बिलासपुर

बैंक की नकली वेबसाइट बनाकर ठगी
09-May-2026 2:40 PM
बैंक की नकली वेबसाइट बनाकर ठगी

पीड़ित ने बैंक सुरक्षा पर उठाए सवाल
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 9 मई। साइबर ठगों ने अब बैंक की असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा एक मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के खाते से 60 हजार रुपये पार कर दिए गए। पीड़ित ने अज्ञात साइबर ठगों के साथ-साथ बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए एफआईआर दर्ज करने आवेदन दिया है।

पुलिस के मुताबिक, मगरपारा रोड स्थित संस्कृति विहार निवासी राजेश उइके को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताते हुए उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।

राजेश के सहमत होने पर ठगों ने उनके व्हाट्सऐप नंबर पर एक लिंक भेजा। पीड़ित का कहना है कि लिंक खोलने पर जो वेबसाइट खुली, वह हू-ब-हू बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखाई दे रही थी। वेबसाइट पर भरोसा कर उन्होंने अपना कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और सीवीवी जैसी जानकारी भर दी।

इसके बाद उन्हें बैंक के नाम से कॉलर आईडी दिखाई देने वाले फोन कॉल भी आए, जिससे उन्हें पूरा प्रोसेस असली लगा। अगले दिन फिर एक कॉल आया, जिसमें ओटीपी मांगा गया। ओटीपी साझा करते ही कुछ ही पलों में उनके खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 60 हजार रुपये निकाल लिए गए।

घटना के बाद पीड़ित ने बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पीड़ित का आरोप है कि रकम रोकने या ट्रांजेक्शन ब्लॉक करने के बजाय बैंक ने केवल कार्ड ब्लॉक कर दिया।

राजेश उके ने अपनी शिकायत में बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ठगों को यह जानकारी कैसे मिली कि उनका खाता इसी बैंक में है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ग्राहकों की निजी जानकारी सुरक्षित रखने में विफल साबित हो रहा है।

पीड़ित ने यह भी कहा कि आरबीआई के नियमों के अनुसार समय पर सूचना देने के बाद रिफंड प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन बैंक ने बिना विस्तृत जांच के उनकी शिकायत खारिज कर दी।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।


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