बिलासपुर
स्टॉक जांच में मिला 1.31 लाख रुपये का घोटाला, रकम मांगने पर अधिकारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 9 मई। शहर के जरहाभाठा स्थित वन विभाग के संजीवनी विक्रय केंद्र में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्र की प्रबंधक पर करीब 1.31 लाख रुपये के हर्बल उत्पादों के गबन का आरोप लगा है। विभाग की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, वन विभाग द्वारा हर्बल उत्पादों की बिक्री के लिए संचालित संजीवनी विक्रय केंद्र जरहाभाठा स्थित उपवन क्षेत्रपाल कार्यालय परिसर में संचालित होता है। इसके संचालन की जिम्मेदारी सरकंडा निवासी वंदना यादव को सौंपी गई थी।
उपवन क्षेत्रपाल कमता प्रसाद ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2025 में स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच में बड़ी मात्रा में उत्पादों की कमी सामने आई। विस्तृत जांच के दौरान पता चला कि कुल 1 लाख 31 हजार 939 रुपये मूल्य के उत्पादों का हिसाब नहीं मिल रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने जब संचालिका वंदना यादव से पूछताछ की, तब उसने कथित तौर पर गड़बड़ी स्वीकार करते हुए कहा कि गायब उत्पादों की राशि उसके वेतन से काट ली जाए। इस संबंध में अधिकारियों और महिला के बीच सहमति भी बनी थी। लेकिन कुछ समय बाद उसने अचानक नौकरी छोड़ दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में जब विभागीय अधिकारियों ने उससे गबन की राशि जमा करने को कहा, तो उसने रकम लौटाने के बजाय अधिकारियों को ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया।
महिला के रवैये से परेशान होकर वन विभाग ने आखिरकार पुलिस की मदद ली। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


