बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 26 जून। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में मारी गई महिला नक्सली के शवों की प्राथमिक पहचान सीमा, एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम), कुटुल एरिया कमेटी, और लिंगे उफऱ् रांझू, पार्टी मेंबर (पीएम), कुटुल एलओएस के रूप में हुई है। एक पर पांच लाख और एक पर एक लाख का ईनाम था।
मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल, 08 राउंड और 01 मैगजीन, एक देशी निर्मित .315 बोर राइफल, 04 राउंड, राइफल .303 राइफल के 15 राउंड, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई।
यह संयुक्त अभियान, माड़ डिवीजन के वरिष्ठ माओवादी कैडरों की उपस्थिति की विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी नारायणपुर, डीआरजी कोंडागांव, एसटीएफ एवं आईटीबीपी (41वीं एवं 45वीं बटालियन) की टीमों द्वारा चलाया गया।
नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि यह अभियान ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत अबूझमाड़ के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर 25 जून को संयुक्त सर्च ऑपरेशन के रूप में प्रारंभ किया गया। इस दौरान 25 जून की शाम से लगातार सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ होती रही।
मुठभेड़ के पश्चात, घटनास्थल से दो वर्दीधारी महिला माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए, जिनके पास से हथियार एवं अन्य सामग्री भी प्राप्त हुई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया ने मारे गए माओवादी कैडरों की पहचान निम्नानुसार की पुष्टि की- सीमा एरिया कमेटी मेंबर, कुटुल एरिया कमेटी ईनाम-5 लाख ग्राम जगरगुंडा, जिला सुकमा, लिंगे उफऱ् रांझू पार्टी मेंबर कुटुल एलओएस ईनाम-1 लाख, ग्राम कायेड़ूराड, जगरगुंडा, जिला सुकमा
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों के विरुद्ध अभियान को मानसून के दौरान भी निरंतर जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित और अवैध भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पास अब आत्मसमर्पण और हिंसा छोडऩे के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे तुरंत हिंसात्मक गतिविधियां त्याग कर मुख्यधारा से जुड़ें, अन्यथा उन्हें सख्त कार्रवाई और गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।
मृत माओवादी सीमा एवं लिंगे उफऱ् रांझू के कैडर प्रोफाइल एवं उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है।
यह उल्लेखनीय है कि पिछले 18 महीनों में बस्तर रेंज में हुई विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान अब तक कुल 414 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें सीपीआई (माओवादी) महासचिव बसवराजु उफऱ् गंगन्ना तथा ष्टष्टरू गौतम उफऱ् सुधाकर जैसे शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं।
मुठभेड़ के दौरान घने जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले अन्य माओवादी कैडरों की पता लगने हेतु आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी होने के कारण, ऑपरेशन में शामिल जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती है। जैसे ही सर्च ऑपरेशन पूरा कर जवान बेस कैंप में वापस लौटेंगे, विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।


