बस्तर
जगदलपुर, 12 दिसंबर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष/इंद्रावती विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने इन दौड़ती भागती सडक़ों पर निर्माण सुविधा और सडक़ों की समीक्षा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब पाठ्यक्रम में सडक़ सुरक्षा का पाठ सम्मिलित किया जाएगा, राज्य सरकार का यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण तथा स्वागतेय है। हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि राज्य सरकार की इस पहल से सडक़ दुर्घटना में एक कमी अवश्य आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि बचपन से ही सुरक्षित यातायात की सीख देने के निश्चित ही सकारात्मक परिणाम आएंगे। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से दसवीं तक के पाठ्यक्रम में यातायात के नियम सडक़ दुर्घटना से बचाव के उपाय दुर्घटना के पश्चात आपात स्थिति से निपटने आदि के संबंध में क्रमबद्ध पाठ्यक्रम संधारित करने का निर्णय लिया है. राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में कक्षा एक से दसवीं तक की किताबों के लिए सडक़ सुरक्षा का पाठ्यक्रम बनाना शुरू कर दिया है राज्य सरकार की यह पहल सराहनीय है, जिसका सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेगा।
श्री शर्मा ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से राज्य के स्कूलों में सडक़ सुरक्षा संबंधी पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। सुरक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है विश्व भर में प्रतिवर्ष सडक़ दुर्घटनाओं के आंकड़े अचंभित करने वाले हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, स्कूल के पाठ्यक्रम में इससे संबंधित कुछ पाठ पूर्व से ही है, किंतु इनमें क्रमबद्धता नहीं है।
एससीईआरटी प्राथमिक माध्यमिक व उच्च की कक्षाओं के अनुसार पाठ्यक्रम निर्माण में लगी है इसका तात्पर्य यह है कि प्राथमिक स्तर में चित्रों के माध्यम से हरे और लाल संकेतों का क्या अर्थ है, यह बताया जाएगा तो उच्च स्तर की कक्षाओं में यातायात के नियमों व सावधानियां से संबंधित पाठ्य और प्रश्नोत्तर होंगे, बाल्यकाल से विद्यार्थियों को सडक़ सुरक्षा की घुट्टी पिलाने के निर्णय की विशेषज्ञ प्रशंसा कर रहे हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करने से कई दुर्घटनाएं टाली जा सकती हैं मार्ग पर अंधे मोड़, स्कूल, अस्पताल, ब्रेकर, दुर्घटनाजन्य क्षेत्र आदि के संकेतक लगे होते हैं परंतु ऐसे कम ही चालक होते हैं जो इन पर ध्यान देते हैं। जागरूकता और जिम्मेदारी के अभाव में नियमों की अनदेखी की जाती है। पाठ्यक्रम में सडक़ सुरक्षा के सम्मिलित होने से बच्चों के मन में तो नियमों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जगेगा ही स्वजन को भी वे सीख दे सकेंगे।


