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Date : 22-Jan-2020

सीएए प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर समर्थन में नारा, 19 भाजपाई गिरफ्तार, मुचलके पर रिहा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 जनवरी।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में किये जा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर समर्थन में नारा लगाने वाले 19 भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कल रात गिरफ्तार करते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और बाद में मुचलके पर रिहा किया।

सीएए, एनआरसी  और एनआरपी के खिलाफ हम भारत के लोग संगठन की ओर से बीते कुछ दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते दो दिनों से इससे जुड़े लोग अरपा नदी के किनारे बने रिवर व्यू पर शाम के समय प्रदर्शन करते आ रहे हैं। कल शाम इसी दौरान वहां आरएसएस से जुड़े भाजपा नेता डॉ. मनीष राय अपने साथियों को लेकर वहां पहुंचे तथा भारत माता की जय, वंदे मातरम् आदि नारे लगाने लगे। कुछ देर में वहां बैठकर वे हनुमान चालीसा भी पढऩे लगे। वहां सीएए के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन सीएए समर्थकों का  प्रदर्शन जारी रहा। इसकी सूचना तब सिटी कोतवाली में दी गई। पुलिस ने डॉ. राय सहित 19 प्रदर्शनकारियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और देर रात उन्हें थाने से छोड़ा गया। 


Date : 22-Jan-2020

राज्य प्रशासनिक सेवा में बिलासपुर से 4 टॉप टेन में, पीएससी में तीसरा रैंक हासिल करने वाली महेश्वरी तिवारी ने  कहा-अनुशासन-मार्गदर्शन से सफलता

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 22 जनवरी। राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सन् 2018 के नतीजों में शहर के चार लोगों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाया है। इसके अलावा 100 से अधिक परीक्षार्थियों ने अच्छे अंक हासिल किये हैं।

छत्तीसगढ़ पीएससी की टॉपर अनिता सोनी ने भी बिलासपुर में रहकर पढ़ाई की है, जो इस समय रायपुर में पदस्थ हैं। बिलासपुर की महेश्वरी तिवारी ने तीसरा तथा राहुल शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया है। शहर की मृणमयी शुक्ला ने छठवां स्थान अर्जित किया है। शहर की पूर्वा गुप्ता ने 11वां, गरिमा दादर ने 13वां, प्रशांत देवांगन ने 19वां, शोभा ठाकुर ने 24वां, शोभा सिंह ने 24वां, रागिनी नायक ने 105वां, मनीष पटेल ने 116वां तथा दीक्षा साहू ने 129वां रैंक हासिल कर परीक्षा उत्तीर्ण की है।

पीएससी में तीसरा रैंक हासिल करने वाली महेश्वरी तिवारी ने परीक्षा की तैयारी बिलासपुर में ही रहकर की। उनका कहना है कि कोचिंग सेंटर, अध्यापकों और साथियों के मार्गदर्शन से उन्होंने यह सफलता हासिल की। उनके पिता गीताराम तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। चौथे स्थान पर आई मृणमयी शुक्ला इस समय सहायक लोक लेखा के पद पर जिला कोषागार में पदस्थ हैं। उनके पिता हरवंश शुक्ला सीएसईबी में सुपरवाइजर हैं। उन्होंने बताया कि अनुशासित तरीके से समय का प्रबंधन करके उन्होंने तैयारी की, जिसके चलते उन्हें यह सफलता मिली।


Date : 22-Jan-2020

सीएए विरोध में कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर समर्थन में नारा, 19 गिरफ्तार, मुचलके पर रिहा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 जनवरी।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में किये जा रहे प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर समर्थन में नारा लगाने वाले 19 भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कल रात गिरफ्तार करते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और बाद में मुचलके पर रिहा किया।

सीएए, एनआरसी  और एनआरपी के खिलाफ हम भारत के लोग संगठन की ओर से बीते कुछ दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते दो दिनों से इससे जुड़े लोग अरपा नदी के किनारे बने रिवर व्यू पर शाम के समय प्रदर्शन करते आ रहे हैं। कल शाम इसी दौरान वहां आरएसएस से जुड़े भाजपा नेता डॉ. मनीष राय अपने साथियों को लेकर वहां पहुंचे तथा भारत माता की जय, वंदे मातरम् आदि नारे लगाने लगे। कुछ देर में वहां बैठकर वे हनुमान चालीसा भी पढऩे लगे। वहां सीएए के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन सीएए समर्थकों का  प्रदर्शन जारी रहा। इसकी सूचना तब सिटी कोतवाली में दी गई। पुलिस ने डॉ. राय सहित 19 प्रदर्शनकारियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और देर रात उन्हें थाने से छोड़ा गया। 


Date : 22-Jan-2020

सेन्ट्रल विवि छात्र परिषद चुनाव की नई तारीख घोषित, कल ही स्थगित करने की हुई थी घोषणा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 22 जनवरी। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ परिषद् के चुनाव की नई तारीख घोषित कर दी है। कल ही चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी गई थी, जिसके बाद छात्रों ने भारी आक्रोश प्रदर्शित करते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था और विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला फूंका था। नये कार्यक्रम में तारीख एक सप्ताह आगे बढ़ा दी गई है। कल 23 जनवरी से नामांकन पत्र जारी किये जाएंगे।

केन्द्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ परिषद् के चुनाव की प्रक्रिया 15 जनवरी को शुरू की गई थी, जिसके अनुसार 24 जनवरी को मतदान होना था और 25 जनवरी को परिणाम घोषित किये जाने थे। अचानक कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव स्थगित कर दिया। इसके विरोध में चुनाव लड़ रहे पैनल के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा कर दिया।

छात्रों का आक्रोश इसलिये भी बढ़ा क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से मिलने से इंकार कर दिया था। पुलिस हस्तक्षेप के बाद चुनाव अधिकारी की ओर से सूचना दी गई गई कि वितरित नामांकन पत्रों की संख्या में गड़बड़ी पाये जाने के कारण चुनाव स्थगित किया गया है। नया कार्यक्रम शीघ्र ही जारी किया जाएगा।

