेश से कलाम नाम का एक युवक काम दिलाने के बहाने भारत लेकर आया था और डेढ़ माह बाद मुम्बई में बेच दिया था। युवती को वह दिल्ली, बनारस आदि जगहों पर भी ले गया था। इन सभी जगहों पर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया। 
    लगभग 11 माह से यह युवती महिला सखी सेंटर में रखी गई है। वह अपने घर वापस जाना चाहती थी लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। दलालों ने उसका पासपोर्ट वीजा वगैरह जब्त कर लिया। पीयूसीएल से जुड़ी हाईकोर्ट अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला, ईशा खंडेलवाल, निकिता और कार्तिक ने एक टीम बनाकर युवती की मदद के लिए प्रयास शुरू किया। बड़ी मशक्कत के बाद सखी सेंटर में युवती से मुलाकात करने की अनुमति उन्हें मिली। उन्हें युवती ने अपना नाम, गांव सब बताया और कहा कि कई बार बेचे जाने के बाद उसे कोलकाता बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। 
    ट्रेन में मौका पाकर उसने सहयात्री बीएसएफ जवान से सहायता मांगी, तब उसे बिलासपुर स्टेशन पर पुलिस ने उतार लिया।
     दूसरी ओर सखी सेंटर के लोग अलग कहानी बता रहे थे और इसी बहाने अधिवक्ताओं की टीम को उससे मिलने से रोक रहे थे। सेंटर के लोग कहते रहे कि युवती अपने फायदे के लिए जान-बूझकर भारत आई है। उसका सेंदरी के मेंटल हास्पिटल में इलाज चल रहे होने की बात भी उन्होंने कही। सखी सेंटर में युवती को जघन्य अपराधी की तरह कैद में रखा जा रहा था, उसे कहीं भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा था। 
    अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जब उन्होंने मुलाकात नहीं करने देने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी, तब उन्हें मिलने दिया गया। उन्होंने बांग्लादेश हाई कमीशन से बार-बार सम्पर्क कर कहा कि वह अपने देश की युवती को वापस ले जाए और वहां अपराधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। अंतत: सोमवार को बांग्लादेश हाईकमीशन से पत्र आया है, जिसमें युवती को बांग्लादेशी होना बताया गया है। साथ ही उसके प्रामाणिक दस्तावेज भी भेजे गए हैं। 
    प्रियंका शुक्ला ने बताया कि उन्हें तीन माह और भारत में रहने की अनुमति दे दी गई है, लेकिन हम चाहेंगे कि जल्द से जल्द उसे वापस उसके देश भेज दिया जाए। हम लगातार देखेंगे कि युवती को वापस भेजने में कोई कोताही तो नहीं बरती जा रही है। 

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Posted Date : 23-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 23 मई। सरकार की विकास यात्रा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। इस याचिका की सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी। 
    चिकित्सक डॉ.अजीत आनंद डेग्वेकर ने एक याचिका दायर मांग की थी कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी विकास यात्रा पर अंतरिम रोक लगाई जाए। इस यात्रा में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अरबों रुपये के शिलान्यास और उद्घाटन के कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आतिथ्य में रखे जा रहे हैं। सरकारी खर्च से इस आयोजन का भाजपाईकरण कर दिया गया है। विकास यात्रा के दौरान मंचों पर भाजपा नेताओं को बिठाया जा रहा है और उनका स्वागत, अभिनंदन किया जा रहा है। चूंकि कुछ माह बाद छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, सरकारी खर्च से इस आयोजन में 
    भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। 
    याचिकाकर्ता ने कहा कि 12 मई से विकास यात्रा का पहला चरण जारी है जो 11 जून तक चलेगा। इस यात्रा पर अंतरिम राहत देना इसलिए भी जरूरी है कि न्यायालय की नियमित बेंच शुरू होने के पहले यात्रा का 70 फीसदी हिस्सा पूरा हो जाएगा। पहले दौर की इस यात्रा के दौरान 29 हजार 500 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और संचार क्रांति जैसी योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। भाजपा विकास यात्रा के दौरान  हर बड़ी सभा में 50 हजार से एक लाख तक की भीड़ जुटाकर  65 प्लस लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश कर रही है।  
    हाईकोर्ट में अवकाशकालीन न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने कहा कि यह मामला इस बेंच में सुने जाने लायक नहीं है। इसे नियमित बेंच में 18 जून को न्यायालय का अवकाश खत्म होने के बाद प्रस्तुत किया जाए। 

