बस्तर
प्राथमिक जांच के बाद सुकमा वन मंडल अधिकारी निलंबित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 3 मार्च। सुकमा जिले के कोंटा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में हजारों संग्राहकों को बोनस नहीं मिलने की शिकायत के बाद जांच की गई। जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही इस मामले से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है। इस मामले को लेकर जल्द ही एफआईआर भी दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
ज्ञात हो कि 9 जनवरी 2025 को सुकमा जिले के कोंटा वन मंडल में वर्ष 2021 व 22 में वहां के हजारों संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस वितरण नहीं होने की जानकारी मिली, जिसके बाद 5 सदस्यों की टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान बाद में 3 अन्य सदस्यों को भी जांच दल में जोड़ा गया, जहां प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2021 में 15 प्राथमिक समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता बोनस वितरण में करीब 21 हजार 225 संग्रहकों को 3 करोड़ 16 लाख 12 हजार 11 रुपये का वितरण नहीं हुआ, इसके अलावा वर्ष 2022 में 10 प्राथमिक समितियों के 13 हजार 1 सौ 97 संग्राहकों को 2 करोड़ 58 लाख 69 हजार 975 रुपये का भुगतान नहीं हुआ, जिसकी सूचना मिलने के बाद 17 जनवरी दे जांच शुरू हुई और सुकमा वन मंडल अधिकारी अशोक पटेल की भूमिका संदिग्ध होने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वहीं अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है, जहां इस हेराफेरी में और भी लोगों की भूमिका नजर आ रही है।
इस मामले में सीसीएफ आरसी दुग्गा ने बताया कि यह एक गंभीर मामला है, इसकी जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही नियमत: कार्रवाई भी की जाएगी।


