‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 11 जनवरी। कैलाश नगर स्थित प्रगति फाइन आर्ट एंड म्यूजिक़ अकादमी का उद्घाटन दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन अवसर पर सांसद विजय बघेल ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अकादमी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
अकादमी की डायरेक्टर अर्चना सेनगुप्ता द्वारा सांसद विजय बघेल का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं द्वारा निर्मित सुंदर चित्र की फोटो फ्रेम भेंट कर सांसद विजय बघेल को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान अकादमी के छोटे-छोटे विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई चित्रकलाओं की एक आकर्षक प्रदर्शनी (एग्जीबिशन गैलरी) का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी रचनात्मक कला प्रतिभा की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। सांसद विजय बघेल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं बच्चों की चित्रकला की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि चित्रकला जैसे रचनात्मक माध्यम बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों को निरंतर अभ्यास, परिश्रम एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
प्रदर्शनी के दौरान एक बाल कलाकार द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी की बनाई गई चित्रकला की जानकारी दी गई।
15 साल से कार्य कर रहे हैं दौ से भी ज्यादा शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं जिसे देखकर सांसद विजय ने प्रशंसा की।
प्रगति फाइन आर्ट एंड म्यूजिक़ अकादमी की संचालिका अर्चना सेनगुप्ता ने कहा, मैं अपने इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व महसूस करती हूँ। मैं कुछ अभिभावकों का विशेष रूप से नाम लेना चाहूँगी, हालांकि सभी अभिभावक अपने बच्चों को पूरा समय, सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
सांसद विजय बघेल के आगमन से हमारे इस कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत सुंदर एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसके लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। साथ ही आज जिन सभी अतिथियों ने अपना बहुमूल्य समय निकालकर कार्यक्रम में सहभागिता की तथा बच्चों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया, उन सभी का मैं सादर धन्यवाद करती हूँ।
यह चित्रकला प्रदर्शनी 14 जनवरी तक आम जनता के अवलोकन हेतु जारी रहेगी।
अंत में उन्होंने कहा-प्रत्येक कलाकृति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि हर कला एवं चित्र में हमारे भूतकाल, वर्तमान और भविष्य की भावना समाहित होती है। बच्चों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से इन तीनों कालों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
इस अवसर पर प्रगति वल्लभ ,रुपाक्षी, सृष्टि, सौम्या, हरजीत कौर ख्याति,तनया सहित सैकड़ों छात्र पालक उपस्थित रहे।