छात्रों के जबरदस्त विरोध के बीच 22 जनवरी की सुबह ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने नया चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया। इसके अनुसार 23 जनवरी से नामांकन पत्रों का वितरण होगा। 24 जनवरी को नामांकन जाम किये जायेंगे। पात्र उम्मीदवारों की सूची 27 जनवरी को जारी की जायेगी। नाम वापसी का अवसर 28 जनवरी को दिया जायेगा, जिसके बाद इसी दिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जायेगी। मतदान तथा गिनती और परिणामों की घोषणा 31 जनवरी को की जायेगी। इसके अगले दिन कार्यकारिणी का चुनाव होगा। 


Date : 22-Jan-2020

हंगामे के लिए हाईकोर्ट से दुर्ग अधिवक्ता संघ ने माफी मांगी, डीबी ने मांगा शपथ-पत्र-सुनवाई जारी रहेगी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 जनवरी।
जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में अपने अशोभनीय और अतिरेकपूर्ण व्यवहार के लिए जिला अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट से माफी मांग ली है। हाईकोर्ट ने अधिवक्ता संघ से कहा है कि वे अपनी इस सद्भावना को शपथ-पत्र के साथ पेश करें। मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी।

मालूम हो कि जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के पुराने भवन में सुधार कार्य के लिए कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किये जाने की कार्रवाई का जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग द्वारा बीते कुछ दिनों से विरोध किया गया था। इस दौरान आंदोलनकारियों के अशोभनीय एवं अतिरेकपूर्ण विरोध के सम्बन्ध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग की ओर से छत्तीसगढ़ उच्च-न्यायालय को पत्र द्वारा जानकारी दी। पत्र पर हाईकोर्ट ने 17 जनवरी 2020 को पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किया कि वह कोर्ट परिसर में विधि का शासन कायम रहे यह सुनिश्चित करें। कोर्ट ने दुर्ग के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे दुर्ग जिले में न्यायालयों के संचालन में निर्बाध रूप से पर्याप्त तथा प्रभावी पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए। आदेश में कहा गया कि न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा इच्छुक अधिवक्ताओं, साक्षियों तथा न्यायालय में आने वाले पक्षकारों को पर्याप्त तथा प्रभावी सुरक्षा दी जाये। यदि कोई कानून हाथ में लेता है तथा संज्ञेय अपराध कारित करता है तथा इसकी सूचना दी गई तो पुलिस एफआईआर दर्ज करे तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उद्घोषित विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई करे।

मंगलवार को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दुर्ग अधिवक्ता संघ की ओर से उपस्थित अधिवक्ता संदीप दुबे ने हाईकोर्ट से बिना शर्त क्षमा याचना की और आंदोलन के दौरान हुई घटना के लिए खेद प्रकट किया। उन्होंने बताया कि दुर्ग अधिवक्ता संघ ने आंदोलन को वापस ले लिया है। दुर्ग अधिवक्ता संघ न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। दुर्ग न्यायालय में कार्रवाई सुचारू रूप से चल रही है और ऐसे घटना की पुनरावृत्ति दुबारा नहीं होगी।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी.आर रामचंद्र मेनन एवं पार्थ प्रतीम साहू की युगल पीठ ने दुर्ग अधिवक्ता संघ और उनके सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे अपनी सद्भावना को प्रदर्शित करने के लिए शपथ पत्र प्रस्तुत करें। अगली सुनवाई 28 जनवरी को रखी गई है।

 


Date : 22-Jan-2020

पं. सुंदरलाल शर्मा ने अछूतोद्धार का काम गांधी से पहले ही शुरू कर दिया था- बघेल 

मुक्त विवि के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 22 जनवरी ।
छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उईके ने कहा कि वर्तमान और भविष्य में होने वाले सामाजिक बदलाव और परिस्थितियों की चुनौती को ध्यान में रखकर शिक्षा के मापदण्ड बनाने की आवश्यकता है। ऐसा करके ही हम श्रेष्ठ बने रह सकते हैं। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज देश में मंदी का दौर है और रोजगार के अवसर की कमी हो रही है। ऐसे समय में ग्राम स्वराज की दिशा में चलकर आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पं. सुन्दरलाल शर्मा एक बड़े समाज सुधारक थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ में अछूतोद्धार का काम महात्मा गांधी से पहले शुरू कर दिया था। 

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों की परीक्षाओं में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 48 स्वर्ण पदक सहित उपाधियां प्रदान की गई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति उइके ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण अंचल के निवासियों की भाषा, संस्कृति, सामाजिक संरचना तथा पर्यावरणीय ज्ञान पर अनुसंधान किया जाये तो कई ऐसे तथ्य सामने आएंगे, जो हमारे समाज को और अधिक बेहतर बनाने में सहायक होंगे। इस विश्वविद्यालय द्वारा दूरस्थ अंचलों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोडऩे का जो प्रयास किया जा रहा है, वो सराहनीय है। यह विश्वविद्यालय महिला अध्ययन केन्द्रों की स्थापना कर महिलाओं को सशक्त बनाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह भी एक अच्छा प्रयास है। विश्वविद्यालय के अकादमिक स्तर, पाठ्यक्रम में लगातार सुधार, पुस्तकों का प्रकाशन, नियमित समय पर परीक्षाएं आयोजित कर परिणामों की घोषणा एवं डिग्रीयों को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपाजिट्री में ऑनलाईन अपलोड करने तथा आवश्यकताओं के अनुरूप तीव्र गति से आधारभूत ढांचा विकसित करने के प्रयास किये गये हैं। पर्यावरण की दृष्टि से भी सोलर सिस्टम और जल संग्रहण के लिये तालाब का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जो छात्र-छात्रायें अपने महाविद्यालय की नियमित पढ़ाई छोड़ जाते हैं यह विश्वविद्यालय उन्हें पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल करने का अवसर दे रहा है। पंडित सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ के लेखक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व समाज सुधारक थे। आजादी की लड़ाई के समय अछूत उद्धार का कार्य छत्तीसगढ़ में उन्होंने महात्मा गांधी से भी पहले शुरू कर दिया था।  उनके नाम पर यह विश्वविद्यालय रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन-संग्राम में विजयी हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पर्यावरण की चिंता सबको है। पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत जंगल है। यह देश का 12 प्रतिशत हिस्सा है। पूरे देश को ऑक्सीजन देने का काम हमारा राज्य कर रहा है। इस योगदान का आकलन राष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिये। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना से अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। रोजगार मिलेगा और पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के किसान खेतों में पैरा जलाने के बजाय गौठानों के लिये पैरा दान कर रहे हैं, जिससे पशुओं को चारा मिलेगा और दूध उत्पादन भी बढ़ेगा।

समारोह में दीक्षांत भाषण पद्म भूषण चंडी प्रसाद भट्ट ने दिया। उन्होंने आग्रह किया कि छात्र-छात्राएं अपने परिवेश व प्रकृति को समझ सकें, इसके लिये पर्यावरण को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये और इसके लिये अलग से अंक दिये जायें। छात्र, पेयजल, मार्ग, विद्यालय, चिकित्सालय, खाद्य आपूर्ति, बिजली आदि सुविधाओं का अध्ययन करें। उनके उपयोग एवं दुरूपयोग, प्रबंधन तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर स्थानीय लोगों से परिचर्चा, उनकी कमियों एवं अच्छाईयों पर विचार-विमर्श करें।

समारोह में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वंश गोपाल सिंह और आभार प्रदर्शन कुलसचिव इंदु अनंत ने दिया।इस अवसर पर संभाग आयुक्त बी.एल.बंजारे, आईजी श्री प्रदीप गुप्ता, कलेक्टर डॉ.संजय अलंग, पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल, अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद, विद्या परिषद के सदस्य, अध्ययन मंडलों के अध्यक्ष, प्राचार्य, प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के भव्य प्रवेश द्वार का लोकार्पण भी राज्यपाल उइके द्वारा किया गया।

 


Date : 21-Jan-2020

ट्रक ड्राइवरों से लूटपाट, 4 युवक बंदी, एक फरार, पुलिस टीम को एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 21 जनवरी।
भोजपुरी ट्रक प्लाजा के आगे ट्रक खड़ी कर खाना खा रहे ड्राइवर, हेल्परों से रविवार की रात चाकू की नोंक पर लूटपाट करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इनका एक साथी फरार है। ये रायपुर नेशनल हाईवे में होने वाली लूटपाट की कई घटनाओं में शामिल हैं। पुलिस ने इन पर डकैती का अपराध दर्ज किया है। 

रविवार रात 10.30 बजे महाराष्ट्र के चिमुर से कोयला लोड करके निकली ट्रक एमएच 36एए 1565 के ड्राइवर गुरुदेव, नागेश्वर और हेल्पर हिर्री थाने के भोजपुरी टोल प्लाजा में रुके। वहां किनारे ट्रक खड़ी करके भीतर ही खाना खा रहे थे। इसी बीच बिना नंबर की एक होन्डा शाइन बाइक से पांच लड़के एक साथ पहुंचे, जिनकी उम्र 19 से 22 साल के बीच थी। इनमें से तीन चाकू से लैस थे। वे दोनों तरफ दरवाजे से भीतर घुस गये। उन्होंने तीनों को चाकू अड़ा दिया। आरोपियों ने हमला करने की धमकी देकर आठ हजार रुपये नगद और मोबाइल फोन छीन लिये। उन्होंने ट्रक की चाबी और व्हील पाना को भी अपने कब्जे में ले लिया और फरार हो गये। ट्रक वालों ने इनका पीछा किया और टोल टैक्स ऑफिस के पास खड़ी हेल्पलाइन पुलिस 112 को इस घटना की जानकारी दी।

 पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और आसपास की पेट्रोलिंग टीमों को खबर की और तलाश शुरू की। हिर्री थाने में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल, एएसपी ग्रामीण ओपी शर्मा व संजय ध्रुव, एसडीओपी सुरजन सिंह भी सक्रिय हुए। पुलिस की दो पेट्रोलिंग टीम आरोपियों की तलाश में लग गई। कुछ ही देर बाद भवानी ढाबे पर चार युवकों को पकड़ लिया गया। उनसे लूटी गई रकम 6000  रुपये, 12 हजार रुपये के दो मोबाइल फोन, ट्रक की चाबी, ट्रक का व्हील पाना, दो धारदार चाकू व बिना नंबर की हीरो होन्डा शाइन बाइक बरामद कर ली गई। बाइक के भीतर छिपाया गया एक नम्बर प्लेट भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विक्की जांगड़े(मेहता नगर, भाटापारा), आगरदास बघेल (बारगांव, सरगांव), असकरण दास पात्रे (खोखली, भाटापारा) व भोला मारकंडे (बारगांव, सरगांव) हैं। इनका एक साथी राहुल कुर्रे फरार है। 

पुलिस पूछताछ से पता चला कि ये आरोपी आये दिन नेशनल हाइवे के किनारे खड़ी बाहरी गाडिय़ों को देख-परखकर निशाना बनाते हैं और मारपीट तथा लूटपाट करते हैं। बाहरी होने के कारण कई लोग रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराते। आरोपियों ने 24 दिसम्बर की रात नारायणपुर की ट्रक सीजी 17 एफ 4377 के ड्राइवर सुनील उसेंडी को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल किया था और उससे दो मोबाइल तथा 16 हजार रुपये नगद छीन लिये थे। गिरफ्तार आरोपियों को शिनाख्ती परेड के बाद आज न्यायालय में पेश किया गया। 

आरोपियों को पकडऩे में सक्रियता के लिए पुलिस अधीक्षक ने हिर्री थाने के उप निरीक्षक बी.आर.धीरहे, आरक्षक संजय विश्वास तथा डायर 112 के आरक्षक आशीष कुर्रे, शत्रुहन कौशिक व चालक रामेश्वर यादव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। 


