बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 5 अप्रैल। एक और सरकार स्वच्छ भारत योजना को लेकर आमजन पर घरों में शौचालयों निर्माण को लेकर आए दिन नए-नए फरमान जारी कर रही है, वहीं दूसरी और तहसील कार्यालय बस्तर में बने शौचालयों के हाल बेहाल है। ये शौचालय गंदगी से अटे पड़े है। कई तो कबाड़ रुप का धारण कर रहे है। अब ऐसी स्थिति में तहसील में आने आमजन, कर्मचारियों को इन सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है।
सरकार द्वारा आए दिन प्रशासनिक अधिकारियों पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने समय-समय पर स्वच्छ भारत योजना के तहत कार्यालयों में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों से साफ-सफाई कराई जाती है। लेकिन बस्तर के तहसील कार्यालय में इसका कोई असर दिखाई नहीं देता है। यहां कर्मचारियों आमजन की सुविधा के लिए वर्षों पहले बने शौचालय बाथरूम के हाल बेहाल हो चुके है। लंबे समय से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे इन शौचालयों की साफ - सफाई के प्रति आज तक प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया।
तहसील कार्यालय में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग कामों को लेकर आते है। ऐसे में उन्हें इन सुविधाओं के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। नाम नहीं छापने की सर्त में काम कराने आये ग्रामीणों का कहना है की शौचालय नहीं होने से हमें काफी परेशानी होती है।
तहसील कैम्पस में बनी शौचालय कबाड़ हो चुकी है, पानी की सुविधा भी नहीं है, और गंदगी पसरी है, वहीं सबसे ज्यादा महिलाओं को परेशानी होती पुरुष तो अपना मूत्र का त्याग कहीं कोने में दीवार का सहारा लेकर कर सकते है, लेकिन महिलाओं के लिए ऐसा कही कोई स्थान नहीं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यही परेशानी से यहां के कर्मचारी भी जूझते है, कार्यालय के अंदर में एक शौचालय है जहां आमजन व कर्मचारी उपयोग कर सकते है लेकिन उपयोग करने के लिए इसलिए मना किया है, क्योंकि इसका उपयोग तहसीलदार व एसडीएम साहब करते है। गौर करने लायक बात तो यह है कि समय समय पर तहसील कार्यालय का प्रशासन के उच्चाधिकारी भी निरीक्षण करते है, लेकिन वे भी इस और कोई ध्यान नहीं देते है।


