बस्तर
8 हथियारबंद लोगों से लड़ बचाई थी पिता की जान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 7 अगस्त। नारायणपुर जिले के झारागाँव में बहादुर बेटी ने 8 हथियारबंद अज्ञात लोगों से लड़ कर अपने पिता सोमधर कोर्राम की जान बचाई। इसकी खबर ‘छत्तीसगढ़’ में प्रकाशित होने के बाद राज्यपाल रमेन डेका के द्वारा उक्त बहादुर बालिका का सम्मान करने के लिए राजभवन भुलाए जाने की बात भी कही है।
ज्ञात हो कि नारायणपुर के झारागांव की बेटी सुशीला के पिता पर दो दिन पहले घर में रात के समय कुछ नकाबधारी हाथ में कुल्हाड़ी व राइफल लेकर उसके पिता की खोज करने के लिए आये थे, जहां नहीं मिलने पर चेतावनी देकर चले गए, लेकिन 1 घंटे के बाद जब उसके पिता सोमधर कोर्राम घर आये तो फिर वही 8 लोग 4 मोटरसाइकिल में वापस घर आये और ग्रामीण के छाती पर कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया।
घटना के तत्काल बाद ग्रामीण की बेटी सुशीला ने बिना हार माने उन हथियारबंद लोगों से बिना डरे अपने साहस का परिचय देते हुए नकाबपोशों के हाथ से कुल्हाड़ी छीनकर अपने घायल पिता को पहले दूसरे कमरे में बंद कर उसकी जान बचाने के साथ ही कुल्हाड़ी को फेंक कर शोरशराबा किया, जिससे आसपास के लोग मौके पर आ पहुँचे, जिसके बाद नकाबपोश हथियारबंद मौके से भाग निकले।
बेटी ने घायल पिता को पहले नारायणपुर के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए उसे मेकाज रेफर किया गया। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद राज्यपाल रमेन डेका ने बच्ची के साहस की सराहना करते हुए बालिका का राज भवन में सम्मान करने की बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि सशस्त्र अज्ञात लोगों से भिड़ कर बच्ची ने न सिर्फ अपनी बहादुरी का परिचय दिया, बल्कि अपने घायल पिता की जान भी बचाई है।
राज्यपाल श्री डेका ने आज के समाचार पत्र में प्रकाशित नारायणपुर जिले में नक्सलियों से लडक़र अपने पिता की जान बचाने वाली साहसी बालिका की खबर को जानकर उसे राजभवन में बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