Date : 21-Jan-2020

चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने माता और कोरबा के डॉ. नीतिश भट्ट ने पिता का देहदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण दिया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 21 जनवरी।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन और कोरबा के डॉ. नीतिश भट्ट ने मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण दिया है। डॉ. महाजन ने अपनी माता तथा डॉ. भट्ट ने अपने पिता का देह मेडिकल छात्रों के अध्ययन के लिए दान कर दिया है। 

डॉ. महाजन की माता अजरा महाजन का 89 वर्ष की आयु में सोमवार को अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। मौत के बाद परिवार के लोगों में विचार-विमर्श हुआ कि अब माता की देह को उनकी इच्छा के अनुसार दान कर दिया जाये या फिर पारम्परिक तरीके दाह संस्कार कर दिया जाये। डॉ. महाजन ने निर्णय लिया कि मां की इच्छा को पूरी करते हुए देह दान किया जाये। उन्होंने सिम्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ए.के पात्रा से सम्पर्क कर मां के देह दान की इच्छा जताई। मेडिकल कॉलेज में तैयारी पूरी की गई, इधर अंतिम संस्कार के पूर्व की जाने वाली सारी प्रक्रिया डॉ. महाजन के परिवार ने पूरी करने के बाद देह को सिम्स के एनॉटामी विभाग में दान कर दिया। 

कोरबा में रविवार को मध्यप्रदेश शासन के समय वन संरक्षक रहे गोविन्द राव भट्ट का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मृत्यु पूर्व देहदान की इच्छा परिजनों को बता दी थी। उनके पुत्र डॉ. नितीश भट्ट सोमवार को शव के साथ बिलासपुर पहुंचे और उन्होंने भी पिता की देह दान कर दी। 

दोनों चिकित्सकों ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई में मानव शरीर का अध्ययन करने के लिए देह की भारी कमी है। इस देह दान से छात्रों को सहूलियत होगी और वे एक काबिल डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। 


Date : 21-Jan-2020

बिलासपुर की 17 साल की किशोरी सुसाइडल नोट छोड़कर घर से गायब हुई, कुछ घंटों में रेलवे स्टेशन में ढूंढ निकाला पुलिस ने 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 20 जनवरी
। बिलासपुर की एक 17 साल की किशोरी एक सुसाइडल नोट छोड़कर घर से गायब हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने के कुछ घंटों के बाद उसे रेलवे स्टेशन में ढूंढ लिया। वह वहां कोरबा से आ रहे अपने एक दोस्त का इंतजार कर रही थी। 

कोतवाली थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि रविवार को यह किशोरी घर में एक पत्र छोड़कर गई थी, जिसमें उसने लिखा था कि वह आत्महत्या करने जा रही है कोई उसकी तलाश न करें। पत्र को देखते ही परिवार में हड़कम्प मच गया। उसकी तलाश रिश्तेदारों, सहेलियों और शहर के कई अलग-अलग स्थानों पर की गई पर वह नहीं मिली। अगले दिन सोमवार को परिजन कोतवाली पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसकी खोजबीन पुलिस ने शुरू की। रेलवे पार्किंग में उसकी स्कूटर खड़ी मिली। पुलिस ने लड़की के कुछ सहेलियों की मदद से उसे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए उसे ढूंढ निकाला। लड़की ने बताया कि कोरबा से उसका एक दोस्त आ रहा था, जिसका वह इंतजार कर रही थीं। लड़की के बरामद होने पर परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। 
 


Date : 21-Jan-2020

पैसे दुगुने करने का झांसा देकर महिलाओं से आठ लाख ठगे, फेरीवाला मुंगेली से बंदी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 21 जनवरी
। फेरी लगाकर रेडिमेड कपड़े बेचने वाले ने अपने ग्राहक महिलाओं को झांसा दिया कि उनके रुपये तीन माह में दुगने हो जाएंगे। महिलाओं ने उसके झांसे में आकर सात लाख 44 हजार गंवा दिये। आरोपी को काफी खोजबीन के बाद मुंगेली जिले के एक गांव से गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। 

ग्राम कुली, सीपत निवासी आरोपी रामनारायण वस्त्रकार पिक-अप में रेडिमेड कपड़े लेकर बिक्री के लिए घूमा करता था। 18 अक्टूबर 2019 को खम्हरिया की विनीता पांडेय ने सीपत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 अप्रैल 2019 को वह गांव पहुंचा। विनीता से उसकी जान-पहचान फेरी लगाने की वजह से हो गई थी। उसने इसी पहचान का हवाला देते हुए झांसा दिया कि वह तीन माह में रुपये दुगना करके देता है। विनीता ने अपने घर के जेवर 50 हजार रुपये में गिरवी रखे और आरोपी रामनारायण को नगद रकम सौंप दी। यह बात उसने अपनी सास चंद्रिका बाई, मां नान्ही दैया, बड़ी बहन सुनीता तिवारी और सहेली सविता महंत को भी बताई। इन सबने और कुछ अन्य रिश्तेदार भी आरोपी रामनारायण के झांसे में आ गये और इन सबने कुल सात लाख 44 हजार रुपये इस भरोसे में उसे सौंप दिया कि उनकी रकम तीन माह में दुगने हो जाएंगे।

पीडि़तों ने जब पैसे की मांग की तो आरोपी उन्हें टालने लगा। प्रार्थी विनीता पांडेय ने पुलिस अधीक्षक के पास इस धोखाधड़ी की शिकायत की। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने सीपत थाना प्रभारी को अपराध कायम करने का निर्देश दिया। आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज किया गया। 

आरोपी को अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली तो वह परिवार सहित घर छोडक़र फरार हो गया। सीपत थाना प्रभारी एस. पी. चतुर्वेदी व विवेचक उप निरीक्षक सीएस नेताम लगातार आरोपी की खोज में लगे थे। बीते 10 जनवरी को उसे मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाने के झरियापुर गांव में पकड़ लिया गया। उसे गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट बिलासपुर में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। 

