बस्तर

बेटे की मौत, परिजनों ने शव ले जाने से किया मना, निगम ने किया अंतिम संस्कार
05-Mar-2023 6:30 PM
बेटे की मौत, परिजनों ने शव ले जाने से किया मना, निगम ने किया अंतिम संस्कार

8 वर्षों से कर रहा था एनएमडीसी में काम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 5 मार्च।
पश्चिम बंगाल का युवक विगत 8 वर्षों से जगदलपुर के एनएमडीसी में काम रहा था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे मेकाज में भर्ती किया गया, जहां  उपचार के दौरान मौत हो गई, मामले की जानकारी परिजनों को देने के बाद भी परिजन शव को लेने से मना कर दिया गया, जिसके चलते युवक के शव का कफन-दफन निगम ने किया। 

नगरनार की वार्ड मेंबर मधु स्मिता के पति अगस्ट्रीन ने बताया कि वेस्ट बंगाल निवासी सुजीत चक्रवती (30 वर्ष) विगत 8 वर्षों से जगदलपुर के नगरनार स्थित  एनएमडीसी में वेल्डर का काम कर रहा था, इसके अलावा धनपुंजी में हस्ती नाम की एक महिला के घर किराए से रह रहा था। काम के दौरान 2 मार्च को सुजीत का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे मेकाज में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

 घटना की जानकारी मकान मालिक ने मृतक के परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने साफ तौर पर कह दिया कि मृतक से कोई संबध नहीं है, इसके अलावा शव को लेने के लिए भी नहीं आएंगे।

 पुलिस व एनएमडीसी के कर्मचारियों के बार-बार आग्रह करने के बाद भी परिजनों ने आने से मना कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शव को मरचुरी में रख दिया गया, जहां 5 मार्च को शव का पीएम के बाद नगर निगम को सौंप दिया गया। निगम ने पूरे रीति रिवाज से सुजीत का अंतिम संस्कार किया।


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