बिलासपुर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 9 मई। जिले के पचपेड़ी क्षेत्र में पहली बार जंगली भालू के रिहायशी इलाके तक पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्राम पंचायत कार्यालय के पास नहर किनारे भालू दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। बाद में कानन पेंडारी की रेस्क्यू टीम की मदद से भालू को भरारी जंगल में पकड़ लिया गया और उसे सुरक्षित रूप से बिलासपुर लाया गया।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले यह भालू जिले की सीमा से लगे पामगढ़ इलाके में देखा गया था। वहां कुत्तों के पीछा करने पर वह जंगल की ओर भाग निकला और भटकते हुए पचपेड़ी क्षेत्र तक पहुंच गया। पचपेड़ी वन परिक्षेत्र में पहली बार भालू देखे जाने से आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया।
शुक्रवार सुबह नहर किनारे टहलने निकले लोगों ने भालू को घूमते देखा। अचानक जंगली भालू नजर आने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भालू कुछ देर तक नहर किनारे घूमता रहा।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू भरारी जंगल की ओर भाग गया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। उपवन क्षेत्रपाल डी.के. बघेल ने बताया कि भालू की उम्र लगभग चार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके के बेहद करीब भालू दिखाई देने के बाद तत्काल कानन पेंडारी रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई थी।