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Posted Date : 18-May-2018
  • बूथ कार्यकर्ताओं से  राहुल ने कहा- आज कांग्रेस और छत्तीसगढ़ को ही नहीं देश को आपकी जरूरत 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 18 मई।   कांग्रेस  अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी उम्मीदवारों के नाम 15 अगस्त तक तय कर दिया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि सिर्फ कांग्रेस और छत्तीसगढ़ के लिए नहीं बल्कि आरएसएस और भाजपा द्वारा पैदा किए गए भय के माहौल से बचाने के लिए देश को आपकी जरूरत है। 
    बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में 24 विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से परिसंवाद करते हुए राहुल गांधी ने यह बात कही। कार्यकर्ताओं ने कहा था कि देर से टिकट तय होने के कारण हमें प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। 
     उन्होंने कहा कि पूरे देश में माहौल बिगड़ा हुआ है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, किसानों, छोटे व्यवसायी और युवाओं पर आक्रमण किया जा रहा है। जहां पर भी भाजपा सरकार है लोगों को डराने का काम किया जा रहा है। उत्तरप्रदेश में भाजपा का विधायक रेप केस में फंस जाता है, पर प्रधानमंत्री उस पर कुछ नहीं बोलते। प्रधानमंत्री देश को दिशा देते हैं। देश को रास्ता दिखाते हैं, पर वे चुप हैं। वे रोहित वेमुला मामले पर, दलितों को हिंसा कर मार डालने के मामलों में चुप रहते हैं। कांग्रेस की सरकार आएगी तो दलित युवा अत्याचार जैसे मामलों में कानून तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
    मरवाही से आए युवाओं द्वारा जल-जंगल-जमीन पर उठाए गए सवालों के जवाब में राहुल ने कहा कि पूरे देश में उद्योगपतियों के लिए गरीबों, आदिवासियों, किसानों की जमीन छीनी जा रही है। जंगल-जमीन-पानी पर आदिवासियों और किसानों का हक है। इसके लिए हमने भू-अधिग्रहण, पेसा कानून इत्यादि लाया है। इस कानून को हमारी सरकार आने पर सख्ती से लागू किया जाएगा।  जांजगीर, तखतपुर आदि के कार्यकर्ताओं ने युवा नेतृत्व को महत्व नहीं मिलने को लेकर सवाल किए। राहुल गांधी ने कहा कि हमने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोडऩे का निर्देश दिया है। महत्व एक कदम का रास्ता नहीं है। आपको अपनी जगह बनाने के लिए लडऩा पड़ेगा। जनता के पास जाना पड़ेगा, उनकी समस्याओं को उठाना पड़ेगा। देश का युवा ही कांग्रेस को ताकत देता है। वे कांग्रेस पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। 
    कुछ और सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि कार्यकर्ताओं से लेती है तो उसे देती भी है। चुनाव के बाद भूलने वाली बात नहीं है। जब हमारी सरकार आएगी तो उसमें आपकी जगह तय रहेगी। हम शक्ति कार्यक्रम चालू कर रहे हैं। इससे मुझसे कार्यकर्ता वन टू वन बात कर सकेंगे। आप खून बहाकर लाठियां खाकर कांग्रेस के लिए काम करते हैं, आप सांसद विधायक और मंत्री से भी महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस आपकी शक्ति से ही खड़ी है। 

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Posted Date : 14-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 14 मई। अंतागढ़ विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी के मामले पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस प्रकरण की चुनाव आयोग से जांच पर जोर दिया गया। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। 
    आरटीआई कार्यकर्ता राकेश चौबे ने अंतागढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार समेत 9 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन वापस लिए जाने पर चुनाव आयोग से जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की। 

    उन्होंने बताया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है और यह बात सामने भी आई है। लेकिन इसकी जांच चुनाव आयोग द्वारा अब तक नहीं करायी गई। जबकि आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी है। इस प्रकरण पर सरकार की तरफ से महाधिवक्ता जे के गिल्डा ने पैरवी की। दोनों का पक्ष सुनने के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल ने आदेश सुरक्षित रखा है।

