बस्तर
जगदलपुर, 11 मई। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 15 (1) अनुसार जघन्य अपराध के प्रकरणों में प्रारंभिक निर्धारण की कार्यवाही में किशोर न्याय बोर्ड , जगदलपुर को सहायता हेतु गठित पैनल के मनोवैज्ञानिक, मनोसामाजिक कार्यकर्ता, अन्य विशेषज्ञ सदस्य की बैठक हुई। बैठक में विधि विरुद्ध कार्य करने वाले बालक एवं उनके प्रकरण से सम्बंधित दस्तावेज प्रस्तुत किये गए।
मनोसामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र पाणीग्राही ने बताया कि इससे दुष्कर्म, हत्या, अपहरण जैसे सात साल से ज्यादा सजा के प्रावधान वाले जघन्य अपराधों का निर्धारण किया जाता है।
प्रकरण से सबंधित दस्तावेज का गहनता से अवलोकन किया गया एवं विधि विरुद्ध कार्य करने वाले बालकों से भी चर्चा की गई। विधि विरुद्ध बालक के द्वारा अपराध करने और उसके परिणामों की समझ के बारे में उसकी मानसिक एवं शारीरिक क्षमता का निर्धारण किया गया। पैनल सदस्य डॉ. सी. मरियम मनोचिकित्सक, डॉ. यूएस साहू एवं रंजीता देवांगन परामर्शदाता महिला एवं बाल विकास जिला बाल संरक्षण इकाई ने भी विधि विरुद्ध बालकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं प्रकरण के संबंध में चर्चा की एवं प्रकरण का प्रारंभिक निर्धारण किया गया। पैनल सदस्यों ने अब तक लगभग 140 से अधिक जघन्य अपराधों का प्रारंभिक निर्धारण किया जा चुका है।


