बिलासपुर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 9 मई। हॉस्टल अधीक्षक की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को रायपुर सचिवालय के बड़े अधिकारियों से जुड़ा बताकर युवक को भरोसे में लिया और किस्तों में रकम ऐंठ ली। मामले की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मुंगेली जिले के जरहागांव निवासी और वर्तमान में घुरू में रहने वाला 28 वर्षीय रामशरण यादव निजी क्षेत्र में काम करता है। जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात विकास नगर निवासी राहुल राजपूत से हुई थी।
शिकायत में बताया गया है कि राहुल राजपूत ने खुद की सचिवालय में ऊंचे स्तर तक पहचान होने का दावा किया। उसने रामशरण को भरोसा दिलाया कि वह उसे हॉस्टल अधीक्षक के पद पर सरकारी नौकरी दिलवा सकता है। आरोपी की बातों में आकर रामशरण तैयार हो गया।
इसके बाद राहुल ने नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से रकम मांगी। पीड़ित ने आरोपी के बैंक खाते में कुल 1 लाख 52 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब हॉस्टल अधीक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी हुआ और रामशरण का चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसने राहुल से संपर्क कर पैसे वापस मांगे। शुरुआत में आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर उसने करीब दो महीने पहले 50 हजार रुपये वापस कर दिए।
हालांकि शेष 1 लाख 2 हजार रुपये लौटाने से आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी राहुल राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।