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Posted Date : 13-May-2018

  • सभा में नाच-गाने का हवाला दिया

    कांग्रेस ने जग्गी कांड की याद दिलाते अमित पर एफआईआर की मांग की 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 13 मई। राहुल गांधी और अजीत जोगी की सभा के पहले दोनों दलों के बीच एक दूसरे पर हमला और तेज हो गया है। मरवाही विधायक अमित जोगी द्वारा राहुल की सभा के बाद 13वीं क्रब्र और खुद जाने की बात पर कांग्रेस ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं इसाई और मुस्लिम समाज ने कब्रिस्तान में नाच-गाने की आशंका को देखते हुए कोटमी में सभा के लिए दी गई अनुमति रद्द करने की मांग की है।  
    पेण्ड्रा-कोटमी में 17 मई को प्रस्तावित राहुल गांधी की सभा को लेकर मरवाही विधायक अमित जोगी के एक बयान ने तूल पकड़ लिया है। राहुल की सभा के लिये कोटमी के हाईस्कूल मैदान के साथ-साथ उससे लगी हुई जो भूमि आरक्षित कराई गई है उसे कब्रिस्तान बताया जा रहा है जहां पर 12 कब्र हैं। इसे लेकर अमित जोगी ने बयान दिया था कि कांग्रेस का अब अंतिम समय चल रहा है इसलिए यहां राहुल की सभा के बाद 13वीं कब्र भी खुद जाएगी। अपने ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा है कि अमित जोगी की पूर्व की गतिविधियां आपराधिक रही है। सन् 2003 में हुए जग्गी हत्याकांड के सिलसिले में इन्हें जेल भी जाना पड़ा। ऐसे आपराधिक व्यक्ति के बयान से कांग्रेस  कार्यकर्ता अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। 
    बयान से भड़के मरवाही, पेण्ड्रा एवं गौरेला ब्लाक के कांग्रेस अध्यक्ष मनोज गुप्ता, प्रशांत श्रीवास, अमोल पाठक व अन्य कांग्रेसियों ने थाने में शिकायत पत्र सौंपकर कहा है कि अमित जोगी द्वारा दिये गए 13वें कब्र की बयान से कांग्रेसी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 
    दूसरी ओर मसीही एवं मुस्लिम समाज द्वारा भी थाने में शिकायत की गई है। शिकायत पत्र में लिखा गया है कि कोटमी के अल्पसंख्यक समुदायों का कब्रिस्तान कोटमी हाईस्कूल के पास है।  इस कब्रिस्तान में वे अपने बुजुर्गों को सुपुर्द ए खाक एवं दफनाते आ रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से कब्रिस्तान में या उसके पास राजनीतिक सभा एवं नाचा पार्टी का मनोरंजक कार्यक्रम कराया जाना घोर आपत्तिजनक है। सभा की तैयारी के लिये कब्रिस्तान में जेसीबी मशीन एवं अन्य भारी वाहनों को घुसाने से उनके पूर्वजों के कब्रों को खतरा है। उनके धर्म के अनुसार कब्र में पवित्र रूह आराम करती है। ऐसे कार्यक्रमों से उनकी धार्मिक भावनाओं को गंभीर आघात लगेगा इसलिये यहां किसी भी कार्यक्रम की मंजूरी प्रशासन द्वारा नहीं दी जाए। इससे बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की जवाबदारी सरकार की होगी। शिकायत पत्र देने वालों में छ.ग. डायोसिस धर्मप्रांत के प्रांतीय सचिव डा.अतुल आर्थर, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जुबेर अहमद, पुष्पेन्द्र राबिंसन, आफाज नियाजी, प्रवीण तिमोथी इत्यादि शामिल हैं। 
    इधर विधायक अमित जोगी ने अपने विरुद्व थाने में की गई शिकायत पर कहा कि अप्रासंगिक पार्टी के कुछ पदाधिकारी 13वीं कब्र वाली मेरी बात को लेकर इतने व्याकुल हो उठे कि अपने राष्ट्रीय नेता के स्वागत की तैयारी छोड़कर अचानक मेरे खिलाफ रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंच गए। उन नेताओं के मंसूबे कोटमी के कब्रिस्तान में दफन होने वाले हैं, जिनके 13-13 लोग मुख्यमंत्री बनने का मंसूबा रख रहे हैं। 

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