बस्तर

वर्ष 2022 पुलिस विभाग के लिए रहा अच्छा- आईजी
11-Jan-2023 8:47 PM
वर्ष 2022 पुलिस विभाग के लिए रहा अच्छा- आईजी

   नक्सली घटनाएं भी हुए कम, खुले 54 नवीन कैंप   
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
जगदलपुर, 11 जनवरी।
बुधवार को बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने लालबाग स्थित कोऑर्डिनेशन सेंटर में नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया। इस दौरान आईजी ने सालभर के दौरान मिली सफलताओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी, साथ ही कैलेंडर का विमोचन भी किया।

आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की विश्वास विकास सुरक्षा त्रिवेणी कार्ययोजना के अनुरूप बस्तर क्षेत्र में तैनात छत्तीसगढ़ पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं सशस्त्र सुरक्षा बल द्वारा बेहतरीन कार्य करते हुए नक्सल गतिविधियों के ऊपर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। आगामी दिनों में इस कार्ययोजना को और बेहतर करते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने के साथ-साथ विकास कार्य को गति प्रदान करने के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित की जाएगी। 

बस्तर संभाग अंतर्गत नक्सल हिंसा संबंधी अपराधों में वर्ष 2019, 2020, 2021 एवं 2022 में घटित नक्सल घटनाएं एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दिया गया, जिसमें 2019 में जहां नक्सल अपराध 307 था, जबकि 2020 में 316, 2021 में 231 व 2022 में 227 था। इसके अलावा पुलिस व नक्सलियों के बीच 2019 में 106, 2020 में 108, 2021 में 82 व 2022 में 68 मुठभेड़ हुए, इसके अलावा पुलिस नक्सली हमले में वर्ष 2019 में 65, 2020 में  36, 2021 में 47 व 2022 में 30 नक्सली मारे गए है, इसके अलावा चार वर्ष जिसमें 2019 में 311, 2020 में 342, 2021 में 551व 2022 में 415 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, वहीं वर्ष 2019 में 499, 2020 में 431, 2021 में 494 व 2022 में 290 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं।

पुलिस ने वर्ष 2019 में 124, 2020 में 89, 2021 में 78 व 2022 में 130 हथियार नक्सलियों से बरामद किया गया है। वर्ष 2019 में 21, 2020 में 36, 2021 में 46 व 2022 में 9 सुरक्षा बल के सदस्य शहीद हुए हैं, वहीं 2019 में 7, 2020 में 18, 2021 में 17, 2022 में 1 हथियार अब तक नक्सली ने पुलिस से लूटे हैं, इनके अलावा नक्सलियों के द्वारा 2019 में 47, 2020 में 47, 2021 में 33 व 2022 में 31 आमजनों को नक्सलियों ने मार दिया। इसके अलावा पुलिस द्वारा बस्तर संभाग में वर्ष 2022 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ क्षेत्र की जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों हेतु 18 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किये गये।
 
ज्ञात हो कि विगत 4 वर्षों में बस्तर संभाग अंतर्गत कुल 54 नवीन सुरक्षा कैम्प / थाना स्थापित किये गये, जिसमें बस्तर जिले में थाना बोदली, तिरिया, भडरीमहु, रेखाघाटी, चांदामेटा, कांटाबास शामिल है, दन्तेवाड़ा जिले में पोटाली, छिन्दनार, बड़ेकरका, चिकपाल, टेटम, भोगाम, नहाड़ी, हिरोली, कामालूर शामिल हैं। 

कोंडागांव जिले में पुगारपाल, अनतपुर, कुएमारी व कुदूर है, बीजापुर जिले में एटेपाल, पुसनार, तर्रेम, बेचापाल, धरभावरम, फुण्डरी, गलगम, नगूर, जैगुर, मिनकापल्ली, नम्बी, शामिल हैं। नारायणपुर जिले में कडेमेटा, खोडग़ाव, डोगरहिल्स, अंजरेल, ढोढरीबेड़ा है। कांकेर जिले में सुरेली, कामतेड़ा, कटगांव, पाढरगांव, अर्रा, चिलपरस है। सुकमा जिले में कमारगुड़ा, मिनपा, बड़ेसेट्टी, मुकरम नाला, मनकापाल, सिलगेर (मोकुर), कोलाईगुडा, करीगुण्डम, पोटकपल्ली, एलमागुड़ा, पिडमेल, डब्बाकोंटा कुंदेल है।

इस अवसर पर डीआईजी कांकेर रेंज बालाजी राव,  डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र सिंह मीणा, डीआईजी कोबरा अखिलेश सिंह, आईटीबीपी के सीओ राकेश कुमार, सीआरपीएफ के सीओ जितेंद्र कुमार, बीएसएफ के सीओ एके सिंह, सीमा सुरक्षा बल के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट राजकुमार कुमावत उपस्थित रहे।


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