बस्तर
गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई, तमिलनाडु सरकार से रिहाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 20 फरवरी। तमिलनाडु के तंजावुर में लावण्या नामक छात्रा की आत्महत्या मामले में अभाविप ने देश भर में मोर्चा खोला है। जगदलपुर में दोषियों पर कार्रवाई व चेन्नई में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी समेत छात्रनेताओं के असंवैधानिक गिरफ्तार पर आपत्ति जताई है। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है।
अभाविप नगर मंत्री यश ध्रुव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार का लावण्या मामले में व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।
अभाविप के विभाग संयोजक अर्पित मिश्रा ने कहा कि तमिलनाडु के चेन्नई में लावण्या की न्याय के मांग को लेकर सीएम हाउस का घेराव करने आंदोलनरत अभाविप कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक असंवैधानिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। क्या तमिलनाडु की सरकार उस लावण्या को न्याय नहीं देना चाहती, यह बड़ा सवाल है।
अभाविप जिला संयोजक कमलेश दीवान ने मिशनरी द्वारा संचालित स्कूलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर में भी शिक्षा स्वास्थ्य सेवा के नाम पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में केंद्र बनाकर भोले भाले लोगों का शोषण किया जा रहा है पिछले कुछ साल दक्षिण बस्तर की एक छात्रा को नन बनाने मध्यप्रदेश ले जा रही सिस्टर कांकेर में पकड़ाई थी, ऐसे ही कई मामले देश भर में है इसलिए लावण्या मामले को दबाया जा रहा है ताकि इनके कृत्यों का उजागर न हो सके।
प्रदर्शन के दौरान अर्पित मिश्रा,मनीष वर्मा, कमलेश दीवान, यश ध्रुव, सोनू कश्यप, राजेंद्र ठाकुर, अच्युत सामंत,टिकेश नाग, कार्तिक जैन,आसमन बघेल , ईश्वर आचार्य , प्रवीण भोयर, लखेश्वर बैध, नीलू मौर्य, सरस्वती, शुभम बघेल, कोमल देव, वेदप्रकाश, पितेश्वर बघेल,गजेंद्र बघेल, सौरभ,पंकज, दीपक, संजय मुखर्जी, अजय पाणिग्राही ,हेमराज बंछोर, चन्दन कश्यप,जयप्रकाश समेत अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


