बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 28 नवंबर। जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा मंगलवार को एक प्रकरण में आवेदिका को डॉ. चिखलीकर स्केन एंड रिसर्च सेंटर जगदलपुर द्वारा 4 लाख रु. की क्षतिपूर्ति अदा किए जाने का आदेश पारित किया गया है।
प्रकरण इस प्रकार है कि ग्राम बकावंड निवासी निकिता भाटिया द्वारा चिकित्सक की सलाह पर उक्त लैब से कई प्रकार की टेस्ट करवाए गए थे, जिसमें उक्त लैब द्वारा परिवादी की ब्लड ग्रुप रिपोर्ट बी पॉजिटिव बताई गई थी। आवेदिका द्वारा बेहतर इलाज के लिए भिलाई जाने पर अन्य लैब में जांच करवाए जाने पर यह पाया गया कि आवेदिका का ब्लड ग्रुप बी नेगेटिव था।
ब्लड ग्रुप की गलत जानकारी दिए जाने के कारण आवेदिका और उसके नवजात शिशु का स्वास्थ्य खराब होने से उक्त लैब द्वारा लापरवाही किए जाने के कारण सेवा में कमी हेतु जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत पेश की गई थी।
सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने यह माना है कि आवेदिका, गलत ब्लड ग्रुप का ब्लड चढ़ाये जाने के कारण उसके और नवजात शिशु के स्वास्थ्य में हुए नुकसान को प्रमाणित करने में असफल रही है, किंतु माननीय राष्ट्रीय आयोग के न्याय दृष्टांत को उद्धृत करते हुए जिला उपभोक्ता द्वारा यह माना गया है कि जब गलत रक्त परीक्षण रिपोर्ट दी जाती है तो यह मायने नहीं रखता है कि रोगी को कोई नुकसान हुआ है या नहीं और गलत रक्त परीक्षण रिपोर्ट देना अपने आप में सेवा में कमी है। इस हेतु लैब संचालक को 4 लाख रु की क्षतिपूर्ति का उत्तरदायी माना है।
जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ द्वारा उक्त का आदेश जारी किया गया है।