 


Date : 21-Jan-2020

3 लाख रिश्वत मांगने के आरोप से घिरी महिला एसआई लाइन अटैच 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 21 जनवरी।
आत्महत्या के लिए सास को उकसाने की आरोपी महिला से रिश्वत मांगने के आरोप से घिरी सरकंडा थाने की सब-इंस्पेक्टर गायत्री सिन्हा को पुलिस अधीक्षक ने लाइन अटैच कर दिया है। 

सिन्हा पर आरोप है कि उसने तीन मीडियाकर्मियों के साथ मिलकर ललिता कौशिक नाम की महिला से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर दी थी, जिसके अगले दिन सिन्हा ने उसे अपनी सास को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। ललिता की सास बेगम कौशिक ने 6 माह पहले आत्महत्या की थी। कोर्ट से शिकायतकर्ता महिला को जेल भेज दिया गया है। 

इस बीच पुलिस हेडक्वार्टर से मामले की पूछताछ के बाद शिकायत की जांच शुरू की गई। ललिता के पिता और अन्य रिश्तेदारों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि ललिता से रिश्वत की मांग की गई थी। पुलिस ने कथित मीडियाकर्मी रविन्द्र विश्वकर्मा और दो अन्य लोगों से भी पूछताछ कर ली है। शिकायतकर्ता ललिता कौशिक से जेल में पूछताछ की जा रही है। 

 


Date : 20-Jan-2020

रिश्वत मांगने में महिला एसआई और मीडियाकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू, शिकायतकर्ता महिला जेल दाखिल, सास को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 20 जनवरी। सरकंडा थाने की महिला सब इंस्पेक्टर और दो मीडिया कर्मियों के खिलाफ की गई शिकायत की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इनके खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला सास को आत्महत्या के लिए बाध्य करने के आरोप में जेल भेजा जा चुकी है।

कोतवाली के सीएसपी नरेश बरैया को पुलिस अधीक्षक ने जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने शिकायतकर्ता महिला ललिता कौशिक के पिता रामाधीन कौशिक व तीन अन्य लोगों का बयान रविवार को दर्ज किया। रामाधीन ने बताया कि  उनकी बेटी ललिता ने उसे 12 जनवरी को बताया कि सब-इंस्पेक्टर गायत्री सिन्हा ने फोन करके सरकंडा थाने बुलाया। वहां तीन पत्रकार रविन्द्र विश्वकर्मा, अखिलेश डहरिया और संतोष साहू भी बैठे थे। ललिता के पिता रामाधार तीन अन्य लोगों के साथ थाने पहुंचे और सब-इंस्पेक्टर से बेटी को थाना बुलाने का कारण पूछा। सिन्हा ने बताया कि उसके खिलाफ सास को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में जुर्म दर्ज कर जेल भेजा जाना है। जेल जाने से बचना है तो तीन लाख रुपये की व्यवस्था करना होगा। उन्होंने कहा कि इनमें से एक लाख रुपये सिन्हा मैडम को और दो लाख रुपये इन कथित मीडिया कर्मियों को दिया जायेगा। रामाधीन ने बताया कि उसने सिन्हा मैडम और मीडिया कर्मियों के हाथ-पैर जोडक़र रहम मांगी लेकिन वे नहीं माने, तब वे अगले दिन पैसे की व्यवस्था करने का बहाना करके लौट आये।

अगले दिन ललिता कौशिक ने पुलिस अधीक्षक से इस बात की शिकायत की। शिकायत पर जांच का कोई आदेश जारी होने से पहले ही शिकायत करने के दूसरे दिन ललिता कौशिक को सास बेगम कौशिक की आत्महत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

रिश्वत का आरोप लगने के बावजूद पुलिस अधिकारी व अन्य लोगों पर कोई कार्रवाई न होने और शिकायतकर्ता को ही जेल भेज देने के मामले में जब पुलिस की किरकिरी हुई तो सब-इंस्पेक्टर द्वारा रिश्वत मांगने की भी जांच शुरू हुई। यह भी जानकारी सामने आई कि डीजीपी डीएम अवस्थी ने खुद इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस को जांच का निर्देश दिया था।

मामले में दिलचस्प पहलू यह है कि आरोपी ललिता कौशिक की सास बेगम कौशिक आग लगाने के बाद इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराई गई थीं और वह पांच दिन तक जीवित रहीं। इस बीच पुलिस ने उनका मृत्यु पूर्व बयान दर्ज करने की कोशिश नहीं की। दूसरी तरफ इन मीडियाकर्मियों ने पुलिस से आगे जाकर सिम्स में दाखिल महिला का बयान वीडियो बनाकर ले लिया। इसके बाद मृतका बेगम कौशिक की बेटी नंदिनी कौशिक की शिकायत पहुंची कि ललिता कौशिक अपनी सास को जमीन के कागजातों के नाम पर प्रताडि़त करती थी। जांच के लिए सरकंडा पुलिस ने इन मीडियाकर्मियों के वीडियो को ही आधार बनाया। घटना छह माह पुरानी है पर सरकंडा पुलिस ने अचानक 15 दिन पहले इसकी जांच में सक्रियता दिखाते हुए आरोपी ललिता कौशिक से सम्पर्क किया।

जांच अधिकारी बैरया ने बताया है कि जेल में बंद ललिता कौशिक से बयान जेल में लिया जाएगा और इसके लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी।

 

 

 


Date : 19-Jan-2020

यातायात सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतिम दिन कोटा पुलिस के समस्त स्टाफ द्वारा यातायात नियमों का पालन करते हुए बाइक रैली निकाली गई

छत्तीसगढ़ संवाददाता
करगीरोड (कोटा), 19 जनवरी।
यातायात सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतिम दिन कोटा पुलिस के समस्त स्टाफ द्वारा यातायात नियमों का पालन करते हुए बाइक रैली निकाली गई, जो राम-मंदिर से रवाना होते हुए तहसील रोड, डाकबंगला चौक होते हुए रेल्वे स्टेशन जय-स्तंभ नाका चौक से होते हुए डॉ.सीवी रमन यूनिवर्सिटी में ेरैली का समापन किया गया।
समापन के बाद उपस्थित आमजनों को ट्रैफिक-नियमों की जानकारी दी गई। 

