बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 1 फरवरी। नारायणपुर जिले में सप्ताह भर पहले पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए मानूराम मुरेठी के बारे में पुलिस महा निरीक्षक अति सुंदर राज ने स्वीकार किया है कि वह नक्सली नहीं था।
पत्रकारों से बात करते हुए आईजी ने कहा कि मामले की जांच से सामने आया है कि युवक मानूराम नुरेटी शिकार करने के लिए भरमार बंदूक के साथ जंगल गया था और क्रॉस फायरिंग में उसकी मौत हो गई।
ज्ञात हो कि 24 जनवरी को पुलिस ने रात में सर्चिंग के दौरान भरंडा के जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ होने का दावा किया था। इस दौरान पुलिस की गोली से नुरेटी की मौत हो गई थी। मौत के बाद नारायणपुर जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के सामने ग्रामीणों और उसके परिवार के लोगों ने प्रदर्शन कर कहा था कि वह नक्सली नहीं था पुलिस ने उसकी हत्या की है।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा है कि युवक नक्सली गतिविधि में लिप्त नहीं था। वह केवल शिकार करने के लिए जंगल गया था।
उल्लेखनीय है कि इस मामले को भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने अपने हाथ लिया और 16 सदस्य 3 पूर्व मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बनाई थी। 2 दिन पहले ग्रामीणों से बयान लेने के लिए रेनू राम नुरेटी के गांव भी यह टीम गई थी।
मानूराम का भाई पहले नक्सली था। वह अब आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस के बस्तर टाइगर्स बल में शामिल है। मृतक मानूराम ने भी बस्तर पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन लगाया था।


