बस्तर
जिस सडक़ की निविदा जारी हो चुकी है, उसके लिए दे रहे धरना- आरोप
जगदलपुर, 18 जून। संसदीय सचिव व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि बस्तर में मुद्दाविहीन हो चुकी भाजपा झूठा प्रलाप कर रही है। एनएच से नगरनार तक जाने वाली जिस सडक़ के लिए धरना देकर जनता को बरगलाने की कोशिश भाजपा नेता कर रहे हैं, प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद उसका टेंडर ही जारी हो चुका है।
विधायक जैन ने कहा है कि भाजपा का धरना-प्रदर्शन महज राजनैतिक ड्रामा है। स्वीकृत सडक़ के लिए धरना प्रदर्शन करना केवल राजनीति प्रेरित है। जनता इसे समझ चुकी है।
विधायक ने कहा कि शनिवार को पूर्व विधायक- महापौर व अन्य भाजपा नेताओं ने धरना- प्रदर्शन किया था, जबकि उनके प्रयास से इस मार्ग के निर्माण के लिए 24 मई 2023 को ही प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है जिसका टेंडर भी जारी हो चुका है।
विधायक श्री जैन ने कहा है कि 15 साल के भाजपा शासन में महज तकनिकी स्वीकृति लेकर काम का ढिंढोरा पीटा जाता था। भाजपा सरकार इन्हें प्रशासकीय स्वीकृति नहीं देती थी। ऐसे ही अनेक कार्यों का ढिंढोरा पीटते कतिपय पूर्व जन प्रतिनिधि घूम रहे हैं। रेखचंद जैन ने बताया कि मंत्रालय द्वारा पत्र क्रमांक 2443/एफ 2-3/22-2/2023 दिनांक 24 मई 2023 के पत्र में उक्त सडक़ के नव निर्माण हेतु 1210.06 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है ।
जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से माड़पाल, नगरनार होते हुए भेजापदर मार्ग का नवनिर्माण किया जाना है। इसके अलावा, जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के तीन और मार्गों एनएच 43 से चोकावाडा स्कूलपारा लागत 166.16 लाख, सरगीपाल ग्रामीण आवास प्लाट से सरगीपाल ग्रामीण तक लागत 164.69 लाख एवं एनएच 43 से स्कूलपारा जीरागांव तक लागत 252.77 लाख रुपए के नवनिर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन समस्त कार्यों की टेंडर प्रक्रिया जारी है। इन मार्गो का नवनिर्माण कार्य जल्द ही आरंभ हो जाएगा।
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर ग्रामीण सडक़ों के निर्माण के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृत किए गए सडक़ों के लिए भाजपा का धरना-प्रदर्शन महज राजनीतिक ड्रामा है, हमारी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों के जितने सडक़ों का नवनिर्माण एवं नवीकरणीय हुआ है उतना भाजपा के 15 सालों में नहीं हुआ था और भाजपा के स्थानीय नेताओं को यह पच नहीं रहा है। आज भाजपा के नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए इस तरह की राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रहे हैं।


