बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 11 जून। बस्तर को आईजी सुंदरराज पी. ने कहा-एक समय बस्तर में नक्सलियों का आतंक देखने को मिलता था, लेकिन धीरे धीरे पुलिस के साथ ही फोर्स के जवानों की बहादुरी, शहादत व कड़ी कार्रवाई के चलते नक्सलियों की बटालियन खत्म होने के कगार पर है, वहीं कुछ वर्ष पहले जहाँ 45 टॉप लीडर हुआ करते थे, वहीं अब इनकी संख्या 14 हो गई है।
आईजी ने खुले तौर पर नक्सलियों को हिदायत दी है कि उनके पास केवल सरेंडर ही एक मात्र रास्ता बचा है, नही तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार होने की बात कही है।
बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के हाथ जो नक्सलियों की जानकारी लगी है उसमें नक्सलियों के टॉप लीडर से लेकर निचले स्तर तक के सभी नक्सलियों के पूरे बायोडाटा मिले है, इस जिसमें नक्सलियों के पुराने के साथ ही वर्तमान समय के भी फ़ोटो उपलब्ध है, बड़े नक्सली लीडर को जहाँ मार गिराया गया है, वहीं आधे से ज्यादा नक्सलियों का सफाया हो चुका है, 7 से 8 वर्ष पहले जो सेंट्रल कमेटी व ब्यूरो सक्रिय हुआ करते थे, उसमें से कई नक्सलियों को फोर्स ने मार गिराया या फिर पकड़ लिया गया है। नक्सलियों के खत्म होते साम्राज्य से बौखलाए नक्सली निर्दोष लोगों की हत्या के साथ ही आईडी के द्वारा उनके जान ले रही है, जिसके चलते फोर्स के अंदर तक जाकर नक्सलियों के टॉप लीडर को मार गिराया है।
जिनके शव भी पुलिस ने बरामद कर चुके हैं। देखा जाए तो अभी वर्तमान समय मे 4 पुलित ब्यूरो मेम्बर के साथ ही 10 सेंट्रल कमेटी मेम्बर शेष बचे हुए हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने नक्सलियों को खुले तौर पर इस बात की जानकारी दी है कि अगर में अपनी जान बचाना चाहते है तो सरेंडर कर दे, नही तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।


