बस्तर
जल्द ही मेकाज के जूडा भी जा सकते हैं हड़ताल पर
जगदलपुर, 1 जुलाई। जनवरी माह में जूनियर डॉक्टर से लेकर अन्य डॉक्टरों द्वारा 5 दिनों तक विरोध प्रदर्शन करते हुए अन्य राज्यों में ज्यादा मिल रहे स्टाइपन को छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों को मिले, इस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जहां 5 दिनों के बाद मिले आश्वासन पर इनके द्वारा हड़ताल को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन मांग पूरी होते ना देख एक बार फिर से डॉक्टरों ने हड़ताल में जाने का मन बना लिया है, इसी तारतम्य में सरकार को जगाने के लिए संघ के द्वारा रक्तदान करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। जूडा संघ के अध्यक्ष डॉक्टर प्रशांत कानेपु ने बताया कि वर्तमान में जूनियर डॉक्टर्स को दिये जा रहे मनोदय भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम है। इसके लिए जूनियर डॉक्टर्स द्वारा पिछले दो वर्षो से लगातार पत्राचार एवं बैठक के माध्यम से वेतन वृद्धि हेतु प्रस्ताव प्रेषित किए गए, जूनियर डॉक्टर्स ने इस मांग को लेकर हड़ताल भी किया। इस हड़ताल को स्वयं मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के उपरांत वापस लिया गया था। परंतु इस विषय पर अब तक कोई संज्ञान नही लिया गया, जिससे जूनियर डॉक्टर्स बहुत हताश महसूस कर रहे है।
जूनियर डॉक्टर्स ने पुन: इस विषय को लेकर नेशनल डॉक्टर्स डे पर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में रक्तदान के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर्स डे पर मीडिया ने माध्यम से अपनी मांगों को पुन: याद दिलाया एवं मांगे न पूरी होने पर राज्य के सारे मेडिकल कॉलेज में पुन: हड़ताल करने की चेतावनी दी है। जूनियर डॉक्टर्स अगर फिर से हड़ताल में जाते है तो सारे मेडिकल कॉलेजों में फिर से मरीजों एवं परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


