बिलासपुर
डिजिटल कोर्ट सिस्टम को मजबूत बनाने न्यायाधीशों को लैपटॉप वितरित
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 9 दिसंबर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की कंप्यूटरीकरण समिति और राज्य न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक कार्यक्रम में व्यवहार न्यायाधीश जूनियर डिवीजन बैच–2024 को लैपटॉप वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने की।
लैपटॉप वितरित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका तेजी से डिजिटल होती दुनिया में प्रवेश कर चुकी है।
उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक तकनीक, ई–संसाधनों का कुशल इस्तेमाल तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने की क्षमता आज हर न्यायिक अधिकारी के लिए अत्यावश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश ने इसे न्यायिक दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल केस प्रबंधन, वर्चुअल सुनवाई, ऑनलाइन शोध मंच तथा पेपरलेस कोर्ट अब न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है।
इसलिए सेवा के आरंभिक चरण में ही न्यायाधीशों को तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें
समयबद्ध, पारदर्शी और जन-अनुकूल न्याय वितरण के लिए सक्षम बनाता है।
प्रशिक्षु न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए उन्होंने सलाह दी कि वे लैपटॉप का उपयोग विधिक शोध, निर्णय लेखन, केस प्रबंधन तथा निरंतर ज्ञान उन्नयन के लिए प्रभावी रूप से करें। साथ ही उन्होंने डेटा सुरक्षा, नैतिक डिजिटल आचरण, और आधिकारिक प्लेटफॉर्म के सही उपयोग पर भी ध्यान दिलाया।
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय के अन्य रजिस्ट्रार अधिकारी भी मौजूद रहे।


