बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 26 जून। बस्तर के प्रमुख प्राकृतिक धरोहर में से एक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, प्रदेश में पर्यटन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रमुख केंद्रों में से एक है। यहां पर जाने वाली विशेष जैव विविधता के कारण इसे वन्यजीव संरक्षण के महत्वपूर्ण स्थान के रूप जाना जाता है। राष्ट्रीय उद्यान के कोटमसर ग्राम में 24 जून को एक दिवसीय वाइल्ड लाइफ मोनिटरिंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था, जिसमें वन्यजीव सर्वे टेक्नीक्स और कैमरा ट्रैप मॉनिटरिंग विषय रखे गए थे । प्रशिक्षण में समस्त मैदानी अमला, पैट्रोलिंग गार्ड , मैना मित्र और मगर मित्र आदि उपस्थित थे।
इस कार्यशाला में अनम हसन पीएचडी स्कॉलर यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिसौरी, कोलंबिया, यूएसए द्वारा वन्य जीव संरक्षण एवं मॉनिटरिंग में विभिन्न पद्धतियों के बारे में अवगत कराया गया।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक धम्मशील गणवीर ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उद्यान के कर्मचारियों को वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक धरोहर की सरंक्षण में मदद मिलेगी साथ ही जरूरी तकनीकों और अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त होने से कर्मचारियों को अपने ज्ञान और कौशल को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।


