बस्तर

‘नाट’ ने बाल श्रम पर बनाई टेलीफिल्म ‘प्रयास’
24-Dec-2022 3:22 PM
‘नाट’ ने बाल श्रम पर बनाई टेलीफिल्म ‘प्रयास’

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर,  24 दिसंबर।
बस्तर की लोक कला एवं संस्कृति को उचित पहचान दिलाने व स्थानीय कलाकारों उचित मंच दिलाने की ओर ‘नाट’  संस्था सतत प्रयासरत रहती है। इसी उद्देश्य से स्थानीय कलाकारों के द्वारा ‘नाट’  नामक संस्था का गठन किया गया था, जो स्थानीय कलाकारों को विभिन्न स्तरों पांच उपलब्ध कराने की ओर सतत कार्यरत है।

गौरतलब है कि ‘नाट’ के तत्वावधान में बीते दिनों ‘प्रयास’  नामक टेलीफिल्म की शूटिंग पूरी की जा चुकी है, जिसमें बस्तर में व्याप्त बालश्रम पर नाट एवं दूरदर्शन की संयुक्त तत्वावधान में एक सारगर्भित टेलीफिल्म का निर्माण किया गया है।
इस टेलीफिल्म में यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि कोई भी बच्चा बाल श्रम करने के लिए क्यों मजबूर होता है, क्यों विवश होता है और किन परिस्थितोयों के वजह से बालश्रम करने हेतु प्रेरित होता है। शासन-प्रशासन बाल श्रमिकों, बाल मजदूरों के ऊपर कार्रवाई कर इतिश्री कर लेती हैं, किंतु उचित समाधान न होने के अभाव में बाल श्रमिक एवं उनके परिजन दोनों ही परेशान होते हैं। इसी असमंजस एवं पीड़ा को ‘नाट’  के द्वारा ‘प्रयास’  नामक टेलीविजन के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है।
‘नाट’  के संस्थापक परमेश राजा, शैलेन्द्र पांडेय एवं हरीश साहू ने संयुक्त बयान में कहा कि इस टेलीफिल्म की शूटिंग में ‘नाट’ संस्था के 12 कलाकारों एवं दूरदर्शन के तकनीकी स्टाफ को 2 दिन का वक्त लगा, जो विभिन्न लोकेशनों के माध्यम से ‘प्रयास’  नामक इस टेलीफिल्म फिल्म को मूर्त रूप दिया जा सका।

‘नाट’  संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र पांडे एवं संस्था के महासचिव हरीश साहू ने बताया कि ‘नाट’ लगातार बस्तर की लोक कला व बस्तर की संस्कृति को सहेजने एवं संजोने के लिए तरह-तरह के प्रयास करती रहती है, इसी तारतम्य में बस्तर के ज्यादातर क्षेत्रों में बच्चे पढ़ाई-लिखाई छोड़ कर बालश्रम की ओर अग्रसर हो जाते हैं और परिवार के भरणपोषण में लग जाते हैं। बस्तर में बढ़ रही इस विकराल समस्या की ध्यान आकर्षित करने ‘नाट’  के द्वारा ‘प्रयास’  के जरिये एक छोटा सा संदेश देने का प्रयास किया गया है।

संस्था के संस्थापकों ने आगे बताया कि अभी ‘नाट’  के बैनर तले कई अन्य नाटकों व टेलीफिल्म्स का मंचन किया जाना है जिनमें मुख्य रूप से कुकडागाली, झुनकी चो सल्फी, महुआ, लाटाफांदा, रांदा जैसे अनेक नाम अग्रणी है, जिन पर सतत कार्य चल रहा है।

‘नाट’  की ‘प्रयास’ में शैलेन्द्र पांडे, हरीश साहू, शिवप्रकाश सी.जी, किशन बघेल, सागर श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह ठाकुर, लक्ष्मीनारायण पांडे, मनीष पाणिग्रही, अंजली कध्याप, सुमनलता नाग, नम्रता कश्यप, स्मिता वर्मा, भारती पाणिग्रही मार्गदर्शन विपिन दीवान, विशेष मार्गदर्शन परमेश राजा व लेखक राहुल पांडेय आदि शामिल रहे।


अन्य पोस्ट