थाना-प्रभारी कोटा सुखनंदन पटेल ने बताया कि जीवन सभी का महत्वपूर्ण होता है, जिंदगी की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक-नियमों का पालन बहुत जरूरी है, कोई भी वाहन को शराब-सेवन कर नहीं चलाया जाना चाहिए। गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग नही करना चाहिए। 

बाइक रैली से पहले कोटा थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल सबसे पहले अपने पूरे स्टाफ के साथ कोटा-शासकीय-कन्या-शाला व डीकेपी-हाईस्कूल पहुचकर स्कूल के प्राचार्य-शिक्षको की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। सड़क-सुरक्षा सप्ताह के अंतिम दिन कोटा थाना स्टाफ सहित  नगर कोटा के नवनिर्वाचित-अध्यक्ष के पति प्रदीप कौशिक, नरेन्द्र बाबा गोस्वामी, टीका राम, सहित कोटा नगर के आमजन भी बाइक रैली में शामिल हुए।

 


Date : 19-Jan-2020

पंचायत चुनाव की आरक्षण को चुनौती, हाईकोर्ट ने जवाब मांगा, आरक्षण में अल्पसंख्यक, एसिड अटैक सर्वाइवर, थर्ड जेंडर, व एंग्लो इंडियन्स मतदाताओं को आरक्षण नहीं दिया गया है जिन्हें राजनीतिक रूप से पिछड़ा माना जाता है

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 19 जनवरी। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक किये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शासन को जवाब पेश करने के लिए कहा है।

याचिकाकर्ता जितेन्द्र चौबे ने अधिवक्ता अली असगर के माध्यम से प्रस्तुत याचिका में पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 13-4-2 और धारा 17, 23, 25, 32 व 129 ई को निरस्त करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जिला, जनपद व  ग्राम पंचायतों में जाति व लिंग के आधार पर किया गया आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक है जो सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के विपरीत है। इसके अलावा आरक्षण में अल्पसंख्यक, एसिड अटैक सर्वाइवर, थर्ड जेंडर, व एंग्लो इंडियन्स मतदाताओं को आरक्षण नहीं दिया गया है जिन्हें राजनीतिक रूप से पिछड़ा माना जाता है।

जस्टिस पी. सैम कोशी की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के लिये कहा है।


Date : 19-Jan-2020

थानेदार पर महिला आरक्षक के अपहरण का आरोप, लूट का झूठा मामला दर्ज कर हथकड़ी लगाकर कोर्ट में किया पेश

पीडि़ता दहशत में, छुट्टी लेकर घर गई, कहा- न्याय नहीं मिला तो कुछ कर डालेगी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 19 जनवरी। मुंगेली जिले के सरगांव के थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर पर एक महिला आरक्षक की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और उच्चाधिकारियों से तत्काल निलम्बन की कार्रवाई की मांग की है। मुंगेली पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि यह शिकायत मुझे वाट्सअप पर मिली है वे इसकी जांच के लिए अधिकारी की नियुक्ति कर रहे हैं। पीडि़त आरक्षक का कहना है कि वह बहुत दहशत में हैं, मेरे साथ न्याय नहीं हुआ तो वह कुछ कर डालेगी।

महासमुंद की सायरा बानो की शिकायत के अनुसार कि उनके पति मो. अन्सार का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। उन्होंने फाइनेंस पर ली हुई एक ट्रक को निरंतर किश्त पटाने के अनुबंध के साथ चलाने के लिए भिलाई के नजम हुसैन को दिया था। नजम हुसैन ने ट्रक लेने के बाद लगातार किश्त नहीं पटाई। दो किश्त नहीं पटने पर पति अंसार ने सरगांव जाकर थाने में सूचना देते हुए वहां चल रहे ट्रक को ड्राइवर से अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद नजम हुसैन ने सरगांव थाने में ट्रक लूटने की शिकायत दर्ज करा दी।

शिकायत और पीडि़ता से हुई बातचीत के अनुसार थाना प्रभारी नागर ने बिना जांच-पड़ताल के पति मो. अंसार, पुत्र मो. मंसूर और रायपुर में कार्यरत पुत्री आरक्षक रूबिना बानो के खिलाफ झूठा एफआईआर घटना के नौ दिन बाद दर्ज कर लिया। जबकि घटना दिनांक को उसकी आरक्षक पुत्री कंट्रोल रूम रायपुर में ड्यूटी पर थी। इसके रिकार्ड दर्ज हैं। बीते 12 जनवरी को सुबह 10.45 बजे उप निरीक्षक मनीष नागर और उसके स्टाफ ने रायपुर आकर लूट की फर्जी शिकायत दर्ज होने का हवाला देते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस वक्त गिरफ्तारी की गई, आरक्षक की ड्यूटी पुजारी पार्क रायपुर में एक कव्वाली के कार्यक्रम में थी। यह ड्यूटी पुलिस लाइन की ओर से 14 जनवरी तक के लिए लगाई गई थी।

रायपुर में गिरफ्तार करने के बाद सब-इंस्पेक्टर सीधे उसे महासमुंद लेकर गया। वहां गाड़ी को दूर खड़ा किया गया। रूबिना ने कहा कि मुझे घर वालों से मिलने दें। पर उन्होंने नहीं मिलने दिया। वह मोबाइल से भी घर में और पुलिस लाइन में सूचना देना चाह रही थी पर नागर ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था।  (बाकी पेजï 5 पर)

महासमुंद से सरगांव लाया गया। सरगांव में रात भर थाने में बिठाया गया। इस दौरान नागर ने छोडऩे के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। जब रुबिना ने असमर्थता जताई तो नागर बार-बार पूछता रहा कि और क्या दे सकती हो?

दूसरे दिन सुबह उसे मुंगेली की कोर्ट में हथकड़ी लगाकर पेश किया गया। वकीलों के विरोध के बाद उसकी हथकड़ी निकाली गई। कोर्ट ने आरक्षक को तुरंत जमानत दे दी।

मुंगेली पुलिस अधीक्षक चैत दास टंडन ने बताया कि उन्हें वाट्स अप से अभी-अभी इस शिकायत की कॉपी मिली है। मैं इसकी जांच के लिए अधिकारी नियुक्त कर रहा हूं। जांच से जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जायेगी।

दूसरी ओर पीडि़त रूबिना ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि घटना के बाद से वह काफी तनाव व दहशत में हैं। सरगांव के थानेदार ने मुझे बुरी तरह अपमानित और प्रताडि़त किया है। वह लोगों का सामना करने से घबरा रही है। वह छुट्टी लेकर घर आ गई हैं। नागर के खिलाफ पहले से ही ढेर सारी गंभीर शिकायतें हैं। यदि मेरे प्रकरण में न्याय नहीं मिला तो वह अपने साथ कुछ कर डालेगी।

पीडि़ता की मां सायरा बानो ने पुलिस महानिदेशक को भेजी गई शिकायत की प्रति राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग व अल्पसंख्यक आयोग को भी भेजी है।


Date : 18-Jan-2020

कांग्रेसी इशारे पर खुदकुशी की एफआईआर-जोगी, हाथ-पैर तुड़वाने, जेल की धमकी दी गई थी-भाई

सरकार का कोई लेना देना नहीं - गृहमंत्री

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 18 जनवरी। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व उनके पुत्र अमित जोगी के खिलाफ पुलिस ने मृतक संतोष कौशिक की आत्महत्या से पूर्व परिजनों से हुई बातचीत के आधार पर अपराध दर्ज किया है। दूसरी ओर जोगी पिता-पुत्र ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध के चलते की गई कार्रवाई बताया है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

मरवाही विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बिलासपुर स्थित सरकारी निवास मरवाही सदन में 15 जनवरी की शाम को उनके घर काम करने वाले संतोष कौशिक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सिविल लाइन्स पुलिस ने 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे जोगी पिता पुत्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया है।

मृतक संतोष कौशिक के भाई कृष्ण कुमार यादव ने पुलिस को बताया कि उसका भाई संतोष कौशिक मरवाही सदन में रहकर वहां खाना बनाने और गार्डन की देखभाल का काम करता था। वह पिछले करीब पांच साल से वहां काम कर रहा था। पिछले कुछ दिन से वह परेशान था। बीते शुक्रवार को उसने घर रमतला आकर बताया था कि उस पर चांदी की केतली चुराने का आरोप लगाया गया है और अजीत जोगी तथा अमित जोगी कर्मचारियों से हाथ-पैर तुड़वाने और जेल भिजवा देने की धमकी दे रहे हैं। बंगले से बुलावा आने पर वह फिर मरवाही सदन पहुंच गया था। वहां कर्मचारी लगातार चांदी की केतली को लाकर देने के लिए दबाव बना रहे थे। घटना के कुछ देर पहले मृतक संतोष ने अपनी पत्नी कविता को फोन पर रोते हुए बताया कि मुझे फिर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।

मृतक के भाई के आधार पर दर्ज बयान के आधार पर पुलिस ने जोगी पिता-पुत्र पर अपराध दर्ज कर लिया है। सिविल लाइन्स थाना प्रभारी कलीम खान ने कहा कि घटना के समय आवास में मौजूद स्टाफ, गार्ड इत्यादि को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

इधर अजीत जोगी व अमित जोगी का बयान भी इस मामले में आया है। अजीत जोगी ने कहा कि कांग्रेस के कुछ लोगों ने मिलकर उनके खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। मृतक संतोष मेरे बच्चे की तरह था, इस मामले में जल्द ही न्यायिक कार्रवाई की जायेगी। घटना के दौरान हमारे परिवार से वहां कोई मौजूद नहीं था। अमित जोगी ने भी इसे राजनीतिक प्रतिशोध के चलते की गई कार्रवाई बताया है और कहा कि जोगी परिवार का इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से कोई लेना-देना नहीं है। इसकी जांच सीबीआई या न्यायिक मजिस्ट्रेट से कराई जाये।

बिलासपुर प्रवास पर शुक्रवार को पहुंचे गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इस घटना से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई कर रही है।


Date : 18-Jan-2020

दुर्ग न्यायालय में आंदोलनकारी वकीलों के हंगामे को लेकर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी को एफआईआर दर्ज कराने निर्देश, कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 18 जनवरी। दुर्ग के परिवार न्यायालय को अस्थायी रूप से अन्यत्र शिफ्ट करने का विरोध करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग की कोर्ट में घुस कर हंगामा तथा न्यायिक अधिकारियों के साथ अशोभनीय व्यवहार करने के मामले को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में पुलिस को वीडियो फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। शासन से इस मामले में 22 जनवरी से पहले जवाब पेश करने कहा गया है।

दुर्ग के जिला सत्र न्यायाधीश गोविन्द मिश्रा द्वारा हाईकोर्ट को भेजे गये पत्र पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट चीफ जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन एवं जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को अदालत की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ जांच कर जुर्म दर्ज करने का आदेश दिया है।

जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के पुराने भवन में सुधार कार्य के लिए कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किये जाने की कार्रवाई का जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग द्वारा बीते कुछ दिनों से विरोध किया जा रहा है। इस दौरान आंदोलनकारियों द्वारा किये गये अशोभनीय एवं अतिरेकपूर्ण विरोध के संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग की ओर से छत्तीसगढ़ उच्च-न्यायालय को लिखे गये पत्र पर हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किया है कि वह कोर्ट परिसर में विधि का शासन कायम रहे यह सुनिश्चित करें।

कोर्ट ने दुर्ग के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि वे दुर्ग जिले में न्यायालयों के संचालन में निर्बाध रूप से पर्याप्त तथा प्रभावी पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएंगे।

