बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 30 जनवरी। महिलाओं से प्रधानमंत्री आवास दिलवाने के नाम से की गई अवैध उगाही के विरुद्ध बीजेपी का धरना आठवें दिन भी जारी है। इस धरने का उद्देश्य है कि एफआईआर दर्ज कर आरोपी पार्षद एवं अन्य दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, परंतु आज रिपोर्ट करें चौदहवें दिन भी पुलिस ने पीडि़त महिलाओं के आवेदन पर एफआईआर दर्ज नहीं किया है।
बोधघाट थाना के समक्ष जारी बीजेपी के धरने में बीजेपी के प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं ने शिरकत की है। जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना धरना स्थल पहुंचे।
पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऑडियो वीडियो से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं की इस प्रकरण में संलिप्तता है, इसलिए वह पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर पीडि़त महिलाओं का एफआईआर दर्ज करने में बाधा पहुंचा रहे हैं। शपथ पत्र के जरिए पुलिस प्रशासन से अपने साथ हुए अन्याय का आवेदन दिया है, परंतु इसके बाद भी पुलिस प्रशासन किसके दबाव में एफआईआर करने के लिए आनाकानी कर रहा है?
संतोष बाफना ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कांग्रेस को भी दोषियों पर कार्रवाई कर पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।
निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर प्रवास पर रहे, पीडि़त महिलाओं को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इस मामले में संज्ञान लेकर पुलिस को निष्पक्ष जांच का आदेश देंगे, परंतु मुख्यमंत्री जगदलपुर के अपने नेताओं को बचाने में लगे रहे। पीडि़त महिलाओं द्वारा जारी ऑडियो वीडियो से स्पष्ट होता है कि महापौर सहित कांग्रेस के समस्त बड़े नेता इस संगठित लूट में हिस्सेदार हैं और अब वह मामले का खुलासा हो जाने के बाद पकड़े जाने के डर से पुलिस प्रशासन पर एफआईआर न करने का दबाव बना रहे हैं।
आगे कहा कि कांग्रेस में नैतिकता होती तो वह सबसे पहले उस आरोपी पार्षद को बर्खास्त करते और फिर पुलिस को निष्पक्ष जांच के लिए स्वयं ही लिखते, चूंकि इस मामले में पूरी कांग्रेस पार्टी ही सवालों के घेरे में है, इसलिए वह मामले की लीपापोती कर मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, परंतु बीजेपी पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी, और कांग्रेस पार्टी के जितने भी नेता इस प्रकरण में सम्मिलित हैं, सबका पर्दाफाश जनता के समक्ष करेगी।
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री यहां आए, 2 दिन बस्तर में रुके, पर पीडि़त महिलाओं से मिलना उन्हें उचित नहीं लगा। इससे प्रतीत होता है कि इस पूरे लेनदेन में कांग्रेस की भूमिका कहीं न कहीं संदिग्ध है, इसलिए प्रशासन एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन पर सत्ता का दबाव स्पष्ट नजर आ रहा है। पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता जनता के समक्ष प्रश्नों के घेरे में है, पुलिस प्रशासन को यदि अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखनी है, तो उन्हें सत्ता के दबाव से बाहर आकर पीडि़त महिलाओं को न्याय के लिए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए ।
धरने में संतोष बाफना, श्रीनिवास मिश्रा, रामाश्रय सिंह, संजय पांडेय, सुरेश गुप्ता, दिगंबर राव मोती राम बघेल धनसिंह नायक आलोक अवस्थी, ममता पोटाई, दयावती देवांगन, खेम सिंह देवांगन, अविनाश श्रीवास्तव, मनोज पटेल, रिंकू पांडे, संतोष त्रिपाठी, डॉ. श्रेयांश जैन, राकेश तिवारी, गीता नाग, मीना विश्वकर्मा, राधा बघेल, ममता राणा, कृष्णा राय, अलका राजेश श्रीवास्तव, महेश कश्यप, संग्राम सिंह राणा, सुरेश कश्यप, शशिनाथ पाठक, कमल पटवा, संतोष बाजपेई, योगेश शुक्ला, लक्ष्मण झा, राजा यादव, राजकुमार मंडावी, संजय चंद्राकर, सतीश बाजपाई, आदर्श ठाकुर, मनोज पटेल, विनीत शुक्ला, अमरनाथ झा, गणेश कॉले, संतोष बाजपाई आशतोस प्रसाद आचार्य गजेन्द्र साहू, आलेख राज तिवारी राज पांडेय, सूरज मिश्र, राज बाजपेई लोकेश राव, भुवनेश ध्रुव, सुरेश कश्यप, आनंद झा, सूर्यभूषण सिंह, शशि पाठक, वीरेंद्र जोशी, कमल पटवा ,संतोष बाजपेई, मनोज बघेल, बुधराम जाने, पितांबर भारती, झरना बघेल, राजकुमारी हरिजन, सविता जाने, कस्तूरबा भारती, रानी सिंह, सोमारी दुर्गा, सुशीला दीप, सरस्वती तांडे, श्यामली सुभद्रा, दुर्गा, फूलदेई कश्यप, चंद्रकला, मनी बघेल, भानु भारती, सिमरन, पूरण बघेल, अंजना भारती एवं अन्य सैकड़ों की संख्या में उपस्थित थे।


