बस्तर
सामुदायिक भवन निर्माण का संसदीय सचिव ने किया भूमिपूजन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 26 दिसम्बर। अखिल भारतीय हल्बा/हल्बी समाज के सामुदायिक भवन निर्माण का संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने शनिवार को कालीपुर में भूमिपूजन किया।
मुख्य अतिथि की आसंदी से समाज जनों को संबोधित करते उन्होंने मुख्यमंत्री, सांसद, प्रभारी मंत्री व बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष की ओर से समाज जनों को बधाई दी और देवी- देवताओं का जयकारा लगवाया।
श्री जैन ने बस्तर अंचल के विकास के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और उनके नेतृत्व में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्य बताए। देवगुड़ी संरक्षण को कांग्रेस सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेखचंद जैन ने लोहन्डीगुड़ा क्षेत्र में स्टील प्लांट न लगने पर किसानों से ली गई जमीन की वापसी, वनाधिकार पट्टा, 65 प्रकार के वनोपजों की खरीदी, स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूल आदि कार्य भी गिनाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गढबो नवा छत्तीसगढ़ के तहत जो कार्य कर रहे हैं, उसका परिणाम सामने आने लगा है। समाज में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन के कारण लोग भूपेश है तो भरोसा है, की बात कह रहे हैं।
श्री जैन ने कहा कि हल्बा समाज मेरा परिवार है। समाज के भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से 5 लाख 92 हजार रुपये दिया है। आगे भी पैसे की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
इससे पूर्व कार्यक्रम का स्वागत भाषण हल्बा समाज के जिला अध्यक्ष डा टीआर रात्रे ने प्रस्तुत किया। उन्होने विधायक की मौजूदगी को समाज के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण बताया और समाजों के दुख- सुख में हमेशा उपस्थित रहने वाला बताया। डा रात्रे ने कहा कि हल्बा समाज के कर्मवीरों ने देश के विकास में योगदान दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समाजों में समन्वय स्थापित करने का काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान खगपति देहारी, चमरु राम राऊत, सियाराम चनाब, केएल भंडारी, जीआर रावटे, खगेश्वर भोयर, माहरू राम, ओपी भुआर्य, जीएल कोकिला, आरएस सूर्यवंशी, उमेश ठाकुर, शकुन्तला, गिरिवर रावटे, केआर ठाकुर, श्रीमती अनिता रात्रे, सुकेंद्र नायक, भरत राहुल, सोनादेई, केआर रात्रे आदि मौजूद थे। कार्यक्रम संचालन संजीवन भुआर्य ने किया। इस दौरान कांग्रेस महामंत्री गौरनाथ नाग, कौशल नागवंशी, अमरनाथ सिंह, सुरेन्द्र झा, कमलेश पाठक, विजय सिंह समेत अन्य कांग्रेसजन भी मौजूद थे।