 आदेश में कहा गया है कि न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा इच्छुक अधिवक्ताओं, साक्षियों तथा न्यायालय में आने वाले पक्षकारों को पर्याप्त तथा प्रभावी सुरक्षा दी जायेगी। यदि कोई कानून हाथ में लेता है तथा संज्ञेय अपराध कारित करता है तथा इसकी सूचना दी जाती है तो पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उद्घोषित विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। (बाकी पेज 8 पर)

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार दुर्ग के पुलिस महानिरीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था कायम करते हुए न्यायिक अधिकारियों तथा उनके वाहनों, इच्छुक अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, पक्षकारों तथा साक्षीगणों के अबाध प्रवेश व निकासी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा किसी को भी न्यायालय परिसर में नारे लगाने अथवा जुलूस निकालने अथवा धरना देने की अनुमति नहीं दी जायेगी। हाईकोर्ट ने कलेक्टर दुर्ग से कानून व्यवस्था के पुन: स्थापित हो जाने का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। 


Date : 17-Jan-2020

विधायक ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भेजे गए 40 लाख के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 17 जनवरी।
विधायक शैलेश पांडेय के शहर विकास के प्रस्तावों को शासन ने हरी झंडी दिखाई है। विधायक ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भेजे गए 40 लाख के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी है। इन पर शासन ने आदेश जारी कर दिया है। 

माह भर पहले शहर विधायक शैलेश पांडेय ने शासन को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के कुछ वार्डों में विकास कार्य के लिए राशि प्रदान करने प्रस्ताव भेजा था।  इसमें वार्डों में सामुदायिक भवन निर्माण, पेयजल के लिए बोर खनन एवं स्थापना, शेड निर्माण, स्नानागार का कार्य शामिल किया गया था, विधायक के इस प्रस्ताव पर शासन ने राशि की स्वीकृति सम्बन्धी आदेश जारी कर दिया है। शहर के 11 वार्डों में इस राशि से पेयजल, सामुदायिक भवन, महिलाओं के लिए स्नानागार, नाली निर्माण, शेड निर्माण आदि कार्य स्वीकृत किये गए हैं। 

 

 


Date : 17-Jan-2020

फिल्म फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ी और विदेशी भाषा की शार्ट फिल्में भी होंगी, नामांकन जारी  

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 17 जनवरी। छ
त्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा 15 एवं 16 फरवरी को बिलासपुर में पहली बार कानूनी जागरूकता के विषयों पर शार्ट फिल्म प्रतियोगिता और समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रारंभ हो चुका है। फिल्म तैयार कर सात फरवरी तक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, बिलासुर में जमा की जा सकेंगीं। फिल्म फेस्टिवल के लिए चयनित विषयों में मानव तस्करी, बच्चों के अधिकार, बाल श्रम, बाल शिक्षा, नशा उन्मूलन, नशा पीडि़तों के पुनर्वास तथा साइबर क्राइम शामिल हैं। 
छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ी फिल्मों की लोकप्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित छत्तीसगढ़ बोली को ध्यान में रखते हुए हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषाओं की लघु फिल्मों के अलावा छत्तीसगढ़ी भाषा की फिल्मों को अलग वर्ग में शामिल किया गया है। इस वर्ग में तैयार फिल्म के लिए प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये तथा द्वितीय 51 हजार रुपये रखा गया है। इसी प्रकार विदेशी भाषा के फिल्मकारों के अनुरोध पर उनकी फिल्मों को भी प्रतियोगिता में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। 

 

 


Date : 17-Jan-2020

शाला सफाईकर्मियों के लाखों के मानदेय घोटाले में बीईओ निलंबित, सह-आरोपी बनाने आदेश

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 17 जनवरी। स्कूल शिक्षा विभाग ने कोटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएल पटेल को दो करोड़ 83 लाख रुपये के शाला सफाई कर्मियों के वेतन आहरण में की गई गड़बड़ी के मामले में निलंबित कर दिया है। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक सुनील यादव पर भी कार्रवाई की जा रही है।

मामला वित्तीय वर्ष 2014-15 से लेकर 2017-18 के बीच का है। इस दौरान पटेल की पदस्थापना विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा के पद पर थी। इस दौरान विकासखंड की शालाओं में कार्यरत अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के लिए दो करोड़ 83 लाख 42 हजार 408 रुपये का आहरण किया गया। सफाई कर्मचारियों के लिये जारी चेक की राशि उनके वास्तविक वेतन से अधिक थी, जिसके चलते शासन से अवैध तरीके से 50 लाख रुपये अधिक भुगतान प्राप्त कर लिया गया। कुछ चेक ऐसे भी थे जिनमें 12 हजार की रकम को दो लाख 12 हजार लिखकर रकम निकाल ली।

प्रारंभिक तौर पर यह आरोप लगा कि सफाई कर्मचारियों ने खुद ही चेक में ओवर राइटिंग कर अधिक एमाउंट दर्ज किया और राशि निकाल ली। पटेल ने इसकी शिकायत खुद ही पुलिस में की थी। इसके चलते बिल्हा क्षेत्र के दो सफाई कर्मचारियों को जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। तीन साल लम्बी जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पाया है कि अधिक राशि के आहरण में बिल्हा के तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी पटेल का भी हाथ था, जो इस समय कोटा में पदस्थ हैं।

जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव ए आर खान ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9-1-क के उल्लंघन का दोषी पाते हुए उनके तत्काल निलम्बन का आदेश जारी किया है। जानकारी मिली है कि बिल्हा ब्लाक शिक्षा कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन लिपिक सुनील यादव के खिलाफ भी निलम्बन आदेश विभाग से जारी कर दिया गया है।  स्कूल शिक्षा विभाग ने माना है कि यह वेतन घोटाला बिना ब्लॉक अधिकारी के मिलीभगत के नहीं हो सकता, इसलिये उसके खिलाफ विभागीय जांच जारी रखते हुए उसे सह-आरोपी बनाने कहा गया है।


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