‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 5 अप्रैल। घरघोड़ा क्षेत्र की जनता वर्षों से फोर लेन सडक़ निर्माण, यात्री रेल चालू, विकास की सुविधाओं के अभाव में पीड़ा झेलने के साथ महंगी फीस और स्थानीय युवाओं को रोजागर की माँग को लेके तरस रही है। इस माँग को ले स्थानीय युवा नेता उस्मान बेग, जिला अध्यक्ष रायगढ़ युवा कांग्रेस ग्रामीण ने जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में कलेक्टर जिला प्रशासन को इन तीन प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपाकर
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं माने जाने पर गांधीवादी, शांतिपूर्ण लेकिन क्रमिक और सशक्त आंदोलन किया जाएगा। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने तीन अलग अलग ज्ञापन दिए जिसमें प्रमुख रूप से रायगढ़-घरघोड़ा और घरघोड़ा-धरमजयगढ़ फोरलेन सडक़ की स्वीकृति और निर्माण की माँग की है ,यह मार्ग उत्तर रायगढ़ अंचल, औद्योगिक क्षेत्रों, खनन बेल्ट और जनजातीय क्षेत्रों की मुख्य जीवनरेखा है। रायगढ़-घरघोड़ा 37 किमी फोरलेन सडक़ के लिए 17.30 करोड़ की प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है जैसा पिछले साल भर से ऊपर अखबारों में पढ़ा था पर अब तक इसमें कार्यवाही शून्य है , इस स्वीकृति और इसकी स्थिति को सार्वजनिक करने की माँग है लगातार सडक़ दुर्घटनाएं, जाम, भारी ट्रेलर और कोयला वाहनों से नागरिकों को सुरक्षा खतरे का सामना हर दिन करना पड़ रहा है , दोनों मार्गों का फोरलेन निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने , सर्वे, भू-अर्जन और टेंडर प्रक्रिया युद्धस्तर पर पूरी करने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर डिवाइडर, पैचवर्क, संकेतक और हाईमास्ट स्ट्रीट लाइट तुरंत लगाये जाने, और आगे इस सडक़ को भारतमाला औद्योगिक फोरलेन कॉरिडोर से जोड़े जाने की माँग की है।
वही दूसरे ज्ञापन में घरघोड़ा-धरमजयगढ़ यात्री रेल सेवा चलाई करने की माँग की है। ज्ञापन में कहा गया कि बिलासपुर और रायपुर के लिए अप-डाउन लोकल पैसेंजर ट्रेन शीघ्र चालू की जाए। रेल लाइन यूपीए कांग्रेस सरकार 2012 में स्वीकृत हुई थी। तब से यह निर्माणधीन रही फिर 2019 में पहली मालगाड़ी चली। घरघोड़ा से प्रतिदिन औसतन 3 कोयला रेक चलते हैं, जिससे 4800़ कोयला रेक और 1.82 करोड़ टन से अधिक कोयला देशभर में अब तक पहुंच चुका है। स्थानीय जनता अभी तक यात्री रेल सुविधा से वंचित है , सत्ता स्तर के जनप्रतिनिधि चुप है , छात्र, कर्मचारी, मरीज और व्यापारीओ को भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
इसमें कलेक्टर से यह माँग किया गया की डीआरएम बिलासपुर, रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को अनुशंसा पत्र भेजा जाए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और विभागों की बैठक कर ठोस प्रस्ताव तैयार कर आगे रूपरेखा बनाकर इस रूट में यात्री ट्रेन चालू करने पहल करने की माँग की गई ।
वही तीसरे माँग में एनटीपीसी तिलाईपाली परियोजना की लंबित शिकायतें जो पेंडिंग है उस पर ध्यान आकर्षित कराया गया और कहा की रोजगार में जो लगभग 90 प्रतिशत रोजगार बाहरी लोगों को दिया गया है वो पहले प्रभावित स्थानीय लोगों को फिर घरघोड़ा ब्लॉक और जिले के लोगों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही कई मुआवजा लंबित प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला। कई घर तोड़े गए, लेकिन उनके भुगतान कार्य नहीं हुए।
शिक्षा सहायता में एनटीपीसी तिलाईपाली डी ए वी स्कूल जो की बहुत ही ज्यादा फीस ले रहा है, वही सेम डीएवी स्कूल छाल में है वहाँ फीस कम है।
स्कूल की फीस को छाल डी ए वी की तरह करने के बाद प्रभावित बच्चों को निशुल्क, जिनकी भूमि टाउनशिप में गई है उनको 50 प्रतिशत और घरघोड़ा नगर के बच्चों को 25 प्रतिशत छूट दिए जाने की मांग की है।
साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों में इजाफा करने पेंडिंग कार्यों को पूरा करने और एच आर विभाग, सीआईसीएफ के व्यवहार मुख्य अधिकारियों द्वारा का अनुचित व्यवहार तुरंत सुधारे जाने की माँग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई।
हमारा आंदोलन केवल मांगों तक सीमित नहीं है। यह घरघोड़ा और आसपास के लोगों के जीवन, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है। सडक़ें चौड़ी नहीं हुईं, ट्रेन शुरू नहीं हुई। यदि प्रशासन ने इस बार भी अनदेखी की, तो हम जिला, राज्य और केंद्र स्तर तक गांधीवादी, शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त आंदोलन करेंगे। जनता के हक के लिए हम हर स्तर पर आवाज उठाएँगे।