बस्तर
87 लाख के 20 इनामी समेत 24 नक्सलियों ने किया समर्पण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 23 मई। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के मोर्चे पर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कुल 24 नक्सलियों ने आज पुलिस के आला अफसरों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 20 लाख के इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर कुल 87.50 लाख का इनाम घोषित था।
इन माओवादियों में पीएलजीए की कंपनी नंबर 2 के डिप्टी कमांडर राकेश, माड़ डिवीजन की कंपनी नंबर 7 के पीपीसीएम, केकेबीएन डिवीजन के सदस्य, सीएनएम व केएमएस के अध्यक्ष, भैरमगढ़ व गंगालूर एरिया कमेटी से जुड़े अन्य बड़े नक्सली सदस्य शामिल हैं।
सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों की रणनीति का असर
नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे मुख्य वजह शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना गांवों में तेजी से हो रहे विकास कार्य, सडक़ों का विस्तार, बिजली-पानी की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच रही। इसके अलावा नक्सल संगठन के भीतर बढ़ती असंतोषजनक स्थितियां, भेदभावपूर्ण व्यवहार और क्रूरता से त्रस्त होकर ये नक्सली मुख्यधारा में लौटने को मजबूर हुए। सरकार की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को 50,000 की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में प्रदान की गई।
2025 में अब तक का आंकड़ा :
237 माओवादी गिरफ्तार
227 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
119 मुठभेड़ में मारे गए
कमान में वरिष्ठ अधिकारी, अभियान में कई बल शामिल
यह आत्मसमर्पण अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक केरिपु बीजापुर राकेश कुमार, बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कोबरा, डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, केरिपु 85 व 199 वाहिनी के संयुक्त नेतृत्व व प्रयासों से सफल हुआ।
एसपी की अपील
एसपी डॉक्टर जितेंद्र यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोडक़र सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन बिताएं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के परिजन भी अब चाहते हैं कि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और सुरक्षित जीवन जीएं। इधर माना जा रहा है कि बस्तर में शांति और विकास की ओर यह आत्मसमर्पण एक बड़ा संकेत है। छत्तीसगढ़ शासन की प्रभावी रणनीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते नक्सल संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में और भी आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है।


