केंद्र सरकार और एनडीएमए अलर्ट, सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
गरियाबंद, 24 मार्च । ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती गर्मी और तापमान को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने लू (तापघात) से बचाव और तैयारी के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी विभागों को सतर्क रहते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, लू लगने पर सिर भारी होना, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाना, शरीर को ठंडा करना और तरल पदार्थ पिलाने के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की सलाह दी गई है।
दोपहर में बाहर निकलने से बचें .....
लू से बचाव के लिए अनावश्यक बाहर न निकलने, सिर और कान ढकने, सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और ओआरएस का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में जाने से बचने को कहा गया है।
नागरिकों और संस्थानों के लिए विशेष निर्देश
नागरिकों से घर को ठंडा रखने, पंखे और पर्दों का उपयोग करने तथा अस्वस्थ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है। साथ ही पशुओं के लिए छाया और पानी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
नियोक्ताओं को मजदूरों के लिए ठंडा पानी, शेड, कार्य समय में बदलाव और पर्याप्त विश्राम देने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडा पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन के उपयोग की सलाह दी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सावधानी की सलाह
वरिष्ठ नागरिकों को घर में रहने, भीड़भाड़ से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
जिला स्तर पर जागरूकता अभियान तेज.
जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम और पेयजल की व्यवस्था, मनरेगा कार्य समय में बदलाव और छाया स्थलों के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तर पर जागरूकता अभियान, प्याऊ केंद्रों की स्थापना और अस्पतालों में बिजली-पानी की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
सभी विभागों को सौंपे गए जिम्मे
नगरीय निकायों को बेघर और जोखिमग्रस्त लोगों के लिए पानी व अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में ओआरएस और आवश्यक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
श्रम विभाग मजदूरों के लिए कार्य समय में बदलाव और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं के लिए पानी, चारा और दवाइयों की व्यवस्था करेगा।
इसके अलावा परिवहन, शिक्षा, वन, पर्यटन और अग्निशमन विभागों को भी अपने-अपने स्तर पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
समग्र प्रयास से बचाव पर जोर.....
सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू के खतरे से बचाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और समय रहते जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए