बलरामपुर

राजपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष और पंचायत सचिव आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा विवाद
29-Apr-2026 9:46 PM
राजपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष और पंचायत सचिव आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा विवाद

सचिव संघ ने सौंपा ज्ञापन, उत्पीडऩ का आरोप, मंडल अध्यक्ष ने शिकायतों को बताया जनहित से जुड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजपुर, 29 अप्रैल। बलरामपुर जिला के जनपद क्षेत्र के बरियों ग्राम पंचायत में भाजपा मंडल अध्यक्ष और पंचायत सचिव के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों के बाद मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है।

बरियों भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने पंचायत सचिव नरेंद्र जायसवाल पर ग्रामीणों से विवादित व्यवहार करने और नियमित रूप से पंचायत कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने का आरोप लगाया है। वहीं, पंचायत सचिव नरेंद्र जायसवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए मंडल अध्यक्ष पर अधूरे कार्यों को पूर्ण दर्शाकर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

विवाद के बढऩे के बाद सचिव संघ भी सक्रिय हो गया है। हाल ही में राजपुर के हरीतिमा परिसर में सचिव संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद संघ ने जिला पंचायत सीईओ और भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर मंडल अध्यक्ष पर अनावश्यक उत्पीडऩ का आरोप लगाया।

ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत बरियों में सीएससी सेंटर के निर्माण कार्य को लेकर मंडल अध्यक्ष द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि कार्य अधूरा होने के बावजूद पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, जबकि पंचायत एजेंसी ने कार्य पूर्ण होने के बाद ही प्रमाण पत्र देने की बात कही। विरोध करने पर सचिव को स्थानांतरण की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है। सचिव संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इधर, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत में कार्य नहीं होने पर वे संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते हैं और आवश्यकता पडऩे पर सचिव के स्थानांतरण की अनुशंसा भी की है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य पंचायत एजेंसी द्वारा कराया जाता है और उन पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। साथ ही, उन्होंने सचिव पर ठेकेदारों के माध्यम से गुणवत्ताहीन कार्य कराने का आरोप लगाया।मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


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