बिलासपुर
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 18 दिसंबर। वर्ष 2025 की सहायक शिक्षक संविदा भर्ती पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर विस्तृत प्रश्न लगाया। उन्होंने पूछा था कि जिले में कितने पदों पर विज्ञापन जारी हुआ, विषयवार पदों की स्थिति क्या रही और क्या विज्ञान विषय के पदों पर अन्य विषयों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई। इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में बिलासपुर जिले में सहायक शिक्षक संविदा के 55 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था। मंत्री के अनुसार विज्ञापन में विषयवार पदों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था और सहायक शिक्षक पद के लिए विषय बाध्यता से संबंधित नियम स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि विज्ञापन में विज्ञान संकाय का उल्लेख टंकण त्रुटि के कारण हुआ था, जिसे शुद्धि पत्र जारी कर सुधारा जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
जुलाई 2025 में जारी विज्ञापन के तहत जिले में कुल 191 पदों पर भर्ती प्रस्तावित थी, जिनमें 55 पद सहायक शिक्षक के थे। पहले 400 अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी की गई, इसके बाद 275 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। अंतिम चयन सूची जारी होने के बाद नियमों और शर्तों के पालन को लेकर आपत्तियां सामने आईं।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवश्यक योग्यता पूरी नहीं की थी, उन्हें भी मुख्य चयन सूची में शामिल कर लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेज सत्यापन सूची में ऐसे अभ्यर्थियों का शामिल होना ही त्रुटिपूर्ण था, क्योंकि वे पहली अनिवार्य योग्यता शर्त पर खरे नहीं उतरते थे।
विशेष रूप से सहायक शिक्षक (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में क्रमांक 8 और 9 पर किए गए चयन को गलत पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि मेरिट सूची, दस्तावेज सत्यापन और अंतिम चयन के बीच तय मापदंडों का समुचित पालन नहीं किया गया।
कलेक्टर बिलासपुर को दी गई शिकायत के बाद यह जांच कराई गई थी। कामिनी कौशिक ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को शिकायत सौंपी थी, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए। डीईओ ने दो प्राचार्यों की समिति गठित कर मामले की पड़ताल कराई।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सहायक शिक्षक पद के लिए वांछनीय योग्यता के रूप में मान्यता प्राप्त बोर्ड से हायर सेकेंडरी परीक्षा विज्ञान संकाय से उत्तीर्ण होना पहली अनिवार्य शर्त थी। इसके बावजूद चयन सूची में ऐसे अभ्यर्थी शामिल पाए गए, जिन्होंने कॉमर्स विषय से हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। समिति ने इसे नियमों के विपरीत बताया है।
मंत्री ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई विभाग के उच्च स्तर पर तय की जाएगी।


