बिलासपुर
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोरबा, 2 नवंबर। जिले में एक मासूम की जान एक सिक्के के कारण चली गई। आठ साल के शिवम सारथी के सीने में सिक्का फंस गया था, जिससे उसकी सांसें थम गईं। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि बच्चे ने कब और कैसे सिक्का निगल लिया। जब अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, तब वे उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे रिपोर्ट में सिक्का फंसे होने की पुष्टि हुई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए कहा कि उनके पास इलाज के लिए आवश्यक दवा या साधन नहीं हैं। अस्पताल से निराश होकर परिवार शिवम को निजी अस्पताल ले जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतक शिवम के पिता मदन सारथी मूलतः रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के निवासी हैं। कुछ दिनों पहले वे शिवम के कंधे की चोट का इलाज कराने कोरबा आए थे और रिश्तेदारों के घर ग्राम गोढ़ी में ठहरे हुए थे। 31 अक्टूबर की रात शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे और सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
जिला मेडिकल कॉलेज के सह-अधीक्षक रविकांत जाटवर ने बताया कि रात 12 बजे बच्चे को गंभीर अवस्था में लाया गया था। उसकी सांस रुक रही थी और एक्स-रे में सिक्का नुमा वस्तु दिखाई दी थी। लेकिन पोस्टमॉर्टम के दौरान सिक्का नहीं मिला है, इसलिए मौत का सही कारण स्पष्ट नहीं है। जांच जारी है।
जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिवम की मौत सिक्का फंसने से हुई या किसी अन्य वजह से।


