बिलासपुर

प्रशासन ने गुजरात की ईंट-भट्ठा फैक्ट्री से मुक्त कराये 54 मजदूर
08-Feb-2026 2:08 PM
प्रशासन ने गुजरात की ईंट-भट्ठा फैक्ट्री से मुक्त कराये  54 मजदूर

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 8 फरवरी। रोजगार की तलाश में गुजरात गए बिलासपुर जिले के 54 मजदूरों को ईंट-भट्ठा मालिक द्वारा बंधक बना लिया गया था। पीड़ितों के बारे में सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने गुजरात प्रशासन से समन्वय किया और सभी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया। रेस्क्यू के बाद सभी मजदूर अपने घर लौट आए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा, तखतपुर, कोनी और पचपेड़ी क्षेत्रों के मजदूरों को खेड़ा जिला स्थित एम.के. ब्रिक्स के संचालक शाहरुख भाई ने अधिक मजदूरी का लालच देकर काम पर बुलाया था। मजदूरों ने ईमानदारी से काम पूरा किया, लेकिन जब उन्होंने मजदूरी मांगी और घर लौटने की इच्छा जताई, तो मालिक ने भुगतान से इनकार कर उन्हें फैक्ट्री परिसर में ही कैद कर लिया।

मुक्त कराए गए मजदूरों ने बताया कि उन्हें दरवाजों के बिना अस्थायी झोपड़ियों में रखा गया और 24 घंटे निगरानी में रखा जाता था। बाजार जाकर राशन लाने तक की अनुमति नहीं थी। शौच के लिए जाने पर भी टॉर्च की रोशनी में निगरानी की जाती थी। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती और प्रभावशाली संबंधों का डर दिखाया जाता था।

इस बीच राहुल बंजारे और शत्रुघ्न रात्रे किसी तरह वहां से भाग निकलने में सफल रहे और बिलासपुर पहुंचकर जनदर्शन में कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए श्रम विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

बिलासपुर के सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय ने तत्काल बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से गुजरात के खेड़ा जिला के कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी 54 मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।

सहायक श्रम आयुक्त ज्योति शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही गुजरात प्रशासन से लगातार संपर्क कर रेस्क्यू कराया गया है। साथ ही मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 


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