बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 29 दिसंबर। जगदलपुर से 25 किलोमीटर दूरी पर बकावंड ब्लॉक के रेटावंड गांव की रहने वाली हेमवती नाग की बाइक रिपेयरिंग सेंटर की जमकर तारीफ हो रही है। हेमवती को अब रोजाना 2 से 3 हजार रुपये की आय होती है।
हेमवती नाग कहती हैं-अब अपने काम के बलबूते रोजाना 2 से 3 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। जब मन में कुछ कर गुजरने की ठान लो, तो कोई काम असंभव नहीं होता।
हेमवती नाग ने बताया कि शुरुआत से लोग कहते थे कि एक लडक़ी कैसे मोटरसाइकल ठीक कर सकती है, इस पर हेमवती ने कहा- मेरे लिए भी यह एक चुनौती भरा काम था, करना आसान नहीं था, इसमें काफी मेहनत और ताकत लगती है। अब मेरे इस काम को करते देख कर लोग मेरी तारीफ़ करते हैं। मेरी कोशिश यही रहती है कि कोई भी लडक़ी कमजोर नहीं होती। वह अगर ठान ले तो हर काम कर सकती है, जो दूसरे लोग नहीं कर सकतेष हेमवती बताती हैं कि गांव की और लड़कियां जो यह काम सीखना चाहती हैं, उनको सिखाने को तैयार हैं।
हेमवती बताती हैं कि दुकान के सामान लाने उसके पति जब जगदलपुर जाते थे तो दुकान बंद करना पड़ता था, यह देख कर भी मेरे मन में यह आया कि मैं क्यों नहीं सीख सकती हूं। अब सीखने के बाद उनकी आय दोगुनी हो गई है। पति के काम को देख कर उन्होंने यह काम सीखा। अब वे गांव में मोटरसाइकल बनाने वाली महिला के नाम से जानी जाती हैं, बल्कि अब तो संभाग में ही इस काम से जानी जाती हैं